24 न्यूज अपडेट. बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के सोडलादूधा गांव में एक पुराने चर्च को मंदिर में परिवर्तित किया जा रहा है। इस स्थान पर पहले ईसाई समुदाय द्वारा प्रार्थनाएँ होती थीं, लेकिन अब यहां भैरवजी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहल स्वयं चर्च के पूर्व पादरी द्वारा की गई है, जिन्होंने हाल ही में हिंदू धर्म को पुनः अपनाया है। सोडलादूधा गांव में पहले बड़ी संख्या में लोग ईसाई धर्म अपना चुके थे। बताया जाता है कि भारत माता मंदिर परियोजना के प्रयासों से पिछले कुछ समय में 80 से अधिक परिवारों ने हिंदू धर्म में वापसी की है। इन परिवारों की सहमति से चर्च को मंदिर में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है।चर्च में भगवा रंग और धार्मिक प्रतीकों की स्थापनाचर्च की दीवारों को भगवा रंग से रंगा जा रहा है। पहले जहाँ ईसाई धर्म का पवित्र क्रॉस था, वहाँ अब भैरवजी की प्रतिमा स्थापित होगी। चर्च के अंदर की संरचना को भी बदला जा रहा है। जहां पहले प्रार्थना सभाएँ होती थीं, वहां अब प्रतिदिन सुबह-शाम आरती होगी।पूर्व पादरी की कहानीः 30 वर्षों का सफरगांव के निवासी गौतम गरासिया, जो लगभग 30 साल पहले ईसाई धर्म अपना चुके थे, ने बताया कि वे इस गांव में धर्म परिवर्तन करने वाले पहले व्यक्ति थे। गौतम को ईसाई धर्म अपनाने के बाद गांव के अन्य लोगों को भी इस ओर प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। गौतम ने बताया कि उनके परिवार में 30 सदस्य हैं, जिनमें से कुछ ने ईसाई धर्म अपनाया और कुछ हिंदू धर्म में ही रहे। अब उनके परिवार के अधिकांश सदस्य वापस हिंदू धर्म में आ चुके हैं। हालांकि, उनकी पत्नी अभी भी ईसाई धर्म का पालन कर रही हैं।गांव में धार्मिक पुनरुत्थान की प्रक्रियातीन साल पहले गौतम गरासिया ने अपनी जमीन पर चर्च का निर्माण कराया था, जिसमें हर रविवार को प्रार्थना सभाएँ होती थीं। अब इस स्थान को मंदिर के रूप में विकसित किया जा रहा है। गांव के प्रवेश द्वार पर हिंदू देवी-देवताओं की पताकाएँ लगाई गई हैं और धार्मिक नारे लिखे जा रहे हैं।9 मार्च को भव्य कार्यक्रमइस रूपांतरण को औपचारिक रूप देने के लिए 9 मार्च 2025 को एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दिन भैरवजी की प्रतिमा को तलवाड़ा से लाकर भव्य शोभायात्रा के साथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा।ग्रामीणों की सहमति और भविष्य की योजनागांव के लोगों का कहना है कि भैरवजी की प्रतिमा स्थापना का निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया है। स्थानीय हिंदू परंपरा के अनुसार, भैरवजी को गांव के रक्षक देवता के रूप में स्थापित किया जाता है। इस परिवर्तन को लेकर गांव में उत्साह देखा जा रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बांसवाड़ा: वनरक्षक भर्ती पेपर लीक का मास्टरमाइंड हरीश साहरण गिरफ्तार बैंक मैनेजर से लूटपाट: बदमाशों ने बेरहमी से पीटा, गहने और 25 हजार रुपए छीने