जयपुर, 17 अक्टूबर। रेल यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में जयपुर–सवाई माधोपुर रेलखंड पर 7 घंटे 30 मिनट का मेगा ट्रैफिक ब्लॉक लेकर रेलवे के कई विभागों ने एक साथ मरम्मत, अनुरक्षण और तकनीकी सुधार के काम पूरे किए। इस दौरान रेलवे ट्रैक, पुलों, सिग्नलिंग, दूरसंचार केबल और ओवरहेड विद्युत उपकरणों से जुड़े कार्य किए गए। एक ही ब्लॉक में विभिन्न विभागों के समन्वय से नियमित रखरखाव के साथ अतिरिक्त कार्य भी निपटाए गए।उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पटरियों, पुलों, सिग्नल और बिजली से जुड़े उपकरणों का नियमित रखरखाव जरूरी है। महाप्रबंधक पंकज शर्मा के मार्गदर्शन में किए गए इन कार्यों का उद्देश्य रेल अवसंरचना की मजबूती, तकनीकी प्रणालियों की विश्वसनीयता और परिचालन सुरक्षा को बेहतर बनाना है। पुलों की मरम्मत से ट्रैक की पैकिंग तक काममेगा ब्लॉक के दौरान इंजीनियरिंग विभाग ने पुलों और रेलपथ के अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया। ओआरएन-3 पुल पर 4.8 मीटर लंबाई में 1.5×2 मीटर आंतरिक आकार के आरसीसी बॉक्स बदले गए। सीकेबी-डीपीजेड रेलखंड में लघु पुल संख्या 16ए पर 8.4 मीटर लंबाई में 1×1.5 मीटर आकार के आरसीसी बॉक्स लगाकर पाइप पुल के पुनर्निर्माण का कार्य किया गया। वहीं, समपार फाटक संख्या 08 के स्थान पर रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) बनाने के लिए 4.5×5 मीटर आंतरिक आकार के छह आरसीसी बॉक्स स्थापित किए गए।ट्रैक के रखरखाव के तहत ड्यूओमैटिक मशीन से करीब चार किलोमीटर रेलपथ की टैम्पिंग की गई। जयपुर यार्ड में एमपीटी मशीन की मदद से दो टर्नआउट, एक एसईजे और 240 मीटर सामान्य रेलपथ की पैकिंग की गई। इसके अलावा 136 मीटर रेल बदलने, एक टीडब्ल्यूएस बदलने और पांच एसईजे में स्लीपर लगाने का काम पूरा किया गया। रेल जोड़ों के रखरखाव के लिए 92 फिश प्लेटेड जॉइंट्स का लुब्रिकेशन और 57 जॉग्ल्ड फिश प्लेटों की ऑयलिंग व ग्रीसिंग की गई। पांच समपार फाटकों की ओवरहॉलिंग तथा पुल संख्या 77 पर फिटिंग बदलने और कसने का कार्य भी किया गया।सिग्नलिंग, केबल और बिजली उपकरणों का अनुरक्षणसिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने डीपीजेड यार्ड में 23 स्थानों पर सिग्नलिंग और दूरसंचार केबल शिफ्ट की। सिरस स्टेशन पर पॉइंट संख्या 119 की मशीन बदली गई और सिग्नल तथा एक्सल काउंटर की विद्युत आपूर्ति से संबंधित ईएलडी फॉल्ट दूर किया गया। स्टेशन के स्टार्टर, अप-डाउन होम और डिस्टेंट सिग्नलों की केबलों सहित आपातकालीन पैनल काउंटरों की जांच की गई। सांगानेर स्टेशन पर भी ईएलडी फॉल्ट ठीक करने के साथ 12 सिग्नलिंग केबलों की जांच हुई।दूरसंचार व्यवस्था में ब्लॉक सेक्शन के दौरान 150 मीटर क्वाड केबल, 150 मीटर एसएसपी क्वाड केबल और 150 मीटर 24-फाइबर केबल शिफ्ट की गई। समपार फाटक के लिए 50 मीटर 10-पेयर केबल बिछाई गई।विद्युत कर्षण वितरण (टीआरडी) विभाग ने पुलों और एलएचएस से संबंधित इंजीनियरिंग कार्यों के दौरान तीन स्थानों पर ओवरहेड विद्युत उपकरणों (ओएचई) के तारों को नीचे करने, शिफ्ट करने और दोबारा स्थापित करने का काम किया। इसके साथ 390 इंसुलेटरों की सफाई, दो आइसोलेटरों का अनुरक्षण और दो इंसुलेटर बदलने का कार्य पूरा किया गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मदन राठौड़ के बयान पर कांग्रेस का प्रदर्शन, हाथीपोल चौराहे पर फूंका पुतला, जिलाध्यक्ष राठौड़ बोले—भाजपा नेता पाकिस्तान परस्त, इनको दौड़ा—दौड़ा कर मारना चाहिए उदयपुर में मंदिरों को निशाना बनाने वाले गिरोह से 22 लाख की चांदी बरामद, 8.9 किलो मूर्तियां और छत्र मिले