24 News update उदयपुर, 12 सितंबर। पशुचिकित्सा एवं पशुधन क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रसार सेवाओं को आधुनिक और पशुपालक-केंद्रित बनाने पर विशेषज्ञों ने जोर दिया। पशुचिकित्सा महाविद्यालय, नवानिया की मेजबानी में आयोजित पशुचिकित्सा प्रसार सोसायटी के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन आरसीए सभागार में हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 200 वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन में पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा एवं सेवाओं के पुनर्विन्यास, नई तकनीकों के इस्तेमाल और वैज्ञानिक जानकारी को प्रभावी ढंग से पशुपालकों तक पहुंचाने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।समापन समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. एस.के. शर्मा रहे, जबकि राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पशुचिकित्सा महाविद्यालय, नवानिया के अधिष्ठाता एवं आयोजन समिति अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने की।प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने कहा कि पशुधन क्षेत्र के सतत विकास के लिए प्राकृतिक एवं जैविक पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक ज्ञान को पशुपालकों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने सम्मेलन को समाज, पशुपालकों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच अनुभव एवं ज्ञान साझा करने का प्रभावी मंच बताया।मुख्य अतिथि डॉ. एस.के. शर्मा ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर प्रतिभागियों, पुरस्कार विजेताओं और आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समय के साथ पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा के स्वरूप में बदलाव और उसका पुनः अभिमुखीकरण आवश्यक है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, डिजिटल तकनीक, रिमोट सेंसिंग, आरएफआईडी और ‘वन हेल्थ’ जैसी आधुनिक अवधारणाओं को प्रसार सेवाओं से जोड़कर वैज्ञानिक जानकारी का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पशुपालकों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकों का विवेकपूर्ण एवं जरूरत आधारित इस्तेमाल करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. लोकेश गुप्ता ने आयोजन सचिव और पूरी आयोजन टीम को सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुचिकित्सा क्षेत्र के समन्वित प्रयास देश के विकास को नई गति दे सकते हैं। पशुधन और पशुपालकों की सुरक्षा, उत्पादकता तथा आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. एन.के. सुदीप कुमार ने पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभावी प्रसार के जरिए पशुपालकों के ज्ञान और कौशल को मजबूत किया जा सकता है। इससे पशुधन उत्पादन, पशु स्वास्थ्य और पशुपालकों की आजीविका में निरंतर सुधार की संभावनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने प्रसार शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञों और शिक्षकों के योगदान की सराहना की तथा आयोजन टीम को बधाई दी।सम्मेलन के दौरान पशुचिकित्सा प्रसार क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. पीताम्बर स्वामी और डॉ. के. नच्चीमुत्तु को नेशनल फेलो अवॉर्ड प्रदान किया गया। नेशनल एक्सटेंशन क्विज चैंपियन अवॉर्ड से शमाचर हेत दिलीपभाई, महिमा, काश्यप स्मित रामवीर, अभिनय दहिया और दराडे कार्तिक ज्ञानेश्वर को सम्मानित किया गया।पांच तकनीकी सत्रों में आयोजित मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कार दिए गए। मौखिक प्रस्तुति के प्रथम सत्र में छात्र वर्ग में डॉ. रजनी प्रिया और संकाय वर्ग में डॉ. ए वी जेनेसिस प्रथम रहे। द्वितीय सत्र के संकाय वर्ग में डॉ. तमल चंद्र धारा ने प्रथम स्थान हासिल किया। तृतीय सत्र में संकाय वर्ग में डॉ. रचना गौतम प्रथम और डॉ. संजय रेवानी द्वितीय रहे, जबकि छात्र वर्ग में डॉ. मुहम्मद सैफुद्दीन प्रथम और डॉ. सैमप्रीता द्वितीय स्थान पर रहीं। चतुर्थ सत्र में डॉ. अंकित महापात्रा प्रथम रहे। संकाय वर्ग में डॉ. अनिका मलिक और डॉ. मस्तानबी शेख को द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित किया गया। पंचम सत्र में संकाय वर्ग में डॉ. राजलक्ष्मी प्रथम और डॉ. सनवीर खातून द्वितीय रहीं।पोस्टर प्रस्तुतियों में प्रथम सत्र के संकाय वर्ग में डॉ. ममता कुमारी प्रथम रहीं और डॉ. पृथ्वीराज को भी सम्मानित किया गया। द्वितीय सत्र में डॉ. वर्षा, तृतीय सत्र में डॉ. पी.एन. चौधरी तथा चतुर्थ सत्र में अभिषेक मीणा और प्रियंका कुमारी को उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया।सम्मेलन के विशिष्ट पुरस्कारों में यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड डॉ. अजय कुमार चतुर्वेदान, वूमेन एक्सटेंशन साइंटिस्ट अवॉर्ड डॉ. पी.आर. निशा, बेस्ट एक्सटेंशन साइंटिस्ट अवॉर्ड डॉ. प्रकाश कुमार राठौड़, बेस्ट पीएच.डी. थीसिस अवॉर्ड डॉ. सलेम प्रबेक कुमार सिंह और बेस्ट एम.वी.एससी. थीसिस अवॉर्ड डॉ. सौरभ शर्मा को प्रदान किया गया। सम्मेलन के समापन के साथ विशेषज्ञों ने पशुचिकित्सा प्रसार सेवाओं को तकनीक, अनुसंधान और जमीनी जरूरतों से जोड़कर पशुपालकों तक अधिक उपयोगी जानकारी पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation दिवेर विजय महोत्सव में गूंजेगा प्रताप के शौर्य का संदेश, 40 स्थानों पर होंगे नुक्कड़ नाटक