24 News Udpate उदयपुर। प्रतिभा, मेहनत और सामाजिक सरोकारों से सजी एक प्रभावशाली प्रस्तुति ने राष्ट्रीय स्तर पर उदयपुर का परचम लहरा दिया। शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में आयोजित 71वीं अखिल भारतीय नृत्य एवं नाटक प्रतियोगिता में सेंट एंथनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उदयपुर के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल विद्यालय बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया। विद्यालय की नाट्य प्रस्तुति “गौरी की गौरव गाथा” को प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ बाल नाटक (बेस्ट चिल्ड्रन ड्रामा अवार्ड) का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। बालिका शिक्षा, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष, वैज्ञानिक सोच और सकारात्मक बदलाव जैसे विषयों पर आधारित इस नाटक ने अपनी सशक्त कहानी, प्रभावी अभिनय और भावनात्मक प्रस्तुति से निर्णायकों और दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। मंच पर प्रस्तुत हर दृश्य ने समाज को एक सार्थक संदेश देने का काम किया, जिसके चलते इसे प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का सम्मान मिला। व्यक्तिगत श्रेणियों में भी विद्यार्थियों का जलवा सिर्फ समूह प्रस्तुति ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अभिनय श्रेणियों में भी सेंट एंथनी स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मेहरोज हुसैन को सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता का पुरस्कार मिला, जबकि भाविनी भटनागर ने सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेत्री का खिताब अपने नाम किया। तनिष्क ओझा को द्वितीय सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता, धीर शाह को तृतीय सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता तथा वंशिका चौहान को विशेष अभिनय सम्मान से नवाजा गया। 15 विद्यार्थियों ने जीवंत किया सामाजिक बदलाव का संदेश नाटक में कुल 15 विद्यार्थियों ने अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया और हर किरदार को पूरी संवेदनशीलता के साथ मंच पर उतारा। भाविनी भटनागर ने गौरी, आनंदीबाई और पोती की भूमिका निभाते हुए एक जागरूक एवं संघर्षशील बालिका के चरित्र को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मेहरोज हुसैन ने रामलाल के रूप में परंपरागत सोच और सामाजिक बदलाव के बीच जूझते पिता का किरदार निभाया। वंशिका चौहान ने सीता के रूप में संवेदनशील और सहयोगी महिला का सशक्त चित्रण किया, जबकि तनिष्क ओझा ने मास्टरजी बनकर शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। धीर शाह ने मोहन के रूप में परिवर्तन के समर्थक युवा की भूमिका निभाई और सिद्धार्थ शर्मा ने लल्लू व मुखिया बनकर ग्रामीण नेतृत्व का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके अलावा वंश बादला (केसरलाल), भूमिका बंसल (चंदा), युवराज सिंह अरोड़ा (वैज्ञानिक एवं दूल्हा), हिरेन चोबिसा (तांत्रिक एवं टीचर-2), कृतार्थ शर्मा (चेला, गाँव वाला-4 एवं झबरु), पियुषा भटनागर (बहू एवं नैरेटर), पूर्वांश गंगावत (गाँव वाला-2 एवं पवन), नयन राज सिंह पंवार (गाँव वाला-3 एवं राकेस) तथा प्रियंश चौधरी ने भी अपने-अपने पात्रों को जीवंत बनाकर प्रस्तुति को प्रभावशाली ऊंचाई प्रदान की। निर्देशन और संदेश ने जीता दिल इस पुरस्कार विजेता नाटक का निर्देशन विद्यालय के नाट्य प्रशिक्षक विरेन्द्र सिंह रावत के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कलाकारों की अभिनय क्षमता को निखारते हुए मंचन को इस तरह तैयार किया कि हर दृश्य दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ गया। प्रस्तुति ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, अंधविश्वास के स्थान पर वैज्ञानिक सोच अपनाने और सामाजिक चेतना विकसित करने का मजबूत संदेश दिया। विद्यालय में खुशी की लहर राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल है। स्कूल प्रबंधन ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता टीमवर्क, अनुशासन और रचनात्मक सोच का परिणाम है। विद्यालय ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी उसके विद्यार्थी इसी प्रकार राष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उदयपुर और राजस्थान का गौरव बढ़ाते रहेंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हल्दीघाटी विजय की 450वीं वर्षगांठ पर 17 को राष्ट्र चेतना संकल्प सभा, संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत करेंगे संबोधित, हल्दीघाटी की मिट्टी से बनेगी महाराणा प्रताप और डॉ. भागवत की तस्वीर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर राजस्थान पुलिस का शिकंजा जारी