24 News Update भूपालसागर (अरविंद गर्ग)। चित्तौड़गढ़ जिले की भूपालसागर तहसील के बुल ग्राम पंचायत में रोलिया-भादसोड़ा मुख्य मार्ग के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और ठेकेदार पर राजनीतिक दबाव में आकर स्वीकृत नक्शे से छेड़छाड़ करने तथा रसूखदारों के अतिक्रमण बचाने के लिए सड़क का मार्ग बदलने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश भी बेअसर रही और वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। गांव के बीच आकर अटक गया सड़क निर्माणग्रामीणों के अनुसार भूपालसागर से रोलिया-भादसोड़ा तक बनने वाली 7 मीटर चौड़ी सड़क का अधिकांश निर्माण दोनों छोरों पर पूरा हो चुका है, लेकिन गांव के बीच कुछ प्रभावशाली लोगों के कथित अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया। आरोप है कि इन अतिक्रमणों को हटाने के बजाय सड़क को टेढ़ा-मेढ़ा बनाकर मूल नक्शे से अलग दिशा देने की कोशिश की जा रही है। बिना नोटिस गरीब का चबूतरा तोड़ा, रसूखदारों पर कार्रवाई नहींधरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि 5 जून की शाम प्रशासन अतिक्रमण हटाने पहुंचा था। उम्मीद थी कि सड़क पर बने सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे, लेकिन कार्रवाई कथित तौर पर एकतरफा रही। ग्रामीणों के अनुसार महादेव मंदिर के पास मौजूद बड़े अवैध निर्माण को नहीं छुआ गया, जबकि शंकरलाल जाट के बंद मकान के बाहर बनी चबूतरी को बिना पूर्व नोटिस बुलडोजर से तोड़ दिया गया। इसके बाद माधवलाल जाट के नोहरे तक पहुंची टीम भी बिना कार्रवाई किए लौट गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गरीबों पर सख्ती और प्रभावशाली लोगों पर नरमी अपनाई जा रही है, जिससे पूरे गांव में आक्रोश है। विधायक को गुमराह करने का आरोप धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि स्थानीय विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए सड़क स्वीकृत करवाई, लेकिन गांव के कुछ प्रभावशाली लोग अपने निजी हितों की रक्षा के लिए उन्हें गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सड़क स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं बनी तो भविष्य में इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। धरने की सूचना पर तहसीलदार अपूर्व गौतम, विकास अधिकारी मुकेश पोरवाल, थानाधिकारी घेवरचंद रेगर, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन, कनिष्ठ अभियंता जयदेव सोनी, विद्युत विभाग के अधिकारी तथा बुल ग्राम पंचायत प्रशासक सोहन गुर्जर सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विवादित मकानों के पट्टों की जांच कराने और अवैध निर्माण मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण तत्काल निर्णय की मांग पर अड़े रहे और धरना जारी रखने का ऐलान कर दिया। तकनीकी खामी से बड़े हादसों की आशंकाग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क को जानबूझकर घुमावदार बनाया गया तो यह इंजीनियरिंग मानकों के विपरीत होगा और भविष्य में दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। उनका आरोप है कि पर्याप्त जगह उपलब्ध होने के बावजूद प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए सड़क को अनावश्यक रूप से जीग-जैग बनाया जा रहा है। 9 सूत्रीय मांगों पर अड़े ग्रामीणधरनार्थियों ने प्रशासन के सामने नौ प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सड़क को स्वीकृत नक्शे के अनुसार सीधा बनाया जाना, महादेव मंदिर और अन्य स्थानों पर पक्के नालों का निर्माण, होली चौक का संरक्षण, जल निकासी व्यवस्था में सुधार, सभी अतिक्रमणों को समान रूप से हटाना, नालों का पुनर्निर्माण, स्कूल के पास जलभराव की समस्या का समाधान, सड़क को टेढ़ा-मेढ़ा बनाने पर रोक तथा निर्माण स्थल पर फैली कीचड़ और मिट्टी हटाकर उचित गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण पूरा करना शामिल है। सैकड़ों ग्रामीण धरने पर डटेज्ञापन सौंपने और धरने के दौरान भूपेश नाथ योगी, पुष्कर लाल जाट, प्रह्लाद जाट, विश्वास जाट, कैलाश चंद्र गुर्जर, किशन नाथ योगी, बालूसिंह भाटी, गणेश लाल गाडरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती और सड़क का निर्माण स्वीकृत योजना के अनुरूप नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation प्री-वेडिंग शूट बना आखिरी सफर, मंगेतर की आंखों के सामने कुंड में डूबा युवक, 20 घंटे बाद मिला शव भीलवाड़ा के गांगलास में सजेगा अध्यात्म का अनूठा समागम: चारभुजा-नाथ मंदिर जीर्णोद्धार के 4 वर्ष पूरे होने पर भव्य 2 दिवसीय मेला और कथा महोत्सव