24 न्यूज अपडेट, जयपुर। राजस्थान में एसआई भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने बार-बार यह कहा कि वह अभी निर्णय लेने की प्रक्रिया में है, लेकिन कोर्ट ने इस पर सवाल उठाया और पूछा कि सरकार आखिरकार अंतिम निर्णय क्यों नहीं ले पा रही है। जस्टिस समीर जैन ने यह भी कहा कि सरकार को निर्णय लेने के लिए एक या दो महीने का समय दिया जाता है, लेकिन इस फैसले को कोर्ट में प्रस्तुत करना होगा। सरकार से यह उम्मीद की जा रही थी कि वह इस मामले में कोई ठोस निर्णय लेकर कोर्ट को अवगत कराए, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया। अब मंगलवार को इस पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।
सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कहा कि सरकार ने कभी यह नहीं कहा कि भर्ती रद्द नहीं होगी, लेकिन वह जो भी निर्णय लेंगी, वह कानूनी रूप से सही होना चाहिए। इसके जवाब में जस्टिस समीर जैन ने कहा कि सरकार को तय समय में फैसला करना चाहिए, और तब तक स्थिति को जस का तस बनाए रखा जाएगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि सरकार की एसआईटी और महाधिवक्ता की राय अलग-अलग क्यों है, और इसका क्या आधार है। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी पूछा कि यदि कोई बैठक हुई हो तो उसकी मिनट्स (बैठक का लिखित रिकॉर्ड) क्यों नहीं बनाई गई।
अंत में कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि अगर सरकार की जांच सही दिशा में नहीं चल रही है, तो इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। कोर्ट को यह संदेह हो रहा है कि सरकार कुछ छुपा रही है, खासकर तब जब कोर्ट ने इस पर स्टे (रोक) लगाया था, फिर भी सरकार ने एसआई को फील्ड ट्रेनिंग पर भेज दिया। इस मुद्दे पर कोर्ट का दबाव बढ़ता जा रहा है, और सरकार को जल्द ही अपने निर्णय के बारे में कोर्ट को सूचित करना होगा, वरना उच्च न्यायालय अन्य कदम उठा सकता है।
SI भर्ती मामले में हाईकोर्ट की नाराजगी – मुख्य बिंदु
| विषय | विवरण |
|---|---|
| मामला | सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती का लंबित निर्णय |
| सुनवाई की तारीख | सोमवार (3 घंटे पहले) |
| सुनवाई की स्थिति | अधूरी रही |
| न्यायाधीश | जस्टिस समीर जैन |
| हाईकोर्ट की नाराजगी का कारण | सरकार का बार-बार यह कहना कि निर्णय प्रक्रिया जारी है, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं लेना |
| हाईकोर्ट की टिप्पणी | सरकार को 2 महीने का समय, लेकिन ठोस निर्णय लेकर आना होगा |
| सरकार का पक्ष | अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कहा कि सरकार भर्ती रद्द करने या न करने को लेकर कानूनी रूप से सही निर्णय लेना चाहती है |
| हाईकोर्ट का सवाल | सरकार की एसआईटी और महाधिवक्ता की राय कुछ और, लेकिन कोर्ट में अलग रुख क्यों? मीटिंग का लिखित रिकॉर्ड क्यों नहीं? |
| ट्रेनिंग विवाद | हाईकोर्ट ने सरकार पर आरोप लगाया कि स्टे के बावजूद ट्रेनी SI को फील्ड ट्रेनिंग पर भेजा गया |
| CBI जांच की संभावना | हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि सरकार सही जांच नहीं कर रही, तो केस CBI को सौंपा जा सकता है |
अगली सुनवाई में सरकार को ठोस जवाब देना होगा, अन्यथा CBI जांच का आदेश संभव है।
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