24 News Update उदयपुर, 12 सितंबर। महाराणा प्रताप की दिवेर विजय की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में 16 से 26 सितंबर तक दिवेर विजय महोत्सव 2026 आयोजित होगा। महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और प्रदर्शनी के साथ इस बार दिवेर विजय पर विशेष नुक्कड़ नाटक भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। नाटक के अलग-अलग दल 11 दिनों में शहर सहित करीब 40 स्थानों पर प्रस्तुतियां देंगे।वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया कि दिवेर युद्ध मेवाड़ के इतिहास में महत्वपूर्ण विजय का प्रतीक है। इसी शौर्य और स्वाभिमान की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पिछले तीन वर्षों से दिवेर विजय महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। आने वाले समय में विभिन्न स्थानों पर समिति की उपसमितियां गठित कर ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्तर तक ले जाने की योजना है। 16 सितंबर को होगा महोत्सव का आगाजप्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि महोत्सव का उद्घाटन 16 सितंबर को शाम 6 बजे होगा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम मुख्य वक्ता तथा राज्य के जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि होंगे। इसी अवसर पर दिवेर विजय और मेवाड़ के शौर्य से संबंधित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया जाएगा। 19 से 26 सितंबर तक प्रताप गौरव केन्द्र परिसर में विभिन्न कार्यशालाएं होंगी। इनमें राष्ट्रीय स्तर की चित्रकला कार्यशाला और पुरालेख कार्यशाला प्रमुख हैं। चित्रकला से लेकर रील मेकिंग तक प्रतियोगिताएंमहोत्सव के संयोजक रमन सूद ने बताया कि 22 सितंबर को चित्रकला प्रतियोगिता होगी। इसमें कक्षा 10 से 12 के विद्यार्थियों और महाविद्यालय स्तर के प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता में महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष, चेतक, हल्दीघाटी, दिवेर युद्ध और मेवाड़ के संघर्ष जैसे विषयों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा। 20 सितंबर को ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता होगी। इसमें कक्षा 6 से 8, कक्षा 9 से 12 तथा महाविद्यालय एवं निजी विश्वविद्यालय स्तर के तीन वर्ग होंगे। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर है। विभिन्न वर्गों में पुरस्कार राशि 1100 से 7500 रुपये तक रखी गई है। भाषण प्रतियोगिता का राज्य स्तरीय मुकाबला 26 कोराष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राजस्थान के सह-आयोजन में भाषण प्रतियोगिता भी होगी। इसका विषय ‘विजयी योद्धा एवं कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप’ रखा गया है। जिला, संभाग और राज्य स्तर पर होने वाली इस प्रतियोगिता का अंतिम मुकाबला 26 सितंबर को होगा। राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार 11000 रुपये, द्वितीय 7100 रुपये, तृतीय 5100 रुपये तथा 2100 रुपये के दो सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। कैमरे और मोबाइल में कैद होगी मेवाड़ की गौरवगाथाफोटोग्राफी प्रतियोगिता में मोबाइल और कैमरा फोटोग्राफी की अलग-अलग श्रेणियां होंगी। 19 और 20 सितंबर को प्रतिभागी निर्धारित समय में तस्वीरें ले सकेंगे। ‘शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष’, ‘चेतक और प्रताप’, ‘मेवाड़ की संस्कृति’, ‘नई पीढ़ी और इतिहास’ तथा ‘मेरी नजर में महाराणा प्रताप’ जैसे विषयों पर फोटो प्रस्तुत की जा सकेंगी। रील मेकिंग प्रतियोगिता के तहत 19 सितंबर को रील्स वॉक होगी। रील जमा कराने की अंतिम तिथि 23 सितंबर निर्धारित है। इसमें महाराणा प्रताप के शौर्य, दिवेर विजय, चेतक, मेवाड़ की संस्कृति और ‘प्रताप के विचार और आज का युवा’ जैसे विषयों पर रील बनाई जा सकेगी। पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता भीसह संयोजक देवेन्द्र श्रीमाली ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता की प्रविष्टियां 22 सितंबर तक जमा की जा सकेंगी और परिणाम 23 सितंबर को जारी होंगे। पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 26 सितंबर को होगा। निबंध प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां 17 सितंबर तक जमा होंगी। इसमें विद्यालय, महाविद्यालय और मुक्त श्रेणी के प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। विषयों में महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व, उनकी वर्तमान प्रासंगिकता, दिवेर युद्ध, सैन्य रणनीति और मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत जैसे विषय शामिल हैं। 8 दिन चलेगी लघु फिल्म निर्माण कार्यशालामहोत्सव में 19 से 26 सितंबर तक लघु फिल्म निर्माण कार्यशाला भी होगी। कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। पंजीकरण शुल्क 1000 रुपये निर्धारित है, जबकि आवास सुविधा लेने वाले प्रतिभागियों को 500 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। कार्यशाला पूरी करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। समिति के महामंत्री दीपक शुक्ल ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और स्वतंत्रता के प्रति उनके संकल्प से परिचित कराने के साथ कला और रचनात्मक माध्यमों से इतिहास को प्रस्तुत करने का अवसर देना है। प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी तथा पंजीयन के लिए आयोजन के पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड का उपयोग किया जा सकता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation नगर निगम चुनाव के बाद उदयपुर कांग्रेस में कलह के सुर, बैठक से बाहर किए जाने पर कार्यकर्ता का हंगामा पशुचिकित्सा प्रसार को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर, 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन