उदयपुर। ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर चार लोगों से करीब 12 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने निवेशकों को एक साल में रकम दोगुनी करने के साथ तीसरे महीने से हर महीने 20 प्रतिशत रिटर्न देने का भरोसा दिलाया था। शुरुआत में कंपनी में निवेश के लिए लोगों को भरोसे में लिया, लेकिन जब रकम लौटाने की बारी आई तो आरोपी ने कथित तौर पर हाथ खड़े कर दिए। पीड़ितों का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपी ने फोन बंद कर लिया। मामले में गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की है।सेक्टर-15 निवासी दिनेश पटेल की रिपोर्ट पर पुलिस ने स्काई ओरा टेक्नो सोल्यूशन कंपनी, जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के मैनेजिंग डायरेक्टर नवनीत पाल उर्फ ध्रुव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में दिनेश पटेल के अलावा सुमित जैन, दीपेश जैन और केतन राउत के साथ निवेश के नाम पर रकम लेने और वादा पूरा नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं। पहले दो महीने रकम रोकने, फिर हर महीने 20 प्रतिशत रिटर्न का दावाएफआईआर के अनुसार, करीब एक साल पहले आरोपी नवनीत पाल ने सुमित जैन से संपर्क कर स्काई ओरा टेक्नो सोल्यूशन नाम से ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट कंपनी शुरू करने की बात कही थी। उसने दावा किया कि कंपनी में कई लोग निवेश कर रहे हैं और 12 महीने में निवेश की गई रकम दोगुनी हो जाती है। आरोपी ने निवेशकों को समझाया कि शुरुआती दो महीने उनकी रकम कंपनी में जमा रहेगी। इसके बाद तीसरे महीने से हर महीने 20 प्रतिशत रिटर्न दिया जाएगा, जो 12वें महीने तक मिलता रहेगा। साथ ही कम्युनिटी बढ़ने के साथ निवेश की रकम पांच गुना तक होने का दावा भी किया।सुमित जैन ने शुरुआत में निवेश से इनकार किया तो आरोपी ने व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने और रकम सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया। इसके बाद सुमित ने कुल 5.24 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इनमें 28 जनवरी 2026 को 1.24 लाख 300 रुपए तथा 17 और 22 मार्च को दो-दो लाख रुपए जमा कराए गए। होटल में मुलाकात कर बनाता था भरोसा, चार लोगों से ली रकमरिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अक्सर उदयपुर आता था और गोवर्धन विलास क्षेत्र स्थित होटल व्हाइट फ्रेस्को में ठहरता था। इसी दौरान वह सुमित जैन से मिलता और निवेश को लेकर भरोसा दिलाता था। अन्य निवेशकों में दीपेश जैन ने मार्च 2026 में दो लाख और 25 जून को 49 हजार रुपए दिए। वहीं दिनेश पटेल और केतन राउत ने भी मार्च 2026 में दो-दो लाख रुपए आरोपी को ट्रांसफर किए। इस तरह चारों से कुल 11 लाख 73 हजार 300 रुपए लेने की बात सामने आई है। थाने से एसपी कार्यालय तक गुहार, फिर कोर्ट के आदेश पर FIRपीड़ितों ने पहले गोवर्धन विलास थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर एसपी डॉ. अमृता दुहन को भी परिवाद दिया। वहां से भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ितों ने न्यायालय की शरण ली। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation गैल्वनाइजिंग उद्योग के लिए हिंदुस्तान जिंक के दो नए जिंक एलॉय लॉन्च: ‘वेदएज’ से कोटिंग में समानता, ‘वेदआयुष’ से जंगरोधी मजबूती पर फोकस