24 News Update उदयपुर। पूर्व पार्षद एवं अधिवक्ता डॉ. विजय विप्लवी ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया द्वारा उदयपुर में नियमित रूप से आयोजित की जा रही जनसुनवाई तथा बार-बार हो रहे उदयपुर दौरों पर गंभीर संवैधानिक प्रश्न उठाते हुए इसे उदयपुर में पंजाब के राज्यपाल के समानांतर शासन की संज्ञा दी है।डॉ. विप्लवी ने पत्र में कहा है कि पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया प्रतिमाह उदयपुर आकर सर्किट हाउस में जनसुनवाई आयोजित करते हैं तथा प्राप्त आवेदनों के निस्तारण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश भी देते हैं। उनके अनुसार यह स्थिति भारतीय संविधान की संघीय व्यवस्था, राज्यों की संवैधानिक सीमाओं तथा शक्ति पृथक्करण के सिद्धांत से जुड़े अनेक प्रश्न खड़े करती है।ज्ञापन में सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत जिला कलेक्टर कार्यालय, उदयपुर से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए बताया गया है कि फरवरी 2023 से मई 2026 के मध्य 40 महीनों में राज्यपाल कटारिया 48 बार उदयपुर आए तथा कुल 231 दिन यहां प्रवास पर रहे। डॉ. विप्लवी का कहना है कि यह आंकड़ा केवल उदयपुर प्रवास का है, जबकि राजस्थान के अन्य स्थानों एवं देश के अन्य दौरों का विवरण प्राप्त होना अभी शेष है।उन्होंने पत्र में राज्यपाल (भत्ते और विशेषाधिकार) संशोधन अधिनियम, 2015 के उपनियम 13 (घ)(।।) का उल्लेख करते हुए कहा है कि इसमें राज्यपालों को अपने गृह राज्य के बार-बार दौरों से बचने अथवा उन्हें सीमित रखने का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद उदयपुर में लगातार दौरे और जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित होना विचारणीय विषय है।डॉ. विप्लवी ने यह भी कहा कि राज्यपालों की नियुक्ति परंपरागत रूप से उनके गृह राज्य से बाहर किए जाने के पीछे उद्देश्य यह रहता है कि संवैधानिक पदधारी स्थानीय अनुराग, पूर्वाग्रह अथवा प्रभावों से मुक्त रहकर निष्पक्ष भूमिका निभा सकें। ऐसे में किसी अन्य राज्य के राज्यपाल द्वारा अपने गृह नगर में नियमित जनसुनवाई आयोजित करना संघीय ढांचे की भावना के अनुरूप है या नहीं, इस पर स्पष्टता आवश्यक है।ज्ञापन में यह प्रश्न भी उठाया गया है कि जब राजस्थान में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और संवैधानिक संस्थाओं की पूर्ण व्यवस्था उपलब्ध है, तब किसी अन्य राज्य के राज्यपाल द्वारा यहां जनसुनवाई आयोजित करने का औचित्य क्या है। साथ ही, वर्तमान परिस्थितियों में सरकारी संसाधनों के मितव्ययी उपयोग की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए इन दौरों की उपयोगिता पर भी प्रश्न उठाए गए हैं।डॉ. विजय विप्लवी ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि पंजाब के राज्यपाल द्वारा उदयपुर में आयोजित की जा रही जनसुनवाई की संवैधानिक स्थिति का परीक्षण कराया जाए तथा चालीस माह में 48 दौरों और 231 दिनों के प्रवास जैसी निरंतरता पर आवश्यक निर्णय लेकर भारतीय संविधान के संघात्मक स्वरूप की रक्षा सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े को भी भेजी गई है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation महिला के गले से सोने की चेन झपटी, बाइक सवार बदमाश वारदात कर फरार ऑपरेशन त्रिनेत्र: होटल में चल रहा था करोड़ों का तस्करी का नेटवर्क??? हथियार, बाड़मेर-पंजाब के चार तस्कर उदयपुर में पकड़े गए, फर्जी नंबर प्लेट वाली कार, अफीम, 20 लाख की नकदी बरामद