24 News Update उदयपुर। फतहसागर की लहरों पर करीब एक दशक पहले शुरू हुआ अभ्यास अब जापान के अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंच गया है। उदयपुर के कयाकिंग-कैनॉयंग खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह शक्तावत का चयन एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। वे कैनो स्प्रिंट वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स से पहले हर्षवर्धन इन दिनों जापान के कोमात्शु में 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर में पसीना बहा रहे हैं। हर्षवर्धन के भारतीय टीम में चयन के साथ ही उदयपुर के वॉटर स्पोर्ट्स जगत में उत्साह है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन के बाद मिली इस कामयाबी ने शहर की खेल प्रतिभाओं के लिए भी नई उम्मीद जगाई है। अब खेलप्रेमियों की नजर एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन और पदक पर टिकी है। 7 साल की उम्र में पकड़ी थी कयाकिंग की राह राजस्थान कयाकिंग-कैनॉयंग संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान के अनुसार हर्षवर्धन करीब 7 वर्ष की उम्र में अपने पिता निरंजन सिंह शक्तावत और माता के साथ बी.एन. तरणताल पर तैराकी सीखने पहुंचे थे। उनकी प्रतिभा को देखते हुए पहले करीब 5 वर्ष तक तैराकी और फिटनेस का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद उन्हें फतहसागर स्थित कयाकिंग सेंटर पर कैनो का अभ्यास शुरू कराया गया। लगातार बेहतर प्रदर्शन के बाद हर्षवर्धन को भोपाल स्थित साई सेंटर में प्रशिक्षण का अवसर मिला। इसके बाद हाई परफॉर्मेंस सेंटर में विशिष्ट प्रशिक्षण हासिल किया। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीतने के बाद उनके खेल का सफर आगे बढ़ा और उनका चयन भारतीय कायकिंग व कैनो संघ द्वारा संचालित उत्तराखंड के टिहरी बांध स्थित THDC-IKCA हाई-परफॉर्मेंस कयाकिंग एंड कैनोइंग अकादमी के लिए हुआ। यहां विदेशी प्रशिक्षकों की निगरानी में आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीक के आधार पर प्रशिक्षण ने उनके खेल को और निखारा। इसके बाद हर्षवर्धन ने लगातार राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किए और अब भारतीय टीम में जगह बनाकर एशियन गेम्स के मंच तक पहुंच गए हैं। चार दशक बाद उदयपुर की प्रतिभा एशियन गेम्स तक दिलीप सिंह चौहान ने हर्षवर्धन के चयन को उदयपुर के वॉटर स्पोर्ट्स के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उदयपुर में कयाकिंग-कैनॉयंग की शुरुआत के समय से ही सपना था कि यहां का कोई खिलाड़ी एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच तक पहुंचे। हर्षवर्धन ने उस सपने को साकार किया है। उन्होंने बताया कि करीब 4 दशक पूर्व एथलेटिक्स खिलाड़ी हमीदा बानो के बाद लंबे अंतराल पर उदयपुर के किसी खिलाड़ी को एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। शूटिंग खिलाड़ी अपूर्वी चंदेला का भी उदयपुर से जुड़ाव रहा है। फतहसागर से निकली प्रतिभाओं ने जीते 150 से ज्यादा पदक राजस्थान कयाकिंग-कैनॉयंग संघ के अध्यक्ष भगवान स्वरूप वैष्णव ने बताया कि हर्षवर्धन की खेल यात्रा की शुरुआत फतहसागर से हुई थी। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के अवसर मिले और इसी क्रम ने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचाया। संघ पदाधिकारी कमलेश हाथी और दीपक गुप्ता ने बताया कि फतहसागर पर खिलाड़ी सुबह और शाम दोनों सत्रों में नियमित अभ्यास करते हैं। इसी निरंतर मेहनत का परिणाम है कि उदयपुर के वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 150 से अधिक पदक हासिल किए हैं। जापान के माहौल में ढलने के लिए विशेष कैंप संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान के अनुसार एशियन गेम्स की तैयारी के लिए भारतीय दल के 14 खिलाड़ी और 4 प्रशिक्षक जापान के कोमात्शु सिटी में 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य खिलाड़ियों को जापान के वातावरण, मौसम और प्रतियोगिता की परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि एशियन गेम्स में भारतीय दल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके। खेल जगत ने दी पदक की शुभकामनाएं राजस्थान ड्रैगन बोट/कैनो स्प्रिंट के चेयरमैन अजय अग्रवाल ने हर्षवर्धन को बधाई देते हुए एशियन गेम्स में पदक जीतने की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूर्व खिलाड़ी नेहा कुमावत के ओलंपिक क्वालीफाइंग राउंड तक पहुंचने सहित उदयपुर के वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों की उपलब्धियों को उल्लेखनीय बताया। इस अवसर पर संघ के चेयरमैन चंद्रगुप्त सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र सिंह चौहान, डॉ. महावीर सिंह परिहार, महेश पिंपलकर, नवल सिंह चुंडावत, आर.के. धाबाई, जिला ओलंपिक संघ के विनोद साहू, सुधीर बक्षी, जिला खेल अधिकारी महेश पालीवाल, रणवीर सिंह राणावत, किशन गायरी, डॉ. ललित रेगर, किशन व्यास और प्रमोद कुमावत सहित संघ पदाधिकारियों एवं खेलप्रेमियों ने हर्षवर्धन सिंह शक्तावत और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं। संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने साई के एनसीओई, मेवाड़ राजपरिवार के डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, उदयपुर की पूर्व संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरानी और चन्द्रगुप्त सिंह चौहान का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि फतहसागर की लहरों से शुरू हुआ हर्षवर्धन का सफर अब जापान के अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। यह उपलब्धि उदयपुर की नई पीढ़ी को यह संदेश देती है कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और सही मार्गदर्शन से स्थानीय प्रतिभाएं भी एशिया के बड़े खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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