उदयपुर। दक्षिण राजस्थान में पक्षियों, जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय ग्रीन पीपल सोसायटी (GPS) और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर ने मिलकर विश्वविद्यालय परिसर को अधिक हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल ‘ग्रीन कैंपस’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में ग्रीन पीपल सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. के.सी. डागा से मुलाकात कर विभिन्न पर्यावरणीय योजनाओं और प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान का प्रस्ताव बैठक के दौरान सोसायटी ने विश्वविद्यालय परिसर में विशेष पौधारोपण अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा। इस अभियान के तहत पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण एवं चयनित प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। सोसायटी ने इस अभियान में सक्रिय सहयोग का आश्वासन देते हुए इसे एक सतत हरित पहल के रूप में विकसित करने की बात कही। कार्बन क्रेडिट सृजन की दीर्घकालिक योजना ग्रीन पीपल सोसायटी ने बैठक में अपनी दीर्घकालिक पर्यावरणीय दृष्टि भी प्रस्तुत की। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर के उपयुक्त क्षेत्रों में अगले तीन से पांच वर्षों के दौरान व्यापक स्तर पर पौधारोपण कर कार्बन क्रेडिट सृजन (Carbon Credit Generation) की महत्वाकांक्षी परियोजना विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी योगदान देना है। कुलगुरु ने जताई सहमति और दिए निर्देश कुलगुरु प्रो. के.सी. डागा ने विश्वविद्यालय की अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक पर्यावरणीय योजनाओं में ग्रीन पीपल सोसायटी के साथ साझेदारी को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां बड़े पैमाने पर पौधारोपण एवं हरित विकास कार्य किए जा सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को एक मॉडल ‘ग्रीन कैंपस’ के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है और इसमें सामुदायिक सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रमुख प्रतिनिधियों की उपस्थिति बैठक में ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष राहुल भटनागर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विक्रम सिंह तथा प्रो. शरद श्रीवास्तव उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव वी.सी. गर्ग भी बैठक में शामिल हुए। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संयुक्त संकल्प बैठक में दोनों संस्थाओं ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, हरित विकास तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। इस पहल को उदयपुर में एक आदर्श ‘ग्रीन कैंपस मॉडल’ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अपनों से अपनी बात कार्यक्रम सेवा महातीर्थ में शुरू महाराणा प्रताप जयंती 2026 एवं हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती समारोह: यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था जारी