उदयपुर, 1 नवंबर। सचिवालय में जामुन का पेड़ गिरता है और उसके नीचे एक आम आदमी दब जाता है। आदमी जिंदगी बचाने की गुहार लगाता रहता है, लेकिन व्यवस्था उसे बचाने के बजाय यह तय करने में उलझ जाती है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है। इसी विडंबना को हास्य और तीखे व्यंग्य के साथ मंच पर उतारा गया कृष्ण चंदर की कालजयी कहानी पर आधारित नाटक ‘जामुन का पेड़’। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के तहत रविवार को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में रंग शिल्प नाट्य समिति, जयपुर ने इस नाटक का मंचन किया। नीरज गोस्वामी के लेखन और ईश्वर दत्त माथुर के निर्देशन में हुए मंचन ने दर्शकों को हंसाने के साथ व्यवस्था की उन परतों पर भी सोचने को मजबूर किया, जहां एक इंसान से ज्यादा महत्वपूर्ण फाइल और जिम्मेदारी से ज्यादा जरूरी उससे बचने का रास्ता हो जाता है। नाटक की कहानी एक ऐसे आम व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सचिवालय परिसर में गिरे जामुन के पेड़ के नीचे दब जाता है। उसकी मदद करने के बजाय प्रशासनिक अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहते हैं। मामला आगे बढ़ता है तो आम जनता और विपक्षी नेता भी इस संकट को अपने-अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। एक तरफ दबा हुआ व्यक्ति मदद की प्रतीक्षा करता है, दूसरी तरफ सरकारी तंत्र फाइलों और प्रक्रियाओं में उलझा रहता है। यही विरोधाभास नाटक को हास्य के साथ-साथ तीखा सामाजिक व्यंग्य बनाता है। दर्शकों की हंसी के बीच व्यवस्था की संवेदनहीनता का सवाल लगातार सामने आता रहा। नाटक की एक खास बात कलाकारों की उम्र भी रही। इसमें करीब 70 प्रतिशत कलाकारों की उम्र 70 वर्ष के आसपास थी। उम्र के इस पड़ाव पर कलाकारों ने जिस ऊर्जा और सहजता से मंच पर अभिनय किया, उसे दर्शकों ने खूब सराहा। खचाखच भरे दर्पण सभागार में मंचन के दौरान कई प्रसंगों पर जमकर ठहाके गूंजे, लेकिन नाटक खत्म होने के बाद इसकी विडंबना दर्शकों को भीतर तक छूती रही। सिद्धांत भटनागर ने प्रकाश व्यवस्था संभाली। मंचन के बाद सभी कलाकारों का सम्मान किया गया। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि ‘रंगशाला’ के माध्यम से हर माह नाट्य प्रस्तुतियों को मंच दिया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, कार्यक्रम अधिशासी हेमंत मेहता सहित अधिकारी-कर्मचारी और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। संचालन सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी ने किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation योग के साथ पौधारोपण, खिलाड़ियों ने लिया खेलगांव को हराभरा बनाने का संकल्प थाने से महज एक किमी दूर बच्चों से भरी बस पर पथराव, तीन घायल, जोधपुर से पिकनिक पर उदयपुर आ रहे थे 62 बच्चे, बस के कांच टूटे तो सीटों के नीचे छिपे