24 News update जोधपुर, 29 अगस्त। सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों की तर्ज पर रची गई खौफनाक साजिशों का पर्दाफाश आखिरकार कानून के लंबे हाथों ने कर ही दिया। ब्यावर और जोधपुर के बीच उलझी एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 5 महीने से लापता महिला का कंकाल बरामद कर लिया है। बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर ‘दृश्यम’ के दोनों पार्ट 10 से ज्यादा बार देखकर हत्या का ताना-बाना बुनने वाला आरोपी आखिरकार एक डिजिटल सुराग की वजह से कानून के शिकंजे में कस गया।कैफे-होटल की लव स्टोरी से खूनी अंत तकजोधपुर के बिलाड़ा (गांव पिचियाक) निवासी ट्रेवल एजेंट राजू गिरी की दो साल पहले जैतारण के एक होटल में ब्यावर की लीला देवी से मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच शुरू हुआ प्रेम प्रसंग इस कदर हावी हुआ कि राजू की दिव्यांग पत्नी उसे छोड़कर अपने पीहर चली गई। आरोपी ने प्रेमिका की खातिर अपनी पत्नी के जेवर तक उसे सौंप दिए। संबंधों के बीच पैसों को लेकर तल्खी बढ़ने लगी। लीला देवी द्वारा 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग और लगातार ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर राजू ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रचनी शुरू कर दी। साजिश, हत्या और पुलिस को गुमराह करने के 5 पैंतरे सुनसान खेत में वारदात (14-15 मार्च):आरोपी 13 मार्च को लीला को बुलाकर अपने खोखरिया गांव स्थित खेत पर ले गया। 14-15 मार्च की दरमियानी रात उसने पहले महिला को शराब पिलाई और फिर लाठी से वार कर उसकी हत्या कर दी। शव को झाड़ियों के पास फेंक दिया ताकि जंगली जानवर उसे ठिकाने लगा दें। 4 महीने का सन्नाटा और बेटे का केस:महिला के अक्सर बाहर रहने के कारण परिजनों ने तुरंत रिपोर्ट नहीं दी। 11 अप्रैल को पिता कालू सिंह ने गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन पुलिस को शुरुआती जांच में राजू ने ’15 मार्च को आकर चले जाने’ की बात कहकर टहला दिया। 11 अगस्त को जब मृतका के बेटे ने अपहरण व हत्या की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया, तब पुलिसिया चक्रव्यूह तेज हुआ। शातिर का पहला झूठ (तालाब में तलाश):दोबारा हिरासत में लेने पर आरोपी ने पहला झूठ बोला कि उसने शव को तालाब में फेंक दिया है। पुलिस ने गोताखोर उतारकर घंटों रेस्क्यू चलाया, लेकिन खाली हाथ रही। दूसरा झूठ (श्मशान की राख खंगालना):राजू ने पुलिस को दूसरी कहानी गढ़कर बताया कि उसने गांव के श्मशान में 19 मई को एक जलती चिता में शव को चुपके से जला दिया था। पुलिस की टीम ने संदेह दूर करने के लिए श्मशान की राख तक खंगाली, पर कोई अवशेष नहीं मिला। तीसरा झूठ (मृतक पर डाला दोष):तीसरी बार उसने दावा किया कि पिचियाक निवासी विजयसिंह नाम के परिचित को 20 हजार देकर बॉडी ठिकाने लगवाई थी। जांच में पता चला कि जिस विजयसिंह का नाम लिया गया, उसकी मौत तो 8 महीने पहले ही हो चुकी थी। तकनीकी सुराग से खुला राज: खेत में मिला कंकालब्यावर एसपी रतनसिंह और साकेत नगर एसएचओ सुरजीत ठोलिया के नेतृत्व में काम कर रही पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीम ने जब मोबाइल टावर लोकेशन की गहराई से पड़ताल की, तो 15 मार्च से ठीक पहले की लोकेशन खोखरिया गांव स्थित खेत के पास पाई गई। पुलिस की टीम जब ट्रैक्टर लेकर खोखरिया स्थित खेत पर पहुंची और खुदाई शुरू कराई, तो शातिर आरोपी टूट गया। पुलिस ने मिट्टी के नीचे दबे महिला के कंकाल, हड्डियां, बैग और पहचान पत्र बरामद कर लिए। फिल्म ‘दृश्यम’ से लिया मर्डर का आइडियापुलिस पूछताछ में आरोपी राजू गिरी ने स्वीकार किया कि वह जनवरी से ही मर्डर का प्लान बना रहा था। उसने अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘दृश्यम’ के दोनों भाग 10 से अधिक बार देखे थे ताकि ऐसा तरीका निकाला जा सके जिससे डेड बॉडी कभी रिकवर न हो सके और पुलिस साक्ष्यों के अभाव में केस बंद कर दे। लेकिन साइबर सेल के एक डिजिटल सुराग ने 26 अगस्त को इस 5 महीने पुराने अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation शिव महापुराण कथा में गूंजी भोलेनाथ की महिमा, पहले दिन तीन ज्योतिर्लिंगों का हुआ वर्णन राजमसंद में वार्ड 28 में लगे फ्लेक्स ‘बाहरियों’ की नो एंट्री! स्थानीय चेहरे को टिकट देने की मांग