— प्रवेश के वक्त देने होंगे करीब ₹38.4 लाख 24 News Update उदयपुर, 29 अगस्त। सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई अब एनआरआई कोटे से करने वालों के लिए जेब पर बड़ा बोझ डालने वाली है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए उदयपुर, कोटा, अजमेर और आरयूएचएस जयपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे की एमबीबीएस सीटों की फीस डॉलर में तय कर दी है। मजे की बात ये है कि एनआरआई का अलग से कोटा तय किया गया है व उसकी मेरिट भी अलग से ही बन रही है। ऐसे में एक तरफ उच्च अंक लाने पर भी गरीब विद्यार्थी साधारण मेरिट में संघर्ष करके डाक्टरी की सीट से चूक रहे हैं तो दूसरी तरफ कम अंकों पर एनआरआई अभ्यर्थी या उनके रिश्तेदार मजे से पैसा फेंक कर सीट ले रहे हैं। यह व्यवस्था आरक्षण से आए अभ्यर्थियों पर भी भारी पडती नजर आ रही है।विभाग के आदेश के मुताबिक 2026-27 बैच के विद्यार्थी को पूरे 9 सेमेस्टर के लिए कुल 1,80,910.80 अमेरिकी डॉलर फीस देनी होगी। मौजूदा करीब ₹95.50 प्रति डॉलर की दर को आधार मानें तो यह राशि लगभग ₹1.73 करोड़ बैठती है। हालांकि वास्तविक रुपये में भुगतान की राशि अभी तय नहीं है, क्योंकि आदेश के अनुसार प्रत्येक सेमेस्टर की शुरुआत में उस दिन लागू डॉलर विनिमय दर के आधार पर फीस रुपये में निर्धारित होगी। प्रवेश के साथ ही करीब 38.4 लाख का भारएनआरआई कोटे में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी से पहले और दूसरे सेमेस्टर की फीस प्रवेश के समय एक साथ ली जाएगी। दोनों सेमेस्टर की निर्धारित राशि 40,202.40 डॉलर है। ₹95.50 प्रति डॉलर की उदाहरण दर से देखें तो प्रवेश के समय यह रकम करीब ₹38.39 लाख होगी। इसके बाद तीसरे से लेकर नौवें सेमेस्टर तक प्रत्येक सेमेस्टर की फीस 20,101.20 डॉलर निर्धारित की गई है। सात सेमेस्टर की कुल राशि 1,40,708.40 डॉलर होती है। डॉलर बढ़ा तो बढ़ेगी रुपये में फीसइस फीस व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने रुपये में कोई स्थायी रकम तय नहीं की है। आदेश के अनुसार फीस का भारतीय रुपये में निर्धारण प्रत्येक सेमेस्टर शुरू होने की तारीख यानी 1 अगस्त या 1 फरवरी को प्रचलित अमेरिकी डॉलर की दर के आधार पर किया जाएगा और राशि को निकटतम ₹100 तक निर्धारित किया जाएगा। यानी डॉलर की कीमत बढ़ने पर विद्यार्थी को रुपये में अधिक फीस चुकानी पड़ सकती है। अगले बैच से 5 प्रतिशत बढ़ोतरी2026-27 बैच के बाद आने वाले प्रत्येक नए बैच के लिए पूरे एमबीबीएस कोर्स की संकलित फीस में 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इससे आने वाले वर्षों में एनआरआई कोटे की सरकारी मेडिकल सीट की कुल लागत और बढ़ने की संभावना है। बीच में छोड़ा कोर्स तो भी देनी होगी रकमसरकार ने फीस के साथ विद्यार्थियों के लिए एक अहम शर्त भी रखी है। यदि कोई विद्यार्थी एमबीबीएस की पढ़ाई बीच में छोड़ देता है तो उससे शेष सेमेस्टरों की फीस के बराबर राशि जमा कराने का बॉण्ड लिया जाएगा। यह प्रावधान केवल वर्तमान सीटों तक सीमित नहीं रहेगा। आदेश में कहा गया है कि भविष्य में राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सृजित होने वाली एनआरआई कोटे की सीटों पर भी यही प्रावधान लागू होगा। चार सरकारी संस्थानों पर लागूयह फीस व्यवस्था राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेज कोटा, उदयपुर, अजमेर तथा आरयूएचएस जयपुर द्वारा संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में एनआरआई कोटे की सीटों के लिए निर्धारित की गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त बाबूलाल गोयल की ओर से जारी आदेश में यह फीस मंत्रिमंडलीय आज्ञा संख्या 98/2020, दिनांक 3 सितंबर 2020 के अनुसरण में निर्धारित किए जाने का उल्लेख है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जिंक फुटबॉल एकेडमी के प्रशिक्षु खिलाड़ियों और ग्रामीण युवा आए एक मंच पर , राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजन, वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन 2026 का काउंटडाउन शुरू वार्ड 57 : असंतोष का ‘महासंग्राम’, फूलसिंह मीणा ने पर्ची से आया नाम कैसे करवाया फाइनल, बगावत का खतरा!!