24 News Updaet उदयपुर 25 अप्रैल। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय संविदा/एस.एफ.एस. कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार श्रीमान कुलदीप रांका से मिलकर संविदा/एस.एफ.एस. कर्मचारियों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई। अध्यक्ष श्री नारायण लाल सालवी ने बताया कि आज विश्वविद्यालय अतिथि गृह में श्री कुलदीप रांका मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक करने हेतु पहुंचे थे। बैठक के उपरांत मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय संविदा/एस.एफ.एस. कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात कर संविदा/एस.एफ.एस. कर्मियों की समस्याओं के लिए ज्ञापन दिया गया। संविदा/एस.एफ.एस. कर्मी जो पिछले 5 से 20 वर्षो से भी अधिक समय से मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर की विभिन्न इकाइयों में नियमित सेवा देते आ रहे है। वर्तमान समय में विश्वविद्यालय द्वारा गठित में लगभग 280 कर्मचारी कार्यरत है जिसमें से लगभग 50 कर्मचारी ऐसे है जो बोर्ड के गठन (2017) से पूर्व संविदात्मक सेवाएं दे रहे थे। ज्ञापन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैः- विश्वविद्यालय की स्थापना शाखा से जारी विज्ञापन संख्या 4/2004 दिनांक 18 दिसम्बर, 2004 (पूर्णतया अनुबंध के आधार पर) के लिए वर्ष 2004 में समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर रिक्त पद के विरूद्ध संविदा पर आवेदन मांगे गये थे। साक्षात्कार बोर्ड के समक्ष साक्षात्कार प्रक्रिया सम्पन्न हुई और सफल उम्मीदवारों को कुलसचिव महोदय के द्वारा ऑफर लेटर जारी किये गयें। उक्त राज्य सरकार से जारी परिपत्र की अनुपालना में विश्वविद्यालय से जारी आदेश दिनांक 27 जून, 2008 के अनुसार हम निरंतर सेवाएं देते आ रहे थे। विश्वविद्यालय की स्थापना शाखा से जारी पत्र के तहत 01 दिसम्बर, 2017 से विश्वविद्यालय में स्ववित्त पोषित सलाहकार मण्डल का गठन कर हमारी सेवाएं बोर्ड में स्थानान्तरित कर दी गई थी। राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग से जारी परिपत्र दिनांक 11 मई, 2022 के पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि राज्य सरकार के द्वारा बनाये गये राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 अंतर्गत संविदा कर्मियों की स्क्रीनिंग कर संविदा रूल्स के तहत लाये जाने हेतु निर्देश जारी किये गये थे इसी क्रम में विश्वविद्यालय प्रबन्धक मण्डल (बॉम) की दिनांक 01 अक्टूबर, 2022 को अडॉप्ट कर लिया गया परन्तु अभी तक हमें उक्त नियम के तहत अभी तक समायोजित नहीं किया गया। जनवरी 2026 में सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत पैनल बनाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई गई और अधिकारियों के द्वारा मौखिक आश्वासन भी दिया गया कि इस बार संविदा/एस.एफ.एस. कर्मचारियों के वेतन में भी वृद्धि की जा रही है। परन्तु उसका परिणाम अभी तक जारी नहीं किया गया। विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस स्कीम की सेवाएं समाप्त कर एजेंसी के माध्यम से मानव संसाधन के लिए विश्वविद्यालय में प्रयास किये जा रहे है और अब उम्र के इस पड़ाव पर कर्मचारियों को हटा कर एजेंसी के माध्यम से सेवाएं लेने का आदेश केवल मानसिक तनाव के लिए है। जबकि राज्य सरकार से प्राप्त पत्र के अनुसार भी यदि विश्वविद्यालय हमारी सेवाओं को संविदा सेवा मानते हुए हमारी सूचना राज्य सरकार को भेजकर आवश्यक कार्यवाही भी की जा सकती है। आपसे निवेदन है कि समय.समय पर राज्य सरकार द्वारा हम संविदा कर्मियों के हितार्थ निर्णय लेने के लिए सूचना मांगी गई परन्तु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सूचना नहीं भिजवा कर हमारे साथ कुठाराघात किया है। फिर भी विश्वविद्यालय के हितार्थ हम कर्मचारी पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य कर रहे है। संविदा/एस.एफ.एस. कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने श्री कुलदीप रांका को बताया कि जनवरी 2026 से कर्मचारियों को दो-दो महीनों का कार्य विस्तार देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और अनुबंध राशि भी नहीं बढ़ाई जा रही है। जिससे सभी संविदा/एस.एफ.एस. कर्मचारी न्यूनतम वेतन पर कार्य करने को मजबूर है। श्री कुलदीप रांका ने सभी की बात को सुनने के बाद विश्वविद्यालय अधिकारियों को हिदायत दी कि कर्मचारी की परेशानियां वाजिब है और इन्हें अति शीघ्र राहत दी जाए इसके साथ ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इस समस्या के समाधान के जयपुर तलब किया। संविदा/एस.एफ.एस. कर्मचारियों का आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का स्थाई समाधान निकाला जायेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पुलिस थाना झाडोल की बड़ी कार्यवाहीः म्यूल अकाउंट खरीदने के मामले में पांच हजार रूपये का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार आरएनटी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार: 6 एसी एम्बुलेंस, साइटोलॉजी लैब और 2.6 करोड़ के जनरेटर प्रस्तावित