24 News Update जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए उन अभ्यर्थियों को राहत दी है, जिन्होंने मूल भर्ती में आवेदन तो किया था, लेकिन विभिन्न कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। अदालत ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को निर्देश दिया है कि ऐसे सभी याचिकाकर्ताओं को आवेदन पत्र में संशोधन (फॉर्म एडिट) का अवसर देकर प्रोविजनल आधार पर सितंबर में होने वाली पुनर्परीक्षा में शामिल किया जाए।न्यायमूर्ति गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने हवा सिंह एवं अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट कहा कि “प्रशासनिक असुविधा किसी पात्र अभ्यर्थी को अवसर से वंचित करने का वैध आधार नहीं हो सकती।” आयोग ने केवल परीक्षा देने वालों को दिया था मौकाआरपीएससी ने 8 मई को जारी प्रेस नोट में एसआई भर्ती-2021 रद्द कर पुनर्परीक्षा कराने की घोषणा की थी। साथ ही केवल उन अभ्यर्थियों को 16 से 30 मई तक आवेदन संशोधन का अवसर दिया गया था, जिन्होंने वर्ष 2021 की मूल परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्र दिए थे। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रघुनंदन शर्मा ने दलील दी कि उन्होंने मूल भर्ती विज्ञापन के तहत विधिवत आवेदन किया था, लेकिन अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इसलिए उन्हें पुनर्भर्ती प्रक्रिया से बाहर करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करते समय वर्ष 2021 की पूरी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे। इस आदेश की पुष्टि 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट भी कर चुका है। ऐसे में “भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थी” की व्याख्या केवल परीक्षा देने वालों तक सीमित नहीं की जा सकती। आरपीएससी ने जताई प्रशासनिक कठिनाईआयोग की ओर से कहा गया कि मूल भर्ती में करीब 4 लाख ऐसे अभ्यर्थी थे जिन्होंने आवेदन तो किया था, लेकिन परीक्षा नहीं दी। इनमें कई अभ्यर्थी अब अन्य नौकरियों में चयनित हो चुके होंगे या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी छोड़ चुके होंगे। ऐसे सभी अभ्यर्थियों को दोबारा शामिल करने पर करीब चार लाख अतिरिक्त आवेदन पत्रों की जांच और छंटनी करनी पड़ेगी, जिससे प्रक्रिया जटिल हो जाएगी। कोर्ट ने क्या कहाहाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि “भर्ती प्रक्रिया में शामिल” शब्द की संकीर्ण व्याख्या कर केवल लिखित परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित करना उचित नहीं है। अदालत ने कहा कि जब भर्ती रद्द हुई है तो समान अवसर का सिद्धांत लागू होगा और पात्र अभ्यर्थियों को केवल प्रशासनिक कारणों से बाहर नहीं रखा जा सकता।इसी आधार पर अदालत ने आरपीएससी को याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट की सुविधा देकर सितंबर में प्रस्तावित पुनर्परीक्षा में अस्थायी (प्रोविजनल) रूप से शामिल करने के निर्देश दिए। भर्ती का पूरा घटनाक्रमएसआई भर्ती-2021 के तहत करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि सितंबर 2021 में आयोजित लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों में 3,83,097 अभ्यर्थी ही शामिल हुए थे। आरपीएससी पुनर्परीक्षा में केवल इन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल कर रहा था। इस भर्ती को 28 अगस्त 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने रद्द कर दिया था। इसके बाद 4 अप्रैल 2026 को डिवीजन बेंच ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। चयनित ट्रेनी एसआई ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की, लेकिन 4 मई 2026 को न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने याचिका खारिज कर हाईकोर्ट के निर्णय को कायम रखा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हो जाइए तैयार…कल से 15 दिवसीय विशेष हेलमेट अभियान, चालक ही नहीं सहयात्री के लिए भी जरूरी रग रग में रिश्वत का दम : जयपुर नगर निगम का जमादार 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार