24 News Update अलवर, 2 जुलाई। राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में इन दिनों प्रकृति का अनोखा रंग देखने को मिल रहा है। प्रदेश के इस प्रमुख वन क्षेत्र में पहली बार एक दुर्लभ सफेद मोर और धूप में सोने की तरह चमकने वाला ‘गोल्डन सांभर’ दिखाई दिया है। वन्यजीव विशेषज्ञ इसे आनुवंशिक परिवर्तन (जेनेटिक म्यूटेशन) का परिणाम मान रहे हैं। इन दुर्लभ जीवों की मौजूदगी ने सरिस्का की जैव विविधता को नई पहचान दी है, वहीं बाघों की लगातार बढ़ती संख्या ने इसे देश के सबसे सफल टाइगर संरक्षण मॉडलों में शामिल कर दिया है।सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन स्थित बाला किला और गंगोडी क्षेत्र में जून के पहले सप्ताह के दौरान दूधिया सफेद रंग का मोर देखा गया। सबसे पहले इसकी जानकारी जंगल में गश्त कर रहे वनकर्मियों को मिली, लेकिन तस्वीर नहीं ली जा सकी। बाद में ओडिशा के एक वन्यजीव फोटोग्राफर ने इसकी तस्वीरें कैमरे में कैद कीं। यह क्षेत्र बाघिन एसटी-19 और अन्य बाघों का भी प्रमुख आवास है, जिससे अब पर्यटकों को बाघों के साथ इस दुर्लभ मोर के भी दर्शन होने की संभावना बढ़ गई है।इसी बीच सरिस्का में एक ‘गोल्डन सांभर’ भी देखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सामने से देखने पर धूप में उसका शरीर सुनहरी आभा बिखेरता दिखाई देता है। टाइगर विशेषज्ञ निरंजन सिंह के मुताबिक सफेद मोर और गोल्डन सांभर जैसे दुर्लभ रंग वाले वन्यजीवों का दिखना अत्यंत असामान्य घटना है। उन्होंने बताया कि यह बदलाव शरीर में पिगमेंटेशन या हार्मोन संबंधी आनुवंशिक परिवर्तन के कारण हो सकता है।दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी के साथ-साथ सरिस्का बाघ संरक्षण के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम कर रहा है। करीब 18 वर्ष पहले पूरी तरह बाघविहीन हो चुके इस रिजर्व में अब बाघों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। संरक्षण की इस उल्लेखनीय सफलता का अध्ययन करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के वन विभागों के अधिकारी इन दिनों सरिस्का पहुंच रहे हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation महिलाओं को पंपलेट वितरित कर स्वच्छता के प्रति किया जागरूक, एफएसटीपी परियोजना की दी जानकारी आरएएस-2026 के लिए आवेदन का आखिरी मौका आज, 607 पदों पर भर्ती; प्रारंभिक परीक्षा अब 6 दिसंबर को होगी