उदयपुर। शहर में प्रशासनिक और राजनीतिक गठजोड़ से मनमानी इस कदर बढ़ती जा रही है कि अफसर और नेता खुद को खुदा समझ कर जब चाहे वहां पर बिना किसी पूर्व सूचना के खोदने लग गए हैं। दुर्गा नर्सरी रोड पर अति व्यस्त रास्ते पर खुदाई व रास्ता बंद करने से पहले जिला प्रशासन की ओर से कोई एडवाइजरी नहीं जारी की गई, रास्ता डाइवर्जन की कोई खबर जारी नहीं की गई, कहीं कोई सूचना इंटरनेट पर मौजूद किसी भी संचार माध्यम से प्रसारित की गई। जनता को कीड़े मकौड़े समझने का यह एटीट्यूड बहुत लंबे समय से चल रहा है। कोई जुलूस—जयंती हो तो तुरंत एक दिन पहले रूट चार्ट आ जाता है, डाइवर्जन तय हो जाता है। सूचना भी दे दी जाती है मगर दुर्गा नर्सरी के नाले का काम शुरू करने से पहले शहरवासियों को भी व्यवस्था में साझेदार बनाए जाना जरूरी नहीं समझा गया। मौके पर बल्लियां लगा कर रास्ता बंद कर दिया गया। रोज जाने जाने वाले घनचक्कर और भौचक्के रह गए। हालात ये हो गए कि कई दिन बीत जाने के बाद भी आज तक आयड़ से आने वाले लोग शॉपिंग मॉल की अनावश्यक परिक्रमा करते हुए और मन ही मन प्रशासन व नेताओं को जमकर लताड़ते हुए आगे बढ़ने को मजबूर हैं। ऐसी परिक्रमा लगवाई जा रही है मानों शहरवासियों ने कोई बहुत बड़ अपराध कर दिया हो। चक्की पिसिंग में लगता है नेताओं और अफसरों को बहुत आनंद आ रहा हैं। लेकसिटी मॉल वाले छोर पर पुलिस चालान बनाने को तो तैयार खड़ी नजर आती है मगर एक डाइवर्जन लगा का यह तक नहीं बताया जा रहा है कि आगे बढ़ने के लिए आपको रॉन्ग साइड से होते हुए गुजरना है। रॉन्ग साइड पर भी वाहन अपनी रिस्क पर गिरते पड़ते गुजर रहे हैं। पूरे रास्ते में जगह—जगह यातायात पुलिस तैनात करनी थी मगर यहां पर तो जंग का मैदान सजा हुआ है। आज महापौर ने मौका निरीक्षण करके नाले का काम जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया व लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने, जनता से सहयोग करने की अपील की। मगर सवाल यह है कि यह अपील काम शुरू होने से पहले क्यों नहीं की गई। अपील करना प्रशासन का काम है। प्रशासन ने जनता को इतना हल्के में क्यों लिया??? आज भी मौके पर यातायात के हालात विकट हैं, लोगों का कीमती समय जाया हो रहा हे, इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं?? अगर संवेदनशील प्रशासन होता तो अब तक तो एक दो अफसर सस्पेंड हो चुके होते, नेता मौके पर आकर माफी मांग चुके होते। मगर यहां जनता भी सोई और रेंगती हुई दिखाई देती है। गुणवत्ता में नहीं रहे लापरवाही निगम महापौर पारस सिंघवी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा निर्माण कार्य के दौरान होने वाले कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। नाले के निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ कार्य की नियमित निगरानी की जाए। महापौर ने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भींडर के सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा टला: 32 बच्चों के बीच गिरा छत का प्लास्टर, 3 मासूम घायल धनतेरस पर वोटिंग, उठे सवाल तो टूटी चुनाव आयोग की खर्राटे वाली नींद, तारीख बदली, उठे गंभीर सवाल: चुनाव कार्यक्रम बनाते समय क्या कैलेंडर भी नहीं देखते?? अफसरों पर कार्रवाई जरूरी!!