24 News Udpate जोधपुर। सांवरिया सेठ मंदिर में लड्डू प्रसाद का ठेका दिलाने और बड़े अधिकारियों से संपर्क का झांसा देकर एक मिठाई कारोबारी से करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। जोधपुर की चर्चित सुमिता विश्नोई उर्फ सुमता और मध्यप्रदेश पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल सहित चार लोगों के खिलाफ 2 करोड़ 45 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।मामले में निंबाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) निवासी मिठाई कारोबारी पर्वत सिंह राजपुरोहित (39) ने बोरानाडा थाना, जोधपुर में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। आरोप है कि आरोपियों ने उसे नेताओं, हाईकोर्ट के जजों और वरिष्ठ अधिकारियों से पहचान होने का भरोसा दिलाकर निवेश और काम दिलाने के नाम पर रकम ली। सांवरिया सेठ मंदिर में प्रसाद ठेका दिलाने का दिया झांसापर्वत सिंह ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह निंबाहेड़ा में करीब 27 वर्षों से मिठाई कारोबार से जुड़े हैं। कुछ समय पहले उसकी पहचान मध्यप्रदेश के नीमच जिले के मनासा थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल राघव सिंह राजपूत से हुई थी।राघव सिंह ने उसे निवेश और प्रॉपर्टी में लाभ दिलाने का भरोसा देकर फरवरी 2025 में जोधपुर ले जाकर सुमिता विश्नोई से मिलवाया। शिकायत के अनुसार, राघव सिंह ने सुमिता को ऐसी महिला बताया जिसकी बड़े अधिकारियों, नेताओं और हाईकोर्ट के जजों तक पहुंच है और वह बड़े काम आसानी से करवा सकती है।आरोप है कि सुमिता ने भी बातचीत के दौरान नेताओं को फोन करने का दिखावा किया और अपनी ऊंची पहुंच का भरोसा दिलाया। बाद में पीड़ित को पता चला कि कथित तौर पर नंबरों को नेताओं और अधिकारियों के नाम से सेव कर लोगों को प्रभावित किया जाता था। 1 करोड़ 5 लाख रुपए निवेश के नाम पर लेने का आरोपपर्वत सिंह के अनुसार, उसे बताया गया कि प्रशासनिक स्तर पर बदलाव होने वाले हैं और चित्तौड़गढ़ में बड़े पदों पर नियुक्तियां होंगी। यदि इसमें आर्थिक मदद की जाए तो भविष्य में लाभ मिलेगा और सांवरिया सेठ मंदिर में लड्डू प्रसादी सहित अन्य कार्यों का अवसर मिल सकता है। आरोप है कि सुमिता ने निवेश के नाम पर उससे 1 करोड़ 5 लाख रुपए नकद लिए, जो उसके दो बेटों मनीष विश्नोई और विनोद विश्नोई को दिए गए। जमानत कराने के नाम पर 1.40 करोड़ लेने का आरोपरिपोर्ट में बताया गया कि बाद में राघव सिंह कुछ अन्य लोगों के साथ पर्वत सिंह की दुकान पर आया और एक मामले में हाईकोर्ट से जमानत करवाने की बात कही। जमानत के लिए सुमिता ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की मांग की। इसके बाद ईश्वर पाटीदार, हेमंत पाटीदार और विशाल पाटीदार के माध्यम से 1 करोड़ 40 लाख रुपए नकद दिए गए, जो अप्रैल 2025 में जोधपुर में सुमिता के बेटों को सौंपे गए। जमानत नहीं होने पर पैसे वापस मांगने पर सुमिता ने रकम लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन आरोप है कि बाद में भुगतान नहीं किया गया। प्लॉट देने का दिया भरोसा, बाद में सामने आई जानकारीपीड़ित के अनुसार, रकम वापस करने के दबाव पर सुमिता ने जोधपुर स्थित पार्श्वनाथ सिटी का एक प्लॉट देने की बात कही। आरोप है कि प्लॉट की कीमत बताकर उसका मुख्तारनामा भी कराया गया, लेकिन बाद में जानकारी मिली कि उस प्लॉट को लेकर पहले से ही धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। धमकी देने का भी आरोपपीड़ित ने आरोप लगाया कि पैसे वापस मांगने पर सुमिता ने धमकी दी और कहा कि उसका नाम गूगल पर देख लो, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पर्वत सिंह ने बताया कि सुमिता द्वारा पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने का दावा किए जाने के कारण वह पहले कार्रवाई को लेकर आशंकित था। बाद में उसने पुलिस कमिश्नर शरत कविराज से संपर्क किया, जिसके बाद मामला दर्ज कराया गया। चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जएडीसीपी नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि शिकायत के आधार पर सुमिता विश्नोई, उसके दो बेटों और मध्यप्रदेश पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल राघव सिंह राजपूत सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation वरिष्ठ शिक्षक शिवराज खारोल के सेवानिवृत्त सम्मान समारोह के अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों ने खारोल खारवाल समाज के सामाजिक सरोकारों के क्रियान्वयन पर की चर्चा श्मशान घाट की बदहाली ने छीना सम्मानजनक अंतिम संस्कार का अधिकार, बारिश में अधजली रह जाती हैं चिताएं, श्मशान तक पहुंचने का रास्ता भी नहीं 700 मतदाताओं वाले गांव में सड़क, शेड और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव