24 News Update जयपुर। गोटन रेलवे स्टेशन का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। लगभग 18.93 करोड़ रुपए की लागत से हो रहे इस कार्य का उद्देश्य स्टेशन को आधुनिक, सुविधायुक्त और यात्री-केंद्रित परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना है।गोटन नागौर जिले का एक महत्वपूर्ण कस्बा है, जो ऐतिहासिक विरासत, औद्योगिक गतिविधियों और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। चूना पत्थर के विशाल भंडार के कारण यहां सीमेंट उद्योग का तेजी से विकास हुआ, जिससे गोटन ने औद्योगिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। रेलवे लाइन शुरू होने के बाद यह क्षेत्र व्यापार, कृषि और खनिज परिवहन का प्रमुख केंद्र बन गया। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी Amit Sudarshan के अनुसार गोटन रेलवे स्टेशन जोधपुर–जयपुर रेलमार्ग पर स्थित होने के कारण लंबे समय से आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। स्टेशन पर वर्तमान में 20 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव है और प्रतिदिन तीन हजार से अधिक यात्री यहां से सफर करते हैं। विशेष रूप से सीमेंट उद्योग, खनिज परिवहन तथा लोडिंग-अनलोडिंग गतिविधियों में स्टेशन की बड़ी भूमिका रही है। पुनर्विकास कार्य के तहत स्टेशन परिसर में नई आधुनिक स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण किया गया है, जिसमें स्थानीय स्थापत्य शैली की झलक भी देखने को मिलेगी। यात्रियों के लिए विस्तृत वेटिंग हॉल, बेहतर विश्राम क्षेत्र, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों को चौड़ा एवं सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है, ताकि बढ़ती यात्री संख्या के बीच आवागमन सुगम बना रहे। इसके अलावा पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार कर यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। प्लेटफॉर्मों के बीच सुरक्षित आवाजाही के लिए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण किया जा रहा है। स्टेशन को दिव्यांगजन अनुकूल बनाने के लिए रैंप, रेलिंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। स्टेशन परिसर में आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक, बेहतर ड्रेनेज और जल निकासी प्रणाली, सुव्यवस्थित पार्सल कार्यालय तथा इलेक्ट्रिकल रूम भी विकसित किए जा रहे हैं। यात्रियों को रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम और आधुनिक सूचना तंत्र लगाया जा रहा है, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना के अधिकांश प्रमुख कार्य पूरे हो चुके हैं और विभिन्न संरचनाओं पर फिनिशिंग कार्य तेजी से जारी है। निर्माण कार्य में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि स्टेशन आधुनिकता के साथ क्षेत्रीय विरासत का भी प्रतीक बन सके। पुनर्विकसित गोटन रेलवे स्टेशन आने वाले समय में न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देगा, बल्कि औद्योगिक प्रगति और आधुनिक अवसंरचना के संगम के रूप में क्षेत्र की नई पहचान भी स्थापित करेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पीएम मोदी की अपील के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने छोड़ी डीजल कार, ईवी वाहन से पहुंचे कार्यक्रम में सीईटी-2026 में बड़ा बदलाव: अब होगी ऋणात्मक अंक प्रणाली, 3 साल तक मान्य रहेगा स्कोर