24 News Update उदयपुर। महाराणा प्रताप खेलगांव तरणताल में आयोजित राजस्थान सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर स्विमिंग चैंपियनशिप-2026 के दूसरे दिन प्रदेशभर से आए तैराकों ने अपनी शानदार गति और दमदार प्रदर्शन से प्रतियोगिता को रोमांचक बना दिया। दिनभर चले मुकाबलों में जयपुर, सीकर और कोटा के तैराकों का दबदबा देखने को मिला। इन तीनों जिलों के खिलाड़ियों ने सबसे अधिक पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की, जबकि अलवर, चित्तौड़गढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, जोधपुर और उदयपुर के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए। मेडल सेरेमनी में खिलाड़ियों का हुआ सम्मानराजस्थान तैराकी संघ के सचिव विनोद सनाढ्य ने बताया कि दूसरे दिन सभी स्पर्धाएं बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहीं। विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। मेडल सेरेमनी के मुख्य अतिथि पूर्व संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान तैराकी संघ के अध्यक्ष अनिल व्यास ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डूंगरपुर के जिला खेल अधिकारी नरेश डामोर, भीलवाड़ा के जिला खेल अधिकारी हेमेन्द्र सिंह तथा पूर्व जिला खेल अधिकारी शकील हुसैन मौजूद रहे। उदयपुर के जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों का स्वागत किया। बैक स्ट्रोक में मोहित सामोता का डबल गोल्ड50 मीटर बैक स्ट्रोक (बालक वर्ग-3) में सीकर के मोहित सामोता ने स्वर्ण पदक जीता। अलवर के अग्रिम भारद्वाज दूसरे और भीलवाड़ा के निकुंज गौर तीसरे स्थान पर रहे।200 मीटर बैक स्ट्रोक (बालक वर्ग-3) में भी मोहित सामोता ने लगातार दूसरा स्वर्ण जीतकर अपना दबदबा कायम रखा।50 मीटर बैक स्ट्रोक (बालिका वर्ग-3) में जयपुर की सेरेना अग्रवाल ने पहला, हर्षिका जयचंदानी ने दूसरा तथा जोधपुर की पायल चौधरी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। 200 मीटर बैक स्ट्रोक (बालिका वर्ग-3) में जयपुर की अश्विका ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बटरफ्लाई में ह्रदय भोजवानी और सिदिक्षा कवाड़िया चमके100 मीटर बटरफ्लाई (बालक वर्ग-3) में जयपुर के ह्रदय भोजवानी ने पहला स्थान हासिल किया। सीकर के राजीव दहिया दूसरे और उदयपुर के विहान व्यास तीसरे स्थान पर रहे।100 मीटर बटरफ्लाई (बालिका वर्ग-3) में जयपुर की सिदिक्षा कवाड़िया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। फ्री स्टाइल में सीकर, कोटा और चित्तौड़गढ़ का जलवा50 मीटर फ्री स्टाइल (बालक वर्ग-4) में सीकर के अमन सामोता पहले तथा श्रीगंगानगर के समर पुनिया दूसरे स्थान पर रहे। 50 मीटर फ्री स्टाइल (बालिका वर्ग-4) में कोटा की तक्षय सिंह ने स्वर्ण और रिधीसा सिंह ने रजत पदक जीतकर कोटा को दोहरी सफलता दिलाई।100 मीटर फ्री स्टाइल (बालिका वर्ग-4) में चित्तौड़गढ़ की अंशिका धाकड़ ने पहला स्थान प्राप्त किया। जयपुर की अश्विका चौधरी दूसरे और वन्या पुनिया तीसरे स्थान पर रहीं। ब्रेस्ट स्ट्रोक में जयपुर का दबदबा100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक (बालिका वर्ग-4) में जयपुर की यशस्वी तिवारी ने स्वर्ण पदक जीता। जयपुर की लारा पुनिया ने रजत और सीकर की पूर्विका ने कांस्य पदक अपने नाम किया। अन्य स्पर्धाओं में भी शानदार मुकाबलेबालिका वर्ग-3 के अन्य मुकाबलों में दिव्यांना सिंघवी ने पहला, सीकर की कृष्णा ने दूसरा तथा उदयपुर की आलिया सक्सेना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।मेडल वितरण समारोह में सभी अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। राजस्थान तैराकी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में जूनियर और सीनियर वर्ग की कई महत्वपूर्ण स्पर्धाएं आयोजित होंगी, जिनमें प्रदेश के शीर्ष तैराक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। ‘पंच गौरव योजना’ से तैयार होंगे भविष्य के ओलंपियनप्रतियोगिता के दौरान राज्य सरकार की ‘पंच गौरव योजना’ और ‘एक जिला-एक खेल’ (One District One Sport) नीति के तहत उदयपुर को तैराकी का प्रमुख केंद्र विकसित करने पर भी मंथन हुआ।इस संबंध में राजस्थान तैराकी संघ के सचिव विनोद सनाढ्य और उदयपुर के जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल के बीच विस्तृत चर्चा हुई। दोनों अधिकारियों ने उदयपुर में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने, प्रतिभाशाली तैराकों को बेहतर कोचिंग उपलब्ध कराने तथा भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तो उदयपुर आने वाले वर्षों में राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश को भी ओलंपिक स्तर के तैराक दे सकता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मेजर… हम शर्मिंदा हैं! क्या शहीद के परिवार को भी अपने हक के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकना पड़ेगा? झील किनारे प्यासा शहर, 142 MLD की मांग, 116 MLD सप्लाई, लड़खड़ाने लगी व्यवस्था