24 News Update उदयपुर। मावली क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाली घटना ने शुक्रवार को बड़ा रूप ले लिया। गोवर्धनपुरा जीएसएस पर करंट लगने से ठेका कर्मचारी बंशीलाल जाट की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मावली हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन धरने में बदल गया।करीब पांच घंटे तक चले हंगामे और प्रशासन के साथ लंबी बातचीत के बाद मामला शांत हो सका। प्रशासन ने मृतक परिवार को कुल 12 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए।शाम को गया था ड्यूटी पर, रात में मिला बेसुधघटना गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। गोवर्धनपुरा जीएसएस पर पिछले दो वर्षों से ठेका कर्मचारी के रूप में कार्यरत 45 वर्षीय बंशीलाल जाट काम के दौरान अचानक करंट की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। हादसे में उसके दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए।ग्रामीणों के अनुसार काफी देर तक फोन रिसीव नहीं होने पर लोग जीएसएस पहुंचे तो बंशीलाल जमीन पर बेसुध पड़ा मिला। आनन-फानन में उसे मावली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरी रात मॉर्च्युरी में रहा शव, सुबह भड़क उठा आक्रोशमृत्यु की खबर गांव पहुंचते ही माहौल गम और गुस्से में बदल गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में समय रहते सही इलाज नहीं मिला। रातभर शव मॉर्च्युरी में रखा रहा और शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन और समाजजन अस्पताल पहुंच गए।मॉर्च्युरी के बाहर धरना शुरू हुआ तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजन मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। वहीं ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। एईएन पर लगे गंभीर आरोपधरने के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के एईएन हरिशंकर मीणा के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि एईएन न तो लोगों के फोन उठाते हैं और न ही कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान देते हैं। कुछ ग्रामीणों ने यहां तक आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर पैसों का दबाव बनाया जाता था।ग्रामीणों ने एईएन को हटाने की मांग करते हुए कहा कि विभागीय लापरवाही और असुरक्षित कार्यप्रणाली ने एक गरीब परिवार का सहारा छीन लिया। प्रशासन की समझाइश के बाद टूटा गतिरोधमामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रमेश सीरवी और फतहनगर थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानियां मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से कई दौर की बातचीत की। करीब पांच घंटे तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी। प्रशासन की ओर से मृतक परिवार को कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ग्रामीणों ने बताया कि बंशीलाल जाट अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। परिवार में पत्नी और एक बेटा है। आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार पर हादसे के बाद संकट और गहरा गया है। धरने की सूचना पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष रोशनलाल सुथार, मंडल अध्यक्ष कैलाश गाडरी और कुलदीप सिंह चुंडावत भी अस्पताल पहुंचे Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सेंट एंथोनीज़ स्कूल में मेधा का महाकुंभ, 90% से ऊपर अंक लाने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान एड्स जागरूकता पर लोक कला जत्था कार्यशाला का आयोजन