24 News Update प्रतापगढ़ / जोधपुर। प्रतापगढ़ में कथित पुलिस बर्बरता का मामला अब राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच तक पहुँच गया है। आरोप है कि प्रतापगढ़ के अब्दुल हमीद शेख के घर पुलिस टीम ने जबरन प्रवेश किया, परिवार के साथ मारपीट की, कीमती सामान लूटा और युवक के हाथ-पैर तोड़कर उसे 4 साल पुराने एनडीपीएस केस में फंसाने के लिए उसकी जेब में मोबाइल रख दिया।मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस फरजंद अली की अदालत ने इसे प्रथम दृष्टया “जानवरों जैसा सुलूक” और “कस्टोडियल टॉर्चर” करार दिया। अदालत ने तुरंत प्रभाव से आरोपी थानाधिकारी को थाने से हटाने और ड्यूटी से दूर रखने के निर्देश जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जनवरी 2026 को होगी।घटना का संक्षिप्त विवरणयाचिकाकर्ता शाकिर शेख की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि यह घटना 31 दिसंबर 2025 की रात से 1 जनवरी 2026 की सुबह तक हुई। आरोप है कि प्रतापगढ़ थाना के एसएचओ दीपक बंजारा और उनकी टीम ने शाकिर शेख के घर जबरन प्रवेश किया और अब्दुल हमीद शेख व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घातक हथियारों से मारपीट की, साथ ही कीमती सामान लूट लिया।पीड़ित के वकील रॉबिन सिंह ने बताया कि एसएचओ दीपक बंजारा के खिलाफ इस्तगासा दाखिल किया गया था, और कोर्ट ने उन्हें तुरंत थाने से हटाने का आदेश दिया है।साजिश और फर्जी सबूतयाचिकाकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने अब्दुल हमीद शेख के हाथ-पैर तोड़ने के बाद उसकी जेब में एक मोबाइल फोन रख दिया। मोबाइल का कनेक्शन चार साल पुराने एनडीपीएस केस से जोड़ा गया ताकि शेख को अपराधी साबित किया जा सके।कोर्ट की टिप्पणीसुनवाई के दौरान प्रस्तुत घायल युवक की तस्वीरों को देखकर जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि यह कस्टोडियल टॉर्चर है और पुलिस कर्मियों का यह व्यवहार न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशSHO को तुरंत हटाया जाए – आरोपी थानाधिकारी को पुलिस थाने से दूर रखा जाए और अगली सुनवाई तक किसी भी ड्यूटी या जांच को प्रभावित न करे।CBI जांच पर जवाब – एसपी प्रतापगढ़ को शपथ पत्र दाखिल करना होगा कि क्यों न मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या CBI को सौंपा जाए।सबूतों से छेड़छाड़ न हो – एसपी व्यक्तिगत रूप से सुनिश्चित करेंगे कि सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स और केस डायरी में कोई छेड़छाड़ न हो। आरोपी अधिकारी को केस डायरी छूने या परिवादी से संपर्क करने की अनुमति नहीं होगी।एडिशनल एसपी पेश हों – अगली सुनवाई 23 जनवरी को एडिशनल एसपी एफआईआर और केस डायरी के साथ अदालत में उपस्थित होंगे।आईजी रेंज की निगरानी – आईजी रेंज को भी आदेश दिए गए कि वे आरोपी पुलिस अधिकारी के इस दंडनीय कृत्य की स्वयं जांच करें। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हाईकोर्ट बोला, ये कैसी नीति : सप्ताह में एक दिन कपड़े धोना!! महिला कैदियों को मासिक धर्म के दौरान पर्याप्त पानी, स्वच्छता सामग्री, सुरक्षित शौचालय और गोपनीयता भी जरूरी एसआईआर प्रक्रिया के तहत भाजपा नेताओं पर कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम हटाने का दबाव बनाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग