उदयपुर। गोगुन्दा कस्बे में करीब दो माह पूर्व 65 वर्षीय दूध व्यवसायी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दूध कारोबार की प्रतिस्पर्धा और आपसी रंजिश के चलते पूरी साजिश रची गई थी।जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल तथा गिर्वा वृत्त के पुलिस उप अधीक्षक गोपाल चंदेल के सुपरविजन में गोगुन्दा थानाधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए मनीष उर्फ मुना उर्फ राणा पुत्र कालु (25) निवासी रामा, थाना सुखेर तथा विरेन्द्र सिंह उर्फ विज्जु पुत्र पनसिंह (22) निवासी खंडावली घोड़च, थाना खमनौर, जिला राजसमंद को गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।पुलिस के अनुसार हरिश पालीवाल पुत्र सोहनलाल पालीवाल निवासी सेमटाल ने 3 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 2 अप्रैल की शाम उसके बड़े पिता शंकरलाल पालीवाल दूध संग्रहण कर वणी गांव से गोगुन्दा लौट रहे थे। रास्ते में आशापुरा होटल के पास मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया और रुपए देने की धमकी दी। विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू से पैरों, हाथों और पीठ पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और मृत समझकर फरार हो गए।जांच में सामने आया कि पीड़ित शंकरलाल पालीवाल और मुख्य आरोपी लक्ष्मण सिंह दोनों दूध व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और वणी क्षेत्र से दूध एकत्र कर गोगुन्दा में सप्लाई करते हैं। पुलिस के अनुसार व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा के चलते लक्ष्मण सिंह शंकरलाल से रंजिश रखता था।पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि लक्ष्मण सिंह ने शंकरलाल की हत्या की साजिश रचकर अपने गांव के मनोहर सिंह, जो वर्तमान में मुंबई में व्यवसाय करता है, से संपर्क किया। मनोहर सिंह ने अपने मित्र मनीष को एक लाख रुपए देने का लालच देकर वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया। बाद में मनीष ने विरेन्द्र सिंह उर्फ विज्जु बन्ना और टिकमचंद उर्फ टिकसा पुत्र मोहन गमेती को भी योजना में शामिल कर लिया।वारदात वाले दिन मनोहर सिंह ने तीनों आरोपियों को गोगुन्दा भेजा, जहां उनकी मुलाकात मुख्य साजिशकर्ता लक्ष्मण सिंह से हुई। लक्ष्मण सिंह ने उन्हें शंकरलाल की दिनचर्या, रास्ता और वारदात की जगह बताई। इसके बाद आरोपी वणी गांव में छिपकर शंकरलाल का इंतजार करते रहे। रात करीब 8:45 बजे शंकरलाल के लौटने पर सुनसान स्थान पर उनकी मोटरसाइकिल रुकवाकर चाकुओं से हमला कर दिया गया।मामले की जांच में थानाधिकारी श्याम सिंह, उपनिरीक्षक हरिसिंह, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, सत्यनारायण तथा साइबर सेल उदयपुर के लोकेश रायकवाल की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई जारी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी ने की प्राचार्य एवं नियंत्रक से शिष्टाचार भेंट दो साल से फरार शराब ठेके पर चोरी का आरोपी गिरफ्तार