24 News Update चित्तौड़गढ़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल यूनिट उदयपुर ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) चित्तौड़गढ़ शाखा की शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मेडिकल बिल और मेडिकल लीव की राशि पास करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।एसीबी को सूचना मिली थी कि हिन्दुस्तान जिंक चंदेरिया में कार्यरत एल एंड टी कंपनी के कर्मचारी दिनेश कुमार गाड़री अगस्त 2025 में ड्यूटी के दौरान अचानक लकवाग्रस्त हो गए थे। उनके मेडिकल बिलों के भुगतान और मेडिकल लीव (छुट्टियों) की राशि स्वीकृत करने के एवज में ESIC चित्तौड़गढ़ शाखा की प्रबंधक संदीपा वोहरा द्वारा रिश्वत मांगी जा रही थी।जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अधिकारी पहले भी एल एंड टी कंपनी के एचआर मैनेजर, पीड़ित कर्मचारी दिनेश कुमार गाड़री और उनके परिजनों पर दबाव बनाकर विभिन्न कर्मचारियों के क्लेम पास करने के नाम पर 40 हजार रुपए की रिश्वत ले चुकी थी। इसके बाद भी अतिरिक्त राशि की मांग जारी थी। सत्यापन में सही मिली शिकायतएसीबी उदयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में मामले का सत्यापन कराया गया। कार्रवाई का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी ने किया, जबकि सत्यापन और ट्रैप की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण डांगी के नेतृत्व वाली टीम ने संभाली।29 मई 2026 को की गई रिश्वत मांग सत्यापन कार्रवाई के दौरान यह प्रमाणित हो गया कि संदीपा वोहरा, दिनेश कुमार गाड़री के मेडिकल बिल और मेडिकल लीव की राशि पास करने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रही थी। सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। शनिवार 30 मई को आरोपी शाखा प्रबंधक ने अपने कार्यालय कक्ष में परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत राशि स्वीकार की। राशि लेते ही पहले से मौजूद एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की रकम बरामद कर ली। पुराने क्लेम मामलों की भी होगी जांचएसीबी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कर्मचारियों के क्लेम पास करने के नाम पर पहले भी अवैध वसूली की जाती रही है। जांच के दायरे में पूर्व में पास किए गए क्लेम और उनसे जुड़े भुगतान प्रकरण भी लिए जा सकते है। आरोपी संदीपा वोहरा से पूछताछ जारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क तथा संभावित अन्य लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ऑडियो पर चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस का हल्लाबोल, मंत्री दक के इस्तीफे की मांग तेज, कहा—एडिटेड ऑडियो है तो जांच हो कि किसने कराया??? मेवाड़ यूनिवर्सिटी पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: नए एडमिशन पर रोक, फर्जी डिग्री जांच के बीच छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल