24 News Update उदयपुर, 25 जून। तीन साल पहले उदयपुर में सनातन की अलख गुंजाने वाले दिगम्बर खुशाल भारती महाराज इस बार मां मुम्बा की धरा पर सनातन परंपराओं का सन्देश देंगे। उदयपुर के चीरवा बिकरणी स्थित श्रृंग ऋषि आश्रम में विराजित खुशाल भारती महाराज का इस वर्ष चातुर्मास मुंबई में होने जा रहा है। इसके निमित्त उन्होंने गुरुवार को उदयपुर से प्रस्थान किया। प्रस्थान से पूर्व यहां न्यू आरटीओ रोड स्थित कृष्णम प्लाजा में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि जिन चातुर्मास की परंपरा दत्तात्रेय भगवान ने शुरू की थी, उसी का निर्वहन सनातनी साधु संन्यासी करते रहे हैं। चातुर्मास में संन्यासी नदी-नालों को पार नहीं करने से लेकर कई नियमों की पालना करते हैं। उन्होंने कहा कि इन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि चार माह तक एक ही जगह साधु-संन्यासियों का सान्निध्य सम्पूर्ण समाज को प्राप्त होता है, और यही अवसर एक आध्यात्मिक ऊर्जा का निर्माण करता है जिससे समाज में धर्म-संस्कृति और संस्कारों के प्रवाह को गति मिलती है। सनातनी संस्कारों और परंपराओं के संवर्धन के लिए संतों और समाज के परस्पर वैचारिक सम्पर्क का भी यह महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने जानकारी दी कि चातुर्मास के दौरान आदि शंकराचार्य निश्चलानंद महाराज, आदि शंकराचार्य कैलाशानंद महाराज, आदि शंकराचार्य अवधेशानंद महाराज का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा। सातों अखाड़ों का संगम भी होगा। मां श्री ललिता आम्बा बगलामुखी का यज्ञ पहली बार होगा। ढोल-नगाड़ों से स्वागत -इससे पूर्व, कृष्णम प्लाजा पहुंचने पर दिगम्बर खुशाल भारती महाराज का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया।महाराज के साथ माया भारती महाराजहिमाचल, कृपाल भैरव भारती महाराज कपासन, सीताराम महाराज किशनगंज सिरोही भी थे। हिमांशु बंसल, हर्ष कुमावत, भानुप्रताप सिंह, मांगीलाल सालवी, मनीष राजानी आदि श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिवादन किया। 27 जुलाई को मुंबई में मंगल प्रवेश -दिगम्बर खुशाल भारती महाराज का 27 जुलाई को मुंबई में चातुर्मास स्थल पर मंगल प्रवेश होगा। चातुर्मास 27 जुलाई से 22 नवम्बर तक सेंट्रल पार्क, गुरुद्वारा के सामने, सेक्टर-29, खारघर, नवी मुंबई में होगा। यह महाराज का 17वां विशाल सनातनी चातुर्मास होगा, जिसमें देश-विदेश से पीठाधीश्वर, महामंडलेश्वर, महंत, साधु-संत, संन्यासी एवं विभिन्न अखाड़ा परिषदों के संत-महात्माओं का आगमन होगा। आयोजन के दौरान प्रतिदिन लगभग एक से दो लाख श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की जाएगी। विविध धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला -चार माह तक चलने वाले इस महोत्सव में अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर भव्य भजन संध्या होगी। 29 जुलाई से 10 सितम्बर तक 45 दिवसीय नित्य पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं अभिषेक होगा। 2 अगस्त से 12 अगस्त तक महाशिवपुराण कथा का आयोजन होगा, जिसका वाचन आचार्य शुभम व्यास (मथुरा) द्वारा किया जाएगा। 4 सितम्बर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर 56 भोग महोत्सव होगा। 14 सितम्बर से 27 सितम्बर तक 11 दिवसीय विशेष श्वेतार्क गणपति पूजन एवं अनुष्ठान होगा। 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक नवरात्रि महोत्सव के दौरान श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं 9 दिवसीय सहस्त्र चंडी पाठ होगा। कथा वृंदावन के हरिओम शास्त्री करेंगे। 28 अक्टूबर से 4 नवम्बर तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा, जिसका वाचन कथाव्यास आचार्य विशालमणि (नारायणसरोवर) द्वारा किया जाएगा। 12 नवम्बर से 22 नवम्बर तक 108 कुण्डीय माँ बगलामुखी महायज्ञ होगा। 14 नवम्बर से 22 नवम्बर तक श्रीराम कथा का आयोजन, जिसका वाचन अंतरराष्ट्रीय कथाव्यास आचार्य प्रेम भूषण महाराज द्वारा किया जाएगा। चातुर्मास महोत्सव का समापन 22 नवम्बर को विशाल संत समागम एवं महाभंडारे के साथ किया जाएगा। सर्व समाज से सहभागिता का आह्वान -इस भव्य आयोजन का संचालन चातुर्मास महाकाल सर्व समाज सेवा समिति, मुंबई (महाराष्ट्र) एवं सनातनी हिन्दू संगठन, मुंबई द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति ने सर्व समाज से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने एवं आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation निर्जला एकादशी पर 5000 तुलसी पौधों का निःशुल्क वितरण फायर सेफ्टी पर निगम की बड़ी कार्रवाई: मीरा होटल, ग्रैंड सीता होटल, रेस्टोरेंट और ग्रैंड गिफ्ट कॉम्प्लेक्स की कोचिंग सीज