उदयपुर, 1 फरवरी। केंद्रीय बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए माकपा जिला सचिव और पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने इसे “अमीरों की अमीरी बढ़ाने वाला और मेहनतकश जनता के हक़ पर कैंची चलाने वाला बजट” करार दिया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट का चेहरा भले ही विकासोन्मुख दिखाया गया हो, लेकिन उसकी आत्मा पूरी तरह कॉरपोरेट हितों के पक्ष में झुकी हुई है। सिंघवी ने आरोप लगाया कि बजट में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पीएम पोषण, पीएम श्री, फसल बीमा, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे बुनियादी क्षेत्रों में चुपचाप भारी कटौती कर दी गई है। यही नहीं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए आवंटित राशि में भी उल्लेखनीय कमी की गई है, जो सामाजिक न्याय के संवैधानिक वादों पर सीधा प्रहार है। संघीय ढांचे पर वार माकपा नेता ने कहा कि बजट में राज्यों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता में 2 लाख 3 हजार 801 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। यह कटौती केंद्र प्रायोजित योजनाओं, वित्त आयोग अनुदान और अन्य हस्तांतरणों में की गई, जबकि कई राज्य पहले से ही कम जीएसटी राजस्व के चलते गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। सिंघवी ने इसे संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ कदम बताया। ‘सतत विकास’ की परिभाषा पर सवाल सिंघवी ने कहा कि बजट में जिस ‘सतत विकास’ की बात की जा रही है, वह दरअसल धनी वर्ग और कॉरपोरेट सेक्टर की आय और संपत्ति बढ़ाने का पर्याय बनकर रह गया है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोई ठोस प्रावधान न कर उन्हें असुरक्षा के हवाले छोड़ दिया गया है, वहीं युवाओं के रोजगार को लेकर भी बजट पूरी तरह खामोश है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आयड़ बस्ती में हिंदू सम्मेलन की पूर्व संध्या पर भगवा वाहन रैली, पुष्पवर्षा के बीच केसरिया रंग में रंगा शहर निम्स यूनिवर्सिटी का ‘गुरु वंदन’, 100 करोड़ की छात्रवृत्ति से दिया बड़ा संदेश