जयपुर, 03 अक्टूबर। राजस्थान के गांवों में अब चुनावी सरगर्मी तेज होने वाली है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रदेश में चार चरणों में मतदान होगा और करीब 1.69 लाख पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है। इस बार चुनावी तस्वीर पहले के मुकाबले बड़ी है। 41 जिला परिषदों और 457 पंचायत समितियों में चुनाव होंगे। जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होंगे, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव मतपत्र से कराए जाएंगे। 23 अक्टूबर को पहली वोटिंग, 14 नवंबर को आखिरी चरण चुनाव प्रक्रिया के तहत 8 अक्टूबर को चारों चरणों के लिए अधिसूचना और नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर, नाम वापसी 15 अक्टूबर रहेगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार इन चुनावों की मतगणना 20 नवंबर को होगी। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव अलग चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत होंगे। सरपंच चुनाव के लिए मतदान क्रमशः 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को होगा और प्रत्येक चरण में उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां इस बार पंचायतीराज चुनावों का दायरा भी बढ़ा है। वर्तमान चुनाव 41 जिला परिषदों और 457 पंचायत समितियों में हो रहे हैं। इनमें 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे। बाद में निर्वाचित सदस्य जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव करेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच चुने जाएंगे। करीब 1.69 लाख पदों पर प्रतिनिधियों के निर्वाचन की प्रक्रिया इस चुनाव में पूरी होगी। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है। 41 जिला प्रमुख पदों में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि 457 पंचायत समितियों में 221 प्रधान पद महिलाओं के हिस्से में जाएंगे। करीब 7,200 महिला सरपंच भी चुनी जाएंगी। गांवों में आचार संहिता लागू, तबादलों पर रोक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। चुनाव अवधि में सरकार ऐसी नई घोषणा या निर्णय नहीं कर सकेगी, जिससे मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगे। तबादलों और प्रशासनिक फैसलों पर भी चुनावी नियम लागू होंगे। पहले से स्वीकृत अथवा प्रक्रिया में चल रहे कार्यों को नियमों के मुताबिक जारी रखा जा सकेगा। दो तरह की वोटिंग व्यवस्था इस चुनाव की खास बात यह है कि मतदाताओं को अलग-अलग पदों के लिए दो तरह की मतदान व्यवस्था का सामना करना होगा। सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतपत्र, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होगा। यानी अक्टूबर से शुरू होने वाली यह चुनावी प्रक्रिया नवंबर तक गांव से लेकर जिला परिषद स्तर तक नई पंचायतीराज व्यवस्था का चेहरा तय करेगी। उदयपुर में 3 चरणों में पंचायत चुनाव, 590 ग्राम पंचायतों पर होगी वोटिंग; सलूंबर में 207 पंचायतों का चुनाव उदयपुर, 03 अक्टूबर। पंचायतीराज चुनाव के घोषित कार्यक्रम में उदयपुर और नवगठित सलूंबर जिले की चुनावी तस्वीर अलग-अलग नजर आ रही है। उपलब्ध जिला-वार आंकड़ों के अनुसार उदयपुर में 20 पंचायत समितियों की 590 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे, जबकि सलूंबर में 7 पंचायत समितियों की 207 ग्राम पंचायतें चुनावी प्रक्रिया में शामिल हैं। उदयपुर की 590 ग्राम पंचायतों को उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में सबसे ज्यादा 284 ग्राम पंचायतें, दूसरे चरण में 189 और तीसरे चरण में 117 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यानी जिले की करीब 48.1 फीसदी ग्राम पंचायतों में पहले चरण, 32 फीसदी में दूसरे और करीब 19.8 फीसदी में तीसरे चरण में मतदान होगा। उदयपुर में पहले चरण में ही करीब आधी पंचायतें उदयपुर के लिए दिए गए आंकड़ों में पहले चरण में 284 ग्राम पंचायतों और 826 मतदान बूथों का उल्लेख है। यह पूरे जिले की ग्राम पंचायतों का लगभग आधा हिस्सा है। दूसरे चरण में 189 ग्राम पंचायतों के लिए 458 बूथ, जबकि तीसरे चरण में 117 ग्राम पंचायतों के लिए 309 बूथ निर्धारित किए गए हैं। इस तरह उदयपुर में तीन चरणों के लिए कुल 590 ग्राम पंचायतों और 1,593 मतदान बूथों का आंकड़ा सामने आता है। उदयपुरग्राम पंचायतेंमतदान बूथपहला चरण284826दूसरा चरण189458तीसरा चरण117309कुल5901,593 आंकड़ों को प्रतिशत में देखें तो पहले चरण में 48.14%, दूसरे में 32.03% और तीसरे में 19.83% ग्राम पंचायतें आती हैं। बूथों के लिहाज से भी पहले चरण का हिस्सा करीब 51.85% है। सलूंबर में 7 पंचायत समितियां, 207 ग्राम पंचायतें सलूंबर जिले की तस्वीर भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां 7 पंचायत समितियों में कुल 207 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें लसाड़िया, झल्लारा, जयसमंद, सेमारी, सराड़ा, सलूंबर और गीगला पंचायत समितियां शामिल हैं। इनकी ग्राम पंचायत संख्या इस प्रकार है— लसाड़िया — 29 झल्लारा — 35 जयसमंद — 29 सेमारी — 30 सराड़ा — 32 सलूंबर — 31 गीगला — 21 इन सातों पंचायत समितियों में कुल 207 ग्राम पंचायतें और 522 मतदान बूथ दर्ज हैं। सलूंबर में सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें सराड़ा में सलूंबर के पंचायत समिति-वार आंकड़ों में सराड़ा 32 ग्राम पंचायतों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद सलूंबर में 31, सेमारी में 30, जबकि लसाड़िया और जयसमंद में 29-29 ग्राम पंचायतें हैं। झल्लारा में 35 ग्राम पंचायतें दर्ज हैं और गीगला में 21। यहां एक खास बात यह भी है कि उपलब्ध तालिका में सलूंबर की 207 पंचायतों और 522 बूथों का आंकड़ा एक साथ दिया गया है, जबकि चरणवार विभाजन अलग से स्पष्ट नहीं है। दोनों जिलों को मिलाकर 797 ग्राम पंचायतें उदयपुर के 590 और सलूंबर के 207 ग्राम पंचायतों के आंकड़े जोड़ें तो दोनों जिलों में कुल 797 ग्राम पंचायतें आती हैं। इसी तरह उपलब्ध बूथ आंकड़ों के अनुसार उदयपुर के 1,593 और सलूंबर के 522 बूथ मिलाकर 2,115 मतदान बूथ बनते हैं। यानी उदयपुर संभाग के इन दोनों जिलों में पंचायत चुनाव का दायरा काफी बड़ा है। खासकर उदयपुर में पहले चरण में ही 284 ग्राम पंचायतों और 826 बूथों पर चुनाव होने से शुरुआती चरण सबसे बड़ा रहने वाला है। राजसमंद पंचायत चुनाव का डेटा विश्लेषण: 280 ग्राम पंचायतें, दो चरणों में बंटा चुनाव; 904 बूथों पर होगी वोटिंग राजसमंद, 03 अक्टूबर। पंचायतीराज चुनाव 2026 में राजसमंद जिले की 280 ग्राम पंचायतें दो चरणों में बांटी गई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले की 5 पंचायत समितियों की 280 ग्राम पंचायतों में चुनाव होना है। चुनावी व्यवस्था को देखें तो दूसरे चरण का क्षेत्र पहले चरण की तुलना में बड़ा है—दूसरे चरण में 147 ग्राम पंचायतें और 483 बूथ, जबकि पहले चरण में 133 ग्राम पंचायतें हैं। पहले चरण में 133 ग्राम पंचायतें राजसमंद के पहले चरण में पांच पंचायत समितियों को शामिल किया गया है— खमनोर — 30 ग्राम पंचायतें, 108 बूथ देलवाड़ा — 21 ग्राम पंचायतें, 63 बूथ आमेट — 31 ग्राम पंचायतें, 108 बूथ चारभुजा — 25 ग्राम पंचायतें, 73 बूथ कुंभलगढ़ — 26 ग्राम पंचायतें, 69 बूथ इनका योग 133 ग्राम पंचायतें और 421 मतदान बूथ बनता है। पहले चरण में सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें आमेट की 31 हैं, जबकि सबसे कम देलवाड़ा की 21। बूथों की संख्या में खमनोर और आमेट 108-108 बूथ के साथ सबसे आगे हैं। दूसरे चरण में 147 पंचायतें, 483 बूथ दूसरे चरण में चार पंचायत समितियां दिखाई गई हैं— भीम — 39 ग्राम पंचायतें, 122 बूथ देवगढ़ — 26 ग्राम पंचायतें, 98 बूथ राजसमंद — 44 ग्राम पंचायतें, 153 बूथ रेलमगरा — 38 ग्राम पंचायतें, 110 बूथ इनका कुल योग 147 ग्राम पंचायतें और 483 मतदान बूथ है। दूसरे चरण की सबसे बड़ी पंचायत समिति राजसमंद है, जहां अकेले 44 ग्राम पंचायतें और 153 बूथ हैं। इसके बाद भीम की 39 और रेलमगरा की 38 ग्राम पंचायतें हैं। दूसरे चरण में ज्यादा पंचायतें दोनों चरणों की तुलना करें तो तस्वीर साफ है। पहले चरण में 133 ग्राम पंचायतों के मुकाबले दूसरे चरण में 14 ग्राम पंचायतें ज्यादा हैं। बूथों में भी दूसरे चरण का आंकड़ा पहले चरण से 62 अधिक है। कुल 280 ग्राम पंचायतों में— पहला चरण: 133 पंचायतें यानी करीब 47.5% दूसरा चरण: 147 पंचायतें यानी करीब 52.5% इस तरह राजसमंद में ग्राम पंचायतों के लिहाज से चुनाव का थोड़ा बड़ा हिस्सा दूसरे चरण में रखा गया है। राजसमंद पंचायत समिति अकेले सबसे बड़ा हिस्सा पूरे जिले की 280 ग्राम पंचायतों में राजसमंद पंचायत समिति की 44 पंचायतें हैं। यानी जिले की कुल ग्राम पंचायतों में अकेले राजसमंद पंचायत समिति की हिस्सेदारी करीब 15.7 प्रतिशत है। इसके बाद भीम 39, रेलमगरा 38, आमेट 31 और खमनोर 30 ग्राम पंचायतों के साथ बड़े चुनावी ब्लॉक हैं। सबसे कम ग्राम पंचायतें देलवाड़ा में 21 हैं। डूंगरपुर पंचायत चुनाव: दो चरणों में 442 ग्राम पंचायतें, 1167 बूथ; दूसरे चरण में ज्यादा पंचायतें डूंगरपुर, 03 अक्टूबर। डूंगरपुर जिले की 442 ग्राम पंचायतों का चुनाव दो चरणों में बांटा गया है। आपके दिए आंकड़ों के अनुसार दोनों चरणों में कुल 1,167 मतदान बूथ हैं। जिले में 14 पंचायत समितियां हैं और उपलब्ध पंचायतवार आंकड़े भी 442 ग्राम पंचायतों के कुल आंकड़े से मेल खाते हैं। डूंगरपुर जिले में 442 ग्राम पंचायतों और 14 पंचायत समितियों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में भी होती है। पहले चरण में 233 पंचायतें, 595 बूथ पहले चरण में 7 पंचायत समितियों की 233 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनके लिए कुल 595 मतदान बूथ दिए गए हैं। इस चरण का पंचायत समिति वार आंकड़ा: सागवाड़ा — 58 ग्राम पंचायतें, 152 बूथ डूंगरपुर — 28 ग्राम पंचायतें, 80 बूथ पाडवा — 20 ग्राम पंचायतें, 46 बूथ पालदेवल — 19 ग्राम पंचायतें, 89 बूथ सीमलवाड़ा — 34 ग्राम पंचायतें, 90 बूथ बिछीवाड़ा — 30 ग्राम पंचायतें, 45 बूथ झौंथरी — 36 ग्राम पंचायतें, 88 बूथ यानी पहले चरण में जिले की कुल ग्राम पंचायतों की करीब 52.7 प्रतिशत पंचायतें शामिल हैं। दूसरे चरण में 209 पंचायतें, 572 बूथ दूसरे चरण में 7 पंचायत समितियों की 209 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों के लिए कुल 572 मतदान बूथ दर्ज हैं। दूसरे चरण की पंचायत समितियां: गामड़ी अहाड़ा — 18 ग्राम पंचायतें गलियाकोट — 31 ग्राम पंचायतें, 82 बूथ दोवड़ा — 38 ग्राम पंचायतें, 105 बूथ भण्डारी — 23 ग्राम पंचायतें, 56 बूथ चिखली — 31 ग्राम पंचायतें, 81 बूथ साबला — 36 ग्राम पंचायतें, 97 बूथ आसपुर — 40 ग्राम पंचायतें, 108 बूथ चरणों के बीच बड़ा अंतर नहीं दोनों चरणों की तुलना करें तो पहला चरण थोड़ा बड़ा है। पहले चरण में 233 पंचायतें, जबकि दूसरे में 209 पंचायतें हैं। अंतर 24 ग्राम पंचायतों का है। बूथों में भी पहले चरण की संख्या दूसरे चरण से केवल 23 ज्यादा है—595 के मुकाबले 572। कुल 442 ग्राम पंचायतों में: पहला चरण: 233 पंचायतें यानी 52.7% दूसरा चरण: 209 पंचायतें यानी 47.3% सागवाड़ा सबसे बड़ा चुनावी ब्लॉक पूरे डूंगरपुर जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या के लिहाज से सागवाड़ा सबसे बड़ा पंचायत समिति क्षेत्र है। यहां अकेले 58 ग्राम पंचायतें और 152 बूथ हैं। यह जिले की कुल 442 ग्राम पंचायतों का करीब 13.1 प्रतिशत है। दूसरे चरण में आसपुर 40 पंचायतों और 108 बूथों के साथ सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसके बाद दोवड़ा में 38 और साबला तथा झौंथरी में 36-36 ग्राम पंचायतें हैं।भीलवाड़ा पंचायत चुनाव: 511 ग्राम पंचायतें, 16 पंचायत समितियां; पहले चरण में 326 तो दूसरे में 185 पंचायतें भीलवाड़ा, 03 अक्टूबर। पंचायतीराज चुनाव 2026 में भीलवाड़ा जिले की 511 ग्राम पंचायतें 2 चरणों में बांटी गई हैं। जिले में कुल 16 पंचायत समितियां हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पहले चरण में 326 ग्राम पंचायतों के लिए 1,110 मतदान बूथ, जबकि दूसरे चरण में 185 ग्राम पंचायतों के लिए 631 बूथ निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण में जिले की करीब 64% पंचायतें पहले चरण में भीलवाड़ा की 326 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन पंचायतों के लिए 1,110 मतदान बूथ बनाए गए हैं। यानी जिले की कुल ग्राम पंचायतों में करीब 63.8 प्रतिशत पंचायतों का चुनाव पहले चरण में होगा। पहले चरण की पंचायत समितियों में— कोटड़ी — 46 ग्राम पंचायतें, 164 बूथ जहाजपुर — 32 ग्राम पंचायतें, 107 बूथ खजूरी — 27 ग्राम पंचायतें, 87 बूथ मांडलगढ़ — 39 ग्राम पंचायतें, 120 बूथ बिजोलिया — 26 ग्राम पंचायतें, 78 बूथ मांडल — 36 ग्राम पंचायतें, 127 बूथ करैड़ा — 37 ग्राम पंचायतें, 102 बूथ सुवाणा — 54 ग्राम पंचायतें, 217 बूथ बनेड़ा — 29 ग्राम पंचायतें, 108 बूथ इन आंकड़ों में सुवाणा सबसे बड़ा चुनावी क्षेत्र है। यहां अकेले 54 ग्राम पंचायतें और 217 बूथ हैं। दूसरे चरण में 185 ग्राम पंचायतें दूसरे चरण में जिले की 185 ग्राम पंचायतें चुनाव मैदान में होंगी। इनके लिए 631 मतदान बूथ निर्धारित किए गए हैं। इस चरण में— रायपुर — 29 ग्राम पंचायतें, 97 बूथ सहाड़ा — 30 ग्राम पंचायतें, 112 बूथ शाहपुरा — 26 ग्राम पंचायतें, 81 बूथ फूलियाकलां — 25 ग्राम पंचायतें, 97 बूथ आसींद — 27 ग्राम पंचायतें, 82 बूथ शम्भूगढ़ — 24 ग्राम पंचायतें, 75 बूथ हरड़ा — 24 ग्राम पंचायतें, 87 बूथ दूसरे चरण में सहाड़ा 30 ग्राम पंचायतों के साथ सबसे बड़ा क्षेत्र है, जबकि शम्भूगढ़ और हरड़ा में 24-24 पंचायतें हैं। पहले चरण में दोगुने के करीब चुनावी भार दोनों चरणों के आंकड़ों में खास अंतर दिखाई देता है। पहले चरण में 326 पंचायतों के मुकाबले दूसरे चरण में 185 पंचायतें हैं। यानी पहले चरण में 141 ग्राम पंचायतें ज्यादा हैं। बूथों की संख्या में भी बड़ा अंतर है। पहले चरण में 1,110 बूथ हैं, जबकि दूसरे चरण में 631। यानी पहले चरण में 479 बूथ अधिक हैं। कुल 511 ग्राम पंचायतों में: पहला चरण — 326 पंचायतें यानी 63.8% दूसरा चरण — 185 पंचायतें यानी 36.2% सुवाणा सबसे बड़ा, शम्भूगढ़ और हरड़ा सबसे छोटे पूरे जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या के लिहाज से सुवाणा सबसे बड़ा पंचायत समिति क्षेत्र है। यहां 54 ग्राम पंचायतें और 217 बूथ हैं। इसके बाद कोटड़ी में 46 और मांडलगढ़ में 39 पंचायतें हैं। दूसरे चरण में सहाड़ा 30 पंचायतों के साथ सबसे बड़ा क्षेत्र है। वहीं शम्भूगढ़ और हरड़ा में 24-24 ग्राम पंचायतें हैं। कुल तस्वीर: भीलवाड़ा का पंचायतीराज चुनाव मुख्य रूप से पहले चरण में केंद्रित है। जिले की करीब दो-तिहाई ग्राम पंचायतों में पहले चरण में ही मतदान होगा। 16 पंचायत समितियों में से उपलब्ध तालिका के अनुसार 9 पहले और 7 दूसरे चरण में रखी गई हैं। बांसवाड़ा में पंचायत चुनाव: दूसरे चरण में 139, तीसरे में 133 और चौथे चरण में 7 पंचायत समितियां बांसवाड़ा, 03 अक्टूबर। पंचायतीराज चुनाव 2026 में बांसवाड़ा जिले की ग्राम पंचायतों को अलग-अलग चरणों में बांटकर मतदान कराया जाएगा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दूसरे, तीसरे और चौथे चरण में जिले की कुल 277 ग्राम पंचायतें शामिल हैं और इनके लिए 678 मतदान बूथ निर्धारित किए गए हैं। दूसरे चरण में 139 पंचायतें, 372 बूथ दूसरे चरण में 139 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। इनके लिए 372 मतदान बूथ निर्धारित किए गए हैं। इस चरण में प्रमुख पंचायत समितियां और उनका चुनावी आंकड़ा इस प्रकार है— घाटोल — 60 ग्राम पंचायतें, 160 बूथ गनोड़ा — 26 ग्राम पंचायतें, 76 बूथ गांगड़तलाई — 39 ग्राम पंचायतें, 89 बूथ सज्जनगढ़ — 30 ग्राम पंचायतें, 72 बूथ छोटी सरवन — 29 ग्राम पंचायतें, 72 बूथ तलवाड़ा — 24 ग्राम पंचायतें, 64 बूथ गढ़ी — 40 ग्राम पंचायतें, 104 बूथ सरेड़ी बड़ी — 22 ग्राम पंचायतें, 50 बूथ बांसवाड़ा — 53 ग्राम पंचायतें, 138 बूथ इन आंकड़ों में घाटोल सबसे बड़ा चुनावी क्षेत्र है। यहां अकेले 60 ग्राम पंचायतें और 160 मतदान बूथ हैं। इसके बाद बांसवाड़ा में 53 पंचायतें और गढ़ी में 40 पंचायतें हैं। तीसरे चरण में 133 ग्राम पंचायतें, 314 बूथ तीसरे चरण में 133 ग्राम पंचायतों के लिए 314 मतदान बूथ होंगे। इस चरण में प्रमुख रूप से— आनंदपुरी — 30 ग्राम पंचायतें, 68 बूथ छोटी सरवा — 23 ग्राम पंचायतें, 53 बूथ नाहरपुरा — 28 ग्राम पंचायतें, 59 बूथ छोटा डूंगरा — 31 ग्राम पंचायतें, 71 बूथ अरथूना — 34 ग्राम पंचायतें, 92 बूथ शामिल हैं। इस चरण में आनंदपुरी में 30, छोटा डूंगरा में 31 और अरथूना में 34 ग्राम पंचायतें हैं। बूथों की संख्या के लिहाज से अरथूना में 92 बूथ हैं। चौथे चरण का आंकड़ा बेहद छोटा उपलब्ध तालिका में चौथे चरण के लिए 7 ग्राम पंचायतें और 7 मतदान बूथ दर्ज हैं। यानी बांसवाड़ा में दूसरे और तीसरे चरण के मुकाबले चौथे चरण का चुनावी क्षेत्र काफी सीमित है। मुख्य तिथियों का विवरण: मतदान दलों का प्रस्थान/पहुँच: प्रथम चरण: 22.10.2026 (गुरुवार) द्वितीय चरण: 28.10.2026 (बुधवार) तृतीय चरण: 03.11.2026 (मंगलवार) चतुर्थ चरण: 13.11.2026 (शुक्रवार) मतदान की तिथि एवं समय (जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए): प्रथम चरण: 23.10.2026 (शुक्रवार) — प्रात: 7:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक द्वितीय चरण: 29.10.2026 (गुरुवार) — प्रात: 7:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक तृतीय चरण: 04.11.2026 (बुधवार) — प्रात: 7:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक चतुर्थ चरण: 14.11.2026 (शनिवार) — प्रात: 7:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक पंच / सरपंच पद हेतु नामांकन प्रक्रिया की तिथि: प्रथम चरण: 24.10.2026 (शनिवार) द्वितीय चरण: 30.10.2026 (शुक्रवार) तृतीय चरण: 05.11.2026 (गुरुवार) चतुर्थ चरण: 15.11.2026 (रविवार) मतदान की तिथि एवं समय (पंच / सरपंच पद हेतु): प्रथम चरण: 25.10.2026 (रविवार) — प्रात: 7:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक द्वितीय चरण: 31.10.2026 (शनिवार) — प्रात: 7:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक तृतीय चरण: 06.11.2026 (शुक्रवार) — प्रात: 7:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक चतुर्थ चरण: 16.11.2026 (सोमवार) — प्रात: 7:00 बजे से सांय 6:00 बजे तक मतगणना (पंच / सरपंच पद हेतु – ग्राम पंचायत मुख्यालय पर): प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण: मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात् (क्रमशः 25.10.2026, 31.10.2026, 06.11.2026 और 16.11.2026) उपसरपंच का चुनाव: प्रथम चरण: 26.10.2026 (सोमवार) द्वितीय चरण: 01.11.2026 (रविवार) तृतीय चरण: 07.11.2026 (शनिवार) चतुर्थ चरण: 17.11.2026 (मंगलवार) मतगणना की तिथि एवं समय (जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए जिला मुख्यालय पर): 20.11.2026 (शुक्रवार) — प्रात: 8:00 बजे से मतगणना समाप्ति तक (समस्त चरणों हेतु) अन्य प्रमुख चुनाव तिथियाँ: जिला प्रमुख के चुनाव की तिथि: 25.11.2026 (बुधवार) उप जिला प्रमुख के चुनाव की तिथि: 26.11.2026 (गुरुवार) प्रधान के चुनाव की तिथि: 27.11.2026 (शुक्रवार) उप प्रधान के चुनाव की तिथि: 28.11.2026 (शनिवार) Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a 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