24 New udpate बांसवाड़ा। बढ़ती महंगाई और समाज में फैल रही दिखावे की संस्कृति के खिलाफ बांसवाड़ा जिले के हाड़खरा पटेल समाज ने एक ऐतिहासिक सामाजिक सुधार अभियान की शुरुआत की है। समाज ने शादी-ब्याह, प्री-वेडिंग शूट, हल्दी रस्म पर स्टेज प्रोग्राम, आतिशबाजी और शोक संस्कार जैसी रस्मों पर रोक लगाते हुए नई “सामाजिक संहिता” लागू की है। यह निर्णय समाज की हाल ही में हुई आम सभा में लिया गया, जिसमें युवा और वरिष्ठ दोनों पीढ़ियों ने एकमत होकर सादगी, समानता और संस्कार को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। निर्णयों का पालन नहीं करने वालों पर समाज द्वारा दंड भी तय किया गया है। 1982 से चल रहा सुधार का प्रयाससमाज अध्यक्ष भारत सिंह गोयल बोदला और प्रमुख हीरालाल सागडोद ने बताया कि समाज में दिखावे और खर्चीली परंपराओं को रोकने के प्रयास 1982-83 से जारी हैं। 22 सितंबर को हुई सभा में इस अभियान को नया रूप देते हुए ठोस निर्णय लिए गए। हर गांव में बैठकें आयोजित कर इन नियमों की जानकारी दी जा रही है। समाजजनों की एक कमेटी गठित की गई है जो घर-घर जाकर नई सामाजिक संहिता का प्रचार कर रही है। क्यों जरूरी हुआ यह निर्णयसमाज के वरिष्ठों और युवाओं ने माना कि शादियों और सामाजिक आयोजनों में दिखावे और प्रतिस्पर्धा की होड़ इतनी बढ़ गई है कि कई परिवार अपनी सामर्थ्य से अधिक खर्च करने लगे हैं। लाखों रुपये प्री-वेडिंग शूट, डेस्टिनेशन वेडिंग्स, आतिशबाजी और मंचीय कार्यक्रमों पर खर्च किए जा रहे हैं, जिससे कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। इसलिए समाज ने यह ठाना है कि हर व्यक्ति सादगी से अपने संस्कार निभाए और सामाजिक समानता बनी रहे। “महंगाई के दौर में सादगी ही सबसे बड़ा संस्कार”समाज के उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार पटेल ने कहा — “आज महंगाई चरम पर है, इसलिए समाज ने तय किया है कि किसी भी आयोजन में अनावश्यक खर्च न हो। हमारी परंपराएं सादगी से ही मजबूत रहेंगी। हर व्यक्ति मुख्यधारा से जुड़ा रहे और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर बोझ न पड़े — यही इस निर्णय का उद्देश्य है।” गांव-गांव पहुंच रही जागरूकता टीमकमेटी सदस्य हीरालाल पटेल ने बताया कि समाज के बुज़ुर्ग और युवा मिलकर गांव-गांव जाकर पोस्टर लगा रहे हैं और बैठकों के माध्यम से जागरूकता फैला रहे हैं। “हर व्यक्ति को समझाया जा रहा है कि यह निर्णय समाज की गरिमा और आर्थिक संतुलन के लिए है। इसका पालन हर किसी को करना चाहिए।” सागडोद गांव में पोस्टर विमोचन कर अभियान की शुरुआत की गई। नशा मुक्त समाज का संकल्पनई सामाजिक संहिता में यह भी निर्णय लिया गया कि समाज के किसी भी कार्यक्रम — शादी, पार्टी, सुख-दुःख — में किसी भी प्रकार का नशा नहीं किया जाएगा और न ही करवाया जाएगा।पालन नहीं करने पर दंड का प्रावधानसमाज ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का पालन करवाने की जिम्मेदारी संबंधित गांवों की होगी।जो व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसे समाज का दोषी माना जाएगा और समाज पंचों द्वारा तय आर्थिक दंड अंतिम और मान्य रहेगा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन शामिलसागडोद गांव में हुए पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में अध्यक्ष भारत सिंह गोयल बोदला, सचिव फतेहसिंह पटेल, नाहरसिंह पटेल, कालूसिंह पटेल, महेंद्र कुमार पटेल, भगवती सिंह बांसला, गौतम पटेल, नारेंग पटेल, वालेंग पटेल और खोमा पटेल सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बांसवाड़ा में क्रिप्टो निवेश के नाम पर 15 लोगों से 15 करोड़ की ठगी दहेज प्रताड़ना का मामला: तीन बेटियों की मां ने जहर खाकर दी जान, ससुराल पक्ष पर जबरन कीटनाशक पिलाने का आरोप