— प्रधानमंत्री अपनी नीतियों की जिम्मेदारी जनता पर डाल रहे हैं — राजेश सिंघवीविदेश यात्रा से बचने की सलाह देने के बाद खुद विदेश रवाना हुए प्रधानमंत्री — हीरालाल सालवी 24 News Update उदयपुर, 11 मई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी उदयपुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आर्थिक संकट के संदर्भ में जनता से त्याग की अपील किए जाने की कड़ी आलोचना की है। माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी आर्थिक और विदेश नीतियों की विफलताओं का बोझ आम जनता पर डाल रही है।सिंघवी ने जारी बयान में कहा कि पांच राज्यों के चुनाव समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री अब देश में मंडरा रहे आर्थिक संकट की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार ने एक्स्ट्रा प्रीमियम पेट्रोल, कमर्शियल गैस, छोटी गैस और पीएनजी के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि हवाई कंपनियों ने फ्यूल सरचार्ज के नाम पर 400 से 900 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है।उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लगातार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष और वैश्विक आर्थिक हालात के प्रभावों को लेकर सरकार को चेताते रहे, लेकिन प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त रहे। सिंघवी ने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में आर्थिक संकट को लेकर गंभीर है तो सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया जा रहा। “कार्पोरेट और अमेरिकी नीतियों का परिणाम”माकपा जिला सचिव ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने कार्पोरेट समर्थक और अमेरिकी प्रभाव वाली विदेश नीतियां अपनाईं, जिनके कारण देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के दबाव में भारत ने ईरान और रूस से तेल खरीदना कम किया तथा मध्य एशिया में उत्पन्न संकटों पर चुप्पी साधे रखी, जिसका असर आज देश की आर्थिक स्थिति और आम आदमी के जीवन पर दिखाई दे रहा है।उन्होंने कहा कि देशभर में मजदूर महंगाई और न्यूनतम वेतन को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पलवल, गुरुग्राम, नोएडा, भिवाड़ी और प्रयागराज सहित कई क्षेत्रों में श्रमिक आंदोलनों की स्थिति बनी हुई है, जबकि सूरत समेत अन्य शहरों से मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है। “जनता से त्याग, सरकार से नहीं”सिंघवी ने कहा कि सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और सार्वजनिक परिवहन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना चाहिए तथा पेट्रोल-डीजल पर कर कम करना चाहिए। इसके बजाय प्रधानमंत्री जनता से पेट्रोल-डीजल बचाने, सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्रा से बचने, उर्वरक खपत कम करने और घर से काम करने जैसी अपील कर रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की अपील के तुरंत बाद पेट्रोलियम मंत्री के बयान से यह स्पष्ट हो गया कि सरकार ने आर्थिक संकट की जिम्मेदारी जनता पर डाल दी है और वह अपने कुप्रबंधन को छिपाने का प्रयास कर रही है। “प्रधानमंत्री खुद विदेश दौरे पर”माकपा शहर सचिव हीरालाल सालवी ने कहा कि प्रधानमंत्री एक ओर जनता से डीजल-पेट्रोल बचाने और विदेश यात्रा से बचने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुद रोड शो और विदेश दौरों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि सरकार और भाजपा नेताओं की सुविधाओं में कोई कटौती नहीं होगी, जबकि आम जनता से त्याग की अपेक्षा की जा रही है। माकपा ने आम जनता और व्यापारियों से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation गुरुकुल से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक : भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी प्रासंगिक — प्रो. सारंगदेवोत राजस्थान आयुर्वेद चिकित्साधिकारी संघ उदयपुर के चुनाव सम्पन्न, डॉ. विष्णु बंशीवाल बने अध्यक्ष