जयपुर, 04 अक्टूबर। राजस्थान यूथ कांग्रेस के चुनाव परिणाम रविवार को घोषित कर दिए गए। अध्यक्ष पद के लिए अभिषेक चौधरी ने 6.15 लाख वोट हासिल कर सबसे अधिक मत प्राप्त किए और उनका अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। अनिल चोपड़ा 5.45 लाख वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि राजकुमार परसवाल को 1.95 लाख वोट मिले।चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रभारी शीर्ष पैनल के प्रत्याशियों का इंटरव्यू लेंगे। इसके बाद अध्यक्ष समेत अन्य पदों पर विजेता प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। परिणाम सामने आने के बाद अभिषेक चौधरी पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेने भी पहुंचे। 2020 में चुनावी धांधली के आरोपों ने बदला था परिणाम राजस्थान यूथ कांग्रेस में वर्ष 2010 से चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। वर्ष 2023 के चुनाव में अभिमन्यु पूनिया को सर्वाधिक वोट मिले थे और बाद में उन्हें अध्यक्ष बनाया गया था। वर्ष 2020 के चुनाव में सुमित भगासरा सर्वाधिक वोट हासिल कर अध्यक्ष बने थे। हालांकि बाद में मुकेश भाकर ने चुनाव में वोटों में धांधली के आरोप लगाए। जांच के बाद भगासरा को पद से हटाकर मुकेश भाकर को विजयी घोषित किया गया था। मुकेश भाकर वर्ष 2018 में कांग्रेस के टिकट पर लाडनूं विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। जुलाई 2020 में सचिन पायलट के कांग्रेस से बगावत करने के दौरान भाकर भी उनके साथ मानेसर गए थे। इसके बाद उन्हें राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर गणेश घोघरा को अध्यक्ष बनाया गया था। झोटवाड़ा से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं अभिषेक अभिषेक चौधरी विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस के प्रत्याशी रह चुके हैं। उन्होंने 2023 में झोटवाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। भाजपा के राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उन्हें 50,167 वोटों के अंतर से हराया था। राठौड़ को 1,47,913 वोट मिले थे, जबकि अभिषेक चौधरी को 97,746 वोट हासिल हुए थे। जयपुर ग्रामीण से लोकसभा चुनाव में उतरे थे अनिल चोपड़ा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे अनिल चोपड़ा ने 2024 का लोकसभा चुनाव जयपुर ग्रामीण सीट से लड़ा था। उन्हें भाजपा के राव राजेंद्र सिंह ने महज 1,615 वोटों के अंतर से हराया था। चुनाव परिणाम के बाद चोपड़ा ने रिकाउंटिंग की मांग उठाई थी। उन्होंने पोस्टल बैलेट खारिज किए जाने को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी। रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार 1,225 पोस्टल बैलेट खारिज हुए थे, जबकि जीत-हार का अंतर 1,615 वोट था। इसी आधार पर रिकाउंटिंग की मांग खारिज कर दी गई थी। रिकाउंटिंग की मांग खारिज होने के बाद अनिल चोपड़ा रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में धरने पर बैठ गए थे। बाद में उन्होंने इस मामले को लेकर अदालत का भी रुख किया था। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation त्योहारों में आसमानी सफर हुआ हवा—हवाई, लूट सके तो लूट वाला हाल!! जोगणिया माता मंदिर परिसर में गवरी की भीड़ में छिपा था ₹25 हजार का इनामी तस्कर, ANTF ने दबोचा: 3 साल से था फरार, 26 गंभीर मुकदमों में वांछित