उदयपुर। सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था संभाल रहे कुक-कम-हेल्परों के लंबे समय से अटके मानदेय को लेकर शिक्षक संगठनों की मुहिम आखिरकार रंग लाई। दीपावली अवकाश शुरू होने से ठीक पहले शिक्षा विभाग ने अप्रैल से सितंबर 2026 तक के छह माह के मानदेय के भुगतान के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानदेय की राशि आगामी दिनों में स्कूलों के खातों में सीधे हस्तांतरित होगी और विद्यालयों को राशि प्राप्त होने का इंतजार किए बिना आज ही चेक के माध्यम से भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक, उदयपुर की ओर से जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, पीईईओ और यूसीईईओ को जारी आदेश में कहा गया है कि 4 नवंबर से स्कूलों में दीपावली अवकाश शुरू हो रहा है, ऐसे में कुक-कम-हेल्परों को अवकाश से पहले मानदेय का भुगतान किया जाना आवश्यक है। आदेश में बताया गया है कि अप्रैल से सितंबर 2026 तक के मानदेय के बिल SNA Sparsh Portal के माध्यम से तैयार कर आयुक्तालय, मिड-डे मील, जयपुर की साइबर ट्रेजरी को भेजे जा चुके हैं। छह माह का भुगतान, सामान्य स्कूलों के लिए 11,102 रुपएविभागीय आदेश के अनुसार अप्रैल से सितंबर तक छह माह के लिए प्रत्येक कुक-कम-हेल्पर को 11,102 रुपए का भुगतान किया जाना है। वहीं केंद्रीकृत रसोईघर वाले विद्यालयों के कुक-कम-हेल्परों के लिए 5,553 रुपए की राशि निर्धारित की गई है।खास बात यह है कि विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि यदि फिलहाल किसी मद या निधि में राशि उपलब्ध है तो उसी से भुगतान कर दिया जाए। बाद में मानदेय की राशि स्कूल के खाते में आने पर खर्च की गई रकम की रीइम्बर्समेंट कर दी जाएगी। आदेश में भुगतान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।तीन दिन में भुगतान की मांग से शुरू हुआ था दबावमानदेय भुगतान को लेकर शिक्षक संगठनों ने दीपावली से पहले आवाज उठाई थी। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेर सिंह चौहान के नेतृत्व में संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक दुर्गेश मेनारिया को ज्ञापन देकर बकाया भुगतान की मांग की थी। संगठन ने तीन दिन में भुगतान नहीं होने पर कुक-कम-हेल्परों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देने की चेतावनी भी दी थी।संगठन ने तर्क दिया था कि बेहद कम मानदेय पर काम करने वाले कुक-कम-हेल्परों को महीनों तक भुगतान नहीं मिलने से उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं। संगठन ने यह मुद्दा भी उठाया था कि कई स्कूलों में भोजन बनाने के साथ बर्तन साफ करने और साफ-सफाई जैसे अतिरिक्त काम भी इन्हीं कर्मचारियों के जिम्मे हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बॉस कहलवाने का दबाव, अभद्र भाषा के आरोप; जोधपुर मेडिकल कॉलेज में 19 सीनियर सस्पेंड दिल्ली पुलिस RTI में दे रही थानों के CCTV फुटेज, उदयपुर पुलिस हर बार बनाती है बहाना?