24 News Update भीलवाड़ा. भीलवाड़ा ज़िले के श्री कल्याण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फूलियाकलां के भूगोल व्याख्याता प्रशांत चौधरी ने शिक्षा, शोध, मूल्यांकन, शिक्षक प्रशिक्षण एवं डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए राज्य स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। विद्यालयी शिक्षा में नवाचारों और तकनीक के प्रभावी उपयोग के कारण वे आज राजस्थान के अग्रणी शिक्षकों में गिने जाते हैं।हाल ही में वर्ष 2026 में प्रकाशित कक्षा 7 की पाठ्यपुस्तक “हमारा राजस्थान” के लेखन कार्य में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विद्यार्थियों के लिए सरल, रोचक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तैयार करने में उनका योगदान सराहनीय माना जा रहा है।प्रशांत चौधरी राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर के अंतर्गत संचालित असेसमेंट सेल में जिला संदर्भ समूह (DRG) सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड के विकास, प्रशिक्षण मॉड्यूल लेखन, प्रश्न बैंक निर्माण, अधिगम निष्पत्तियों आधारित मूल्यांकन तथा राज्य स्तरीय असेसमेंट पोर्टल पर सामग्री विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।वर्तमान में वे डाइट शाहपुरा ,भीलवाड़ा के एजुकेशन टेक्नोलॉजी सेल से जुड़े हुए हैं और जिले के शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ई-कंटेंट निर्माण एवं ICT आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। उन्हें डाइट द्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों में नियमित रूप से रिसोर्स पर्सन एवं विशेषज्ञ वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जाता है।शोध के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। वे प्रतिवर्ष क्रियात्मक शोध एवं जिला स्तरीय शोध परियोजनाओं से जुड़े रहते हैं तथा डाइट की शैक्षिक एवं शोध पत्रिकाओं में नियमित लेखन करते हैं। शिक्षा में गुणवत्ता सुधार एवं नवाचार उनके कार्य का प्रमुख आधार रहा है।उनकी विषय विशेषज्ञता को देखते हुए हाल ही में आरएससीईआरटी अजमेर के एजुकेशन टेक्नोलॉजी सेल द्वारा उन्हें पीएम ई-विद्या चैनल हेतु कक्षा 11 एवं 12 भूगोल विषय के पाठों की स्टूडियो रिकॉर्डिंग के लिए आमंत्रित किया गया। इन पाठों के माध्यम से राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा।शिक्षा विभाग द्वारा उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें विभिन्न अवसरों पर ब्लॉक एवं राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यपुस्तक लेखन, शोध, मूल्यांकन एवं डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में उनका सतत योगदान शिक्षा जगत के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बासेड़ा में पिकअप की टक्कर से बिजली का पोल क्षतिग्रस्त, बड़ा हादसा टला, ग्रामीणों में दहशत दिल्ली से पकड़ा गया नकली नोटों का ‘डिजाइन मास्टरमाइंड’, राजस्थान तक फैला था फर्जी करेंसी का नेटवर्क; पुलिस रिमांड में बड़े खुलासों की उम्मीद