24 News udpate उदयपुर, 17 सितंबर। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व के सातवें दिन धर्म, भक्ति और साधना का वातावरण बना रहा। आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज, मुनिराज नीतिप्रभ विजयजी महाराज एवं साध्वी श्रुतवर्धना श्रीजी महाराज आदि ठाणा की पावन निश्रा में आयोजित धर्मसभा में सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।श्रीसंघ के कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया ने बताया कि पर्युषण महापर्व की आराधना के समापन अवसर पर आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज की निश्रा में सिद्धीतप की कठिन तपस्या पूर्ण करने वाले 20 तपस्वियों का सम्मान किया गया। तपस्वियों को सोने की गिन्नी भेंट कर उनकी तपस्या के प्रति अनुमोदना व्यक्त की गई। वहीं साध्वी श्रुतवर्धना श्रीजी महाराज का भी सोने की गिन्नी से गुरुपूजन कर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्मान किया गया।इस अवसर पर आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज ने कहा कि पर्युषण महापर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मनिरीक्षण और आत्मशुद्धि का अवसर है। तप, संयम और साधना के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर के विकारों को दूर करने का प्रयास करता है। तपस्या शरीर को कष्ट देने के लिए नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने और कर्मों की निर्जरा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पर्युषण के दिनों में की गई आराधना तभी सार्थक होती है, जब उसका प्रभाव हमारे व्यवहार और जीवन में दिखाई दे। क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों पर नियंत्रण करना ही वास्तविक धर्म साधना है। तपस्या के साथ मन में क्षमा, विनय, करुणा और मैत्री का भाव विकसित होना चाहिए। जिसने अपनी आत्मा को पहचानने और विकारों से दूर करने का प्रयास किया, वही पर्युषण की सच्ची भावना को आत्मसात कर पाया। आचार्य ने तपस्वियों की अनुमोदना करते हुए कहा कि कठिन तपस्या के माध्यम से उन्होंने समाज के सामने संयम, श्रद्धा और आत्मबल का उदाहरण प्रस्तुत किया है। तपस्वियों का सम्मान केवल उनका सम्मान नहीं, बल्कि तप और धर्म की भावना का सम्मान है। उन्होंने सभी श्रावक-श्राविकाओं से पर्युषण के दौरान अर्जित धार्मिक भावनाओं को आगे भी अपने जीवन में बनाए रखने का आह्वान किया।धर्मसभा में श्रीसंघ के डॉ. शैलेन्द्र हिरण, कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया, राजकुमार बापना, नरेंद्र सिंघवी, भोपाल सिंह सिंघवी, मनीष दोशी, अभिषेक हुमड़, अशोक सेठ, प्रकाश गांधी, राकेश चेलावत, अशोक जैन, राजेंद्र कोठारी सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation फैशन डिजाइनिंग विभाग में सुविधाओं का टोटा: गर्ल्स वॉशरूम में पानी नहीं, RO भी पड़ा सूखा उदयपुर की झीलों में को देव—आस : आज से अकोदड़ा-मादड़ी बांधों से पिछोला-फतहसागर में होगा अपवर्तन