उदयपुर। प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच उदयपुर में शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसी कार्रवाई की, जिसने डेयरी कारोबार से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्रीय और जिला स्तरीय टीमों ने शहर में दो स्थानों पर एक साथ दबिश देकर हजारों लीटर संदिग्ध घी और बड़ी मात्रा में डेयरी उत्पादों को जांच के दायरे में लिया है। कार्रवाई के दौरान अम्बेरी स्थित एक डेयरी इकाई से करीब 18 हजार लीटर तैयार घी को सीज किया गया, जबकि सवीना कृषि उपज मंडी में संचालित एक बड़े गोदाम और व्यापारिक प्रतिष्ठान से 42 हजार किलोग्राम से अधिक डेयरी उत्पादों का स्टॉक जांच के घेरे में लिया गया। कार्रवाई के बाद डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने सबसे पहले अम्बेरी स्थित श्री माधुर डेयरी फार्म एंड फूड प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया। जांच के दौरान परिसर में बड़ी मात्रा में विभिन्न ब्रांड नामों से तैयार घी का भंडारण मिला। अधिकारियों को कई ऐसे टिन और कंटेनर भी मिले जिन पर आवश्यक लेबलिंग और उत्पाद संबंधी जानकारी अंकित नहीं थी। निरीक्षण के दौरान टीम को खाद्य रंग की बोतलें भी मिलीं। प्रारंभिक स्तर पर आशंका जताई गई कि साधारण घी को विशेष रंग मिलाकर गाय के शुद्ध घी के रूप में तैयार किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि घी निर्माण के लिए बाहर से खरीदे गए मक्खन का उपयोग किया जा रहा था। मौके से चार नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मौके पर मौजूद करीब 18 हजार लीटर घी की बिक्री और वितरण पर तत्काल रोक लगाते हुए उसे सीज कर दिया। इसके बाद टीम ने सवीना स्थित कृषि उपज मंडी में महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी पर कार्रवाई की। यहां विभिन्न ब्रांडों के घी और डेयरी उत्पादों का बड़ा स्टॉक मिला। प्रारंभिक आकलन में यह मात्रा 42 हजार किलोग्राम से अधिक पाई गई, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान एक ऐसे बैच का घी भी बरामद हुआ जिसे खाद्य सुरक्षा विभाग पूर्व में असुरक्षित घोषित कर चुका है। विभागीय आदेशों के बावजूद उसका भंडारण पाए जाने पर संबंधित स्टॉक को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा, देवेंद्र सिंह राणावत, अशोक गुप्ता तथा नरेंद्र सिंह सहित विभागीय अधिकारियों की टीम शामिल रही। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और मिलावटखोरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ऑपरेशन डोमिनेंस: उदयपुर पुलिस का अलसुबह बड़ा एक्शन, 515 ठिकानों पर दबिश, 107 बदमाश गिरफ्तार फतहसागर से उठी जल बचाने की अलख: ‘वंदे गंगा’ साइकिल रैली में हजारों कदम चले, हर बूंद के संरक्षण का लिया संकल्प