24 News Update नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान में वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत पट्टा वितरण को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। संसद में दिए गए जवाब के अनुसार फरवरी 2026 तक राज्य में कुल 1,18,675 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से सिर्फ 51,775 को स्वीकृति मिली, जबकि 66,213 आवेदन खारिज कर दिए गए—यानी आधे से ज्यादा दावों को नकार दिया गया। यह जानकारी जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उड़के ने सांसद अमरा राम के सवाल के जवाब में दी। आंकड़े साफ बताते हैं कि वन अधिकार कानून की जमीन पर तस्वीर अभी भी अधूरी है। आधे से ज्यादा दावे खारिज होना सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के हक और जमीन से जुड़े सवाल हैं—जिनका जवाब अभी बाकी है। पुनः समीक्षा पर सरकार का ‘ना’सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि सरकार फिलहाल अस्वीकृत दावों की दोबारा समीक्षा के पक्ष में नहीं है।हालांकि सुप्रीम कोर्ट के 2019 के आदेशों के बाद पहले एक बार समीक्षा की गई थी, जिसमें 4740 व्यक्तिगत और 34 सामुदायिक वन अधिकार पट्टे जारी किए गए थे। लेकिन अब सरकार ने साफ कर दिया है कि वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जिलेवार तस्वीर: कहीं राहत, कहीं निराशाअगर जिलों पर नजर डालें तो स्थिति और भी असमान दिखती है—बांसवाड़ा: 28,435 आवेदन, 15,551 स्वीकृत, 12,650 खारिजप्रतापगढ़: 33,244 आवेदन, 13,063 स्वीकृत, बड़ी संख्या में अस्वीकृतिउदयपुर: 22,533 आवेदन, 6,599 स्वीकृत, 6,464 खारिजसिरोही: 5,768 आवेदन, 3,422 स्वीकृतबारा: 8,925 आवेदन, सिर्फ 1,581 स्वीकृतकोटा: 433 आवेदन, 86 स्वीकृतजयपुर: 1,156 आवेदन, 457 स्वीकृत कई जिलों में तो स्वीकृति का प्रतिशत बेहद कम है, जिससे आदिवासी और पारंपरिक वनवासियों में असंतोष बढ़ने की संभावना है। महाराष्ट्र मॉडल पर चुप्पी सवाल यह भी उठा कि जब महाराष्ट्र जैसे राज्य अस्वीकृत दावों को दोबारा खोल रहे हैं, तो राजस्थान क्यों नहीं? इस पर केंद्र ने साफ कहा—यह निर्णय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और फिलहाल राजस्थान में ऐसी कोई प्रक्रिया प्रस्तावित नहीं है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अजमेर पुलिस का ऑपरेशन क्लीन: 24 घंटे में दो बड़ी कार्यवाहियां, अवैध पिस्टल और देशी कट्टे के साथ दो बदमाश गिरफ्तार SI भर्ती 2025 पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ओवरएज अभ्यर्थियों को राहत, परीक्षा तय समय पर ही