24 News Update अजमेर। शहर के नाका मदार निवासी भाजपा नेता, पूर्व सभापति और होटल व्यवसायी सुरेन्द्र सिंह शेखावत के साथ स्टेमसेल थेरेपी के नाम पर 18 लाख 95 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि हैदराबाद स्थित एक तथाकथित चिकित्सा संस्थान ने इलाज के नाम पर न सिर्फ मोटी रकम हड़प ली, बल्कि उन्हें ऐसे गैर-मान्य व अवैज्ञानिक उपचार देकर उनके जीवन को भी खतरे में डाल दिया।हैदराबाद के ‘डॉक्टरों’ ने गारंटी के साथ इलाज का दिया भरोसासुरेन्द्र सिंह शेखावत ने पुलिस को बताया कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे। जुलाई 2023 में उनकी मुलाकात हैदराबाद के “साइंटिफिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑफ यूरोपियन वेलनेस बायोमेट्रिक ग्रुप-37” के एजेंट अंकित शर्मा से हुई। उन्होंने दावा किया कि संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि तेज अलाम स्टेमसेल थेरेपी के जरिए असंभव बीमारियों का भी इलाज करते हैं। रवि तेज खुद अजमेर आकर शेखावत से होटल पर मिले और इलाज की गारंटी दी। विदेशी डॉक्टरों के ब्रोशर दिखाते हुए उन्होंने इलाज की प्रक्रिया को अत्यधिक प्रभावशाली बताया, जिससे शेखावत को उन पर विश्वास हो गया।रकम जमा करवाई, टेस्ट और इलाज के नाम पर लूटी रकमशेखावत के अनुसार, उन्हें हैदराबाद जाकर मैसर्स कॉश्यस स्टुडियोज प्रा. लि. के खाते में 11 लाख 70 हजार रुपए जमा करवाने को कहा गया। इसके बाद उन्होंने बार-बार हैदराबाद जाकर यात्रा, होटल और मेडिकल टेस्ट्स पर 4 लाख रुपए खर्च किए। उन्हें बेरिटास रिहैब एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के नाम पर और भी सवा दो लाख रुपए लिए गए।ना आराम मिला, ना इलाज प्रमाणित निकलाइतनी राशि खर्च करने के बाद भी स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। जब उन्होंने जयपुर और अजमेर के विशेषज्ञ डॉक्टरों से राय ली, तो यह तथ्य सामने आया कि जिस स्टेमसेल थेरेपी का इस्तेमाल किया गया, वह भारत में एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) और ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) से मान्यता प्राप्त नहीं है। साथ ही, जो इंजेक्शन उन्हें दिए गए, वे भी अवैध और फर्जी थे।रवि तेज डॉक्टर नहीं, फर्जीवाड़ा कर किया भ्रमितजांच में सामने आया कि रवि तेज अलाम ‘डॉ.’ लिखते हैं, लेकिन वे मेडिकल डॉक्टर नहीं हैं, और उनके पास चिकित्सकीय योग्यता का कोई प्रमाण नहीं है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि इंजेक्शन न तो आयातित थे, न ही प्रमाणित, जिससे उनके स्वास्थ्य को और खतरा हो गया। पीड़ित शेखावत ने रवि तेज अलाम, डॉ. माइक चान, डॉ. साइमन, बेरिटास हॉस्पिटल के चिकित्सकों और संस्था से जुड़े अन्य लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, झूठे दस्तावेजों का प्रयोग, और मानव जीवन से खिलवाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।अलवर गेट थाना पुलिस कर रही जांचअलवर गेट थाना में दर्ज इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस उन संस्थाओं, डॉक्टर्स और बैंक ट्रांजैक्शन्स की भी पड़ताल कर रही है, जिनका नाम शिकायत में दर्ज है। साइबर साक्ष्य, मेडिकल दस्तावेज और संस्थान की वैधता को आधार बनाकर तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे कोई भी विशेष उपचार करवाने से पहले संबंधित चिकित्सा पद्धति की प्रमाणिकता की जानकारी जरूर लें। फर्जी चिकित्सकों, अवैज्ञानिक उपचार और प्रचार आधारित चिकित्सा संस्थाओं से बचने की भी सलाह दी गई है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation IPO में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर कारोबारी से 56.77 लाख की ठगी, महिला ने 25 बैंक खातों में ट्रांसफर कराए पैसे, ब्लॉक कर हुई फरार अजमेर दरगाह में हजरत बाबा फरीद का चिल्ला खोला, जियारत के लिए उमड़े जायरीन