उदयपुर। उदयपुर में जुआ खेलने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 16 आरोपियों को सड़क पर ‘मुर्गा’ बनाकर परेड कराने के मामले में अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मनीष कुमार जोशी ने सुनवाई के दौरान इसे “अमानवीय प्रकृति का कृत्य” बताते हुए जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन को संबंधित अधिकारियों से सात दिन में स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में विशेष रूप से डीएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़ और जब्ती अधिकारी आरपीएल (प्रोबेशनर) जगदीश कुमार की भूमिका का उल्लेख किया है। अदालत ने कहा कि आरोपियों को आम सड़क पर मुर्गा बनाकर परेड निकालना तथा उसके वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर प्रचारित करना गंभीर और असंवेदनशील कार्रवाई है। मामला 15 मई 2026 का है, जब पुलिस ने संगठित गिरोह बनाकर जुआ खेलने के आरोप में 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 112(2) और राजस्थान जुआ अध्यादेश के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। अगले दिन सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता अब्दुल अलीम खान ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को सार्वजनिक रूप से मुर्गा बनाकर चलाया और उनकी परेड निकाली। इस पूरी कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए गए, जिससे आरोपियों की गरिमा को ठेस पहुंची। अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत पेन ड्राइव में वीडियो देखने के बाद टिप्पणी की कि पुलिस अधिकारियों द्वारा इस प्रकार का व्यवहार न्यायिक व्यवस्था और मानवाधिकारों की भावना के विपरीत है। कोर्ट ने एसपी उदयपुर को निर्देश दिए कि आरोपियों की परेड और फोटो से संबंधित सामग्री सोशल मीडिया एवं अन्य वेब पोर्टलों से तत्काल हटवाई जाए और इसकी अनुपालना रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाए। हालांकि अदालत ने सभी 16 आरोपियों की प्रथम जमानत याचिका खारिज कर दी। जिन आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त की गई उनमें नरेश, इकबाल, नोशाद, ईरशाद अहमद, सुन्दरलाल, लोकेश, कमल, आशीक, अंशुल, मोहम्मद शोयब, मोहम्मद अशरफ, नईम, नरेश, मोहम्मद राजू, मुकेश और मोहम्मद मोसीन शामिल हैं। अदालत ने आदेश दिया कि सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में रहेंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जनगणना ड्यूटी से गायब 136 कार्मिकों को नोटिस, 6 पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा कामचोर और ढीठ हो गए आरपीएससी के अफसर, कोर्ट में दी अजीब दलील दी — 4 लाख फॉर्म का इंस्पेक्शन मुश्किल, कोर्ट ने कहा—याचिकाकर्ताओं को परीक्षा में शामिल करो..सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा मामला