24 News Update उदयपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देशानुसार शनिवार को उदयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर सहित जिले के विभिन्न न्यायालयों में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर कई प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में प्रकरणों की संख्या को देखते हुए जिला मुख्यालय पर कुल 15 विशेष बेंचों का गठन किया गया। इन बेंचों में न्यायिक अधिकारियों और सदस्य सचिवों ने पक्षकारों के बीच मध्यस्थता कर लंबे समय से लंबित मामलों को समझाइश के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (एडीजे) कुलदीप शर्मा ने बताया कि लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन मामलों के साथ ही न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें मुख्य रूप से चेक बाउंस (एनआई एक्ट की धारा 138) से जुड़े मामले, बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों की वसूली संबंधी प्रकरण, श्रम एवं नियोजन विवाद, बिजली-पानी जैसे जनोपयोगी सेवाओं के बिलों से जुड़े मामले तथा भरण-पोषण और पारिवारिक विवादों को शामिल किया गया। लोक अदालत के दौरान न्यायालय परिसर में सुबह से ही पक्षकारों की अच्छी खासी मौजूदगी रही। सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य ‘सुलह से समाधान’ की भावना को बढ़ावा देना है, जिसमें आपसी सहमति से विवादों का स्थायी समाधान होता है। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद मिलती है।
उदयपुर में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित, 15 बेंचों में आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण

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