24 News Update उदयपुर। आज कटारियाजी पूरा लवाजमा लेकर देवास परियोजना का निरीक्षण करने गए तो कई सारे सवाल उठ गए। यात्रा पर्सनल थी, पॉलिटिकल थी, भविष्य की किसी योजना का बीजारोपण करने वाली थी, या फिर श्रेय लेने की होड़ाहोड़ी में खुद का माइल स्टोन रखने का शो—ओफ करने की चाहत वाली थी। पंजाब के राज्यपाल कटारिया पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे गुलाबचंद कटारिया पर लंबे समय से पार्टी के अंदर से ही चौतरफा प्रहार हो रहे हैं। सिलसिलेवार तीर चल रहे हैं जो अब धीरे धीरे और अधिक तार्किक और मारक होते चले जा रहे हैं। कल भाजपा नेता डॉक्टर विजय विप्लवी ने कटारिया के किसान बनकर सब्सिडी हासिल कर लेने का जबर्दस्त खुलासा किया था। कटारिया पर लगे आरोपों का 24 घंटे बाद भी कहीं से कोई जवाब नहीं आया है। पार्टी के अंदरखाने घमासान मचा है कि पीएम मोदी को भेजे गए पत्र के तथ्यों का आखिर करें तो क्या करें। खंडन करें तो मजबूत तथ्य चाहिए और ना करें तो पब्लिक में परसेप्शन गलत जाने की पूरी संभावना है। बहरहाल राज्यपाल बनने के ढाई साल बाद मीडिया शो आफ के बीच उदयपुर की महत्वाकांक्षी देवास-III और देवास-IV पेयजल परियोजना की कटारियाजी की यात्रा चर्चा का विषय हो गई है। क्योंकि महज 12 दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हेलिकॉप्टर से परियोजना का हवाई सर्वे कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की थी और अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने परियोजना का जमीनी निरीक्षण किया तो इस दौरे को लेकर भाजपा के ही नेता डॉ. विजय विप्लवी ने सवाल खड़े कर दिए। याने घोषणा के बाद जहां सीएम हवाई निरीक्षण कर रहे हैं तो वहीं पंजाब के राज्यपाल जमीनी निरीक्षण कर श्रेय ले रहे हैं। भाजपा के ही वरिष्ठ नेता डॉक्टर विजय विप्लवी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता वर्षों तक राजस्थान सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे, वे अपने कार्यकाल में देवास-III और देवास-IV परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं दिला सके। अब जबकि दोनों चरणों को स्वीकृति मिल चुकी है और मुख्यमंत्री स्वयं हाल परियोजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे चुके हैं, ऐसे में इस दौरे की वास्तविक उपादेयता क्या है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कहीं यह विकास से ज्यादा “श्रेय लेने की राजनीति” तो नहीं बन गई है।दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 दिन पहले हेलिकॉप्टर से झाड़ोल क्षेत्र में निर्माणाधीन देवास-III और देवास-IV बांधों के डैम एक्सिस तथा टनल निर्माण स्थलों का हवाई निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य तय समय सीमा में पूरा हो, गुणवत्ता से कोई समझौता न हो तथा उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों को भविष्य में पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े। मुख्यमंत्री ने परियोजना को उदयपुर के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा था कि इसके पूरा होने से वर्ष 2045 तक शहर की झीलों और पेयजल व्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलेगी।इस बीच देवास परियोजना का इतिहास भी याद किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि योजना की मूल परिकल्पना पूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया के समय हुई थी, लेकिन उनके पद छोड़ने के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई। बाद में भैरोंसिंह शेखावत सरकार के दौरान देवास प्रथम चरण और वसुंधरा राजे सरकार में द्वितीय चरण का निर्माण हुआ। वहीं देवास-III और देवास-IV को वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में स्वीकृति मिली। कटारियाजी खुद ढाई साल से राज्यपाल पद पर हैं। ऐसे में उनकी ओर से श्रेय लेना कहां तक उचित है। श्रेय तो वर्तमान राज्य सरकार के सीएम, उदयपुर सांसद, विधायक आदि को जाना चाहिए। मजे की बात ये है कि खुद सीएम ने अपनी हवाई यात्रा के दौरान कटारियाजी का जिक्र तक नहीं किया।होर्डिंग से गायब हो गए सीएम व पूर्व सीएमआज परियोजना से जुड़े शहर में लगे होर्डिंग्स में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भैरोंसिंह शेखावत जैसे उन नेताओं का उल्लेख या तस्वीरें तक नहीं हैं, जिनके कार्यकाल में परियोजना के विभिन्न चरण आगे बढ़े। ये होर्डिंग लगे या लगवाए गए यह तो किसी खोजी पत्रकारिता की जांच का विषय हो सकता है मगर होर्डिंग लगवाने वालों ने या कहें कि भाजपाइयों ने आखिर क्यों व किसके कहने पर सीएम व सभी पूर्व सीएम का जिक्र तक नहीं किया। यदि श्रेय की बात हो रही है तो परियोजना को आगे बढ़ाने वाले सभी लोगों का सामूहिक योगदान स्वीकार किया जाना चाहिए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation झील किनारे प्यासा शहर, 142 MLD की मांग, 116 MLD सप्लाई, लड़खड़ाने लगी व्यवस्था ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना उदयपुर, ग्रीनफील्ड रिफाइनरी लोकार्पण का सीधा प्रसारण,मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का हुआ भव्य आयोजन