24 News Update उदयपुर। थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग से जूझ रहे बच्चों के लिए राहतभरी खबर है। विश्व थैलेसीमिया एवं सिकल सेल रोग जागरूकता अभियान के तहत 5 जून को आरएनटी मेडिकल कॉलेज के बाल चिकित्सालय में विशेष निःशुल्क एचएलए (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) मैचिंग शिविर आयोजित किया जाएगा। इस जांच के आधार पर पात्र मरीजों का चयन कर उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए अग्रेषित किया जाएगा।बाल चिकित्सालय में सुबह 9 बजे से शुरू होने वाले इस शिविर में उदयपुर संभाग के विभिन्न जिलों से लगभग 150 थैलेसीमिया मरीज अपने संभावित पारिवारिक डोनर—सगे भाई-बहन या निकट रिश्तेदारों—के साथ भाग लेंगे। मरीजों और उनके परिजनों के लिए एचएलए मैचिंग की संपूर्ण जांच सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट स्थायी उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन इस शिविर को सफल बनाने और पात्र मरीजों को ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन ने बताया कि अस्पताल में थैलेसीमिया और सिकल सेल रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों और उनके परिजनों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट, एचएलए मैचिंग और आधुनिक उपचार पद्धतियों की विस्तृत जानकारी भी देगी।बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक अरोड़ा ने बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सफलता काफी हद तक एचएलए मैचिंग पर निर्भर करती है। इसलिए यह जांच मरीजों के उपचार की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।वर्तमान में बाल चिकित्सालय, उदयपुर में करीब 500 थैलेसीमिया मरीज पंजीकृत हैं, जो नियमित रूप से यहां रक्त चढ़वाने और उपचार के लिए आते हैं। शिविर के दौरान सिकल सेल रोग को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें रोग की पहचान, रोकथाम, समय पर जांच और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।चिकित्सालय प्रशासन ने संभाग के सभी पंजीकृत थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों से अपील की है कि वे अपने संभावित डोनर के साथ शिविर में पहुंचकर इस निःशुल्क सुविधा का लाभ उठाएं। यह पहल कई बच्चों के लिए आजीवन रक्त चढ़ाने की निर्भरता से मुक्ति और स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद बन सकती है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation तलवार की नोक पर लूट करने वाले 2 बदमाश 24 घंटे में गिरफ्तार, बाइक और मोबाइल लूटकर हुए थे फरार उदयपुर सहित राजस्थान में अलर्ट: सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने से पहले करें यह जांच, वरना पड़ सकते हैं कानूनी पचड़े में