— जगन्नाथ रथयात्रा से गुरु पूर्णिमा तक आस्था के बड़े पर्वों से सजेगा महीना, उदयपुर में रथयात्रा की तैयारियां तेज 24 News udpate उदयपुर। सनातन धर्म में विशेष महत्व रखने वाला आषाढ़ मास मंगलवार से शुरू हो रहा है। पूजा-पाठ, व्रत, जप, तप और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस महीने में धार्मिक आस्था के कई बड़े पर्व आने वाले हैं। जगन्नाथ रथयात्रा, गुप्त नवरात्रि, देवशयनी एकादशी और गुरु पूर्णिमा जैसे प्रमुख आयोजन पूरे माह श्रद्धा और भक्ति का माहौल बनाए रखेंगे।आषाढ़ मास के साथ ही धार्मिक गतिविधियों का विशेष दौर शुरू होगा। मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और इसी के साथ चातुर्मास प्रारंभ होता है। इस वर्ष 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास आरंभ होगा। धार्मिक परंपराओं में चातुर्मास के दौरान विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम रहता है, जबकि पूजा, व्रत, कथा, सत्संग और आध्यात्मिक साधना का महत्व बढ़ जाता है। दो एकादशी और कई विशेष पर्वआषाढ़ मास में दो एकादशी पड़ेंगी। 10 जुलाई को योगिनी एकादशी मनाई जाएगी, जिसमें भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व माना गया है। वहीं 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने की धार्मिक मान्यता है।इस महीने 3 जुलाई को संकष्टी चतुर्थी, 12 जुलाई को मासिक शिवरात्रि, 14 जुलाई को प्रदोष व्रत, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा और 29 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं का होगा पूजनआषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनका पूजन, सम्मान और आशीर्वाद लेने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गुरु जीवन में ज्ञान और मार्गदर्शन का प्रकाश देने वाले होते हैं, इसलिए इस दिन गुरु पूजा का विशेष महत्व रहता है। उदयपुर में जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर तैयारियां शुरूआषाढ़ मास के प्रमुख धार्मिक आयोजन भगवान जगन्नाथ रायजी की वार्षिक रथयात्रा को लेकर उदयपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। 16 जुलाई को निकलने वाली भव्य रथयात्रा को लेकर श्री रथ समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में रथ की साफ-सफाई, धार्मिक ध्वज और बैनर लगाने, रथयात्रा मार्ग की सजावट, कलश व्यवस्था सहित अन्य तैयारियों को लेकर अलग-अलग समितियों का गठन किया गया। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपते हुए समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्णय लिया गया।रथयात्रा से पहले 14 जुलाई को भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें भजन गायक महावीर सांखला और मधुबाला राव अपनी प्रस्तुतियां देंगे। बैठक में समिति पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष भी रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। आषाढ़ मास के प्रमुख आयोजन एक नजर में30 जून – आषाढ़ मास प्रारंभ3 जुलाई – संकष्टी चतुर्थी10 जुलाई – योगिनी एकादशी12 जुलाई – मासिक शिवरात्रि14 जुलाई – प्रदोष व्रत और भजन संध्या आयोजन16 जुलाई – भगवान जगन्नाथ रथयात्रा25 जुलाई – देवशयनी एकादशी, चातुर्मास प्रारंभ29 जुलाई – गुरु पूर्णिमा और आषाढ़ पूर्णिमा व्रत आषाढ़ मास इस बार धार्मिक आयोजनों और परंपराओं से भरपूर रहेगा। उदयपुर में जगन्नाथ रथयात्रा से लेकर चातुर्मास की शुरुआत तक शहर में भक्ति और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिलेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation टीडी में इंजीनियरिंग कॉलेज की राह हुई आसान, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने डिप्टी सीएम से की मुलाकात राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग में राजस्थान का दमदार प्रदर्शन, 15 पदकों के साथ टीम ने रचा इतिहास