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उदयपुर से गिरफ्तार हुआ लॉरेंस गैंग का गुर्गा मनोज सालवी: डॉन बनने की चाहत में हथियार तस्करी में उतरा, अनमोल बिश्नोई से करता था वीडियो कॉल पर बात

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24 News update जयपुर/उदयपुर, 18 जून।राजस्थान में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है। अब अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उदयपुर से लॉरेंस गैंग के सक्रिय सदस्य मनोज साल्वी को गिरफ्तार किया है, जो महज 22 साल की उम्र में हथियार तस्करी से लेकर खतरनाक गैंग कनेक्शन तक में लिप्त पाया गया है। मनोज, लॉरेंस बिश्नोई की छवि से प्रभावित होकर खुद को ‘डॉन’ बनाने की राह पर निकल पड़ा था।

लॉरेंस के भाई अनमोल से करता था वीडियो कॉल पर बातचीत

पुलिस के अनुसार, मनोज ने गैंगस्टर लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई से वीडियो कॉल पर सीधे संवाद किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से ही मनोज को लॉरेंस गैंग से जुड़ने का मौका मिला और फिर उसे विभिन्न अपराधों में सक्रिय किया गया।

17 साल की उम्र से बनना चाहता था डॉन

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मनोज मात्र 17 वर्ष की उम्र से ही गैंगस्टर बनने का सपना पाले हुए था। लॉरेंस गैंग से जुड़ने के बाद उसे हथियारों की सप्लाई जैसे कार्य सौंपे गए। पुलिस को अब इस नेटवर्क के राजस्थान, गुजरात समेत कई राज्यों में फैले लिंक की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

हथियार तस्करी का पुराना रिकॉर्ड

मनोज साल्वी पहले भी हथियारों की तस्करी में गिरफ्तार हो चुका है। उदयपुर के हाथीपोल थाना पुलिस ने करीब तीन साल पहले उसे ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस के साथ पकड़ा था। साथ ही, गुजरात एटीएस में भी उसके खिलाफ हथियार सप्लाई को लेकर प्रकरण दर्ज है।

गोगामेड़ी हत्याकांड से भी जुड़ा कनेक्शन

मनोज साल्वी का नाम श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के संस्थापक सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में भी सामने आ चुका है। 5 दिसंबर 2023 को हुई हत्या की जांच के दौरान, मनोज और उसके साथी कैलाश प्रजापत के कब्जे से लोहे के चाकू बरामद किए गए थे।

सोशल मीडिया से निर्देश मिलते थे

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि मनोज को लॉरेंस गैंग से जुड़े निर्देश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए दिए जाते थे। अनमोल बिश्नोई से संपर्क के साथ ही, वह अन्य गैंग सदस्यों से भी डिजिटल माध्यमों से जुड़ा रहा।

अपराधों का लंबा सिलसिला

पुलिस का कहना है कि मनोज छोटे-बड़े कई अपराधों में लिप्त रहा है। वह अलग-अलग राज्यों में हथियार सप्लाई, नेटवर्किंग और गैंग ऑपरेशन्स का हिस्सा रहा है। फिलहाल अहमदाबाद क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि उसका लॉरेंस गैंग से सीधा जुड़ाव किस तरह और किसके माध्यम से हुआ।

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