24 News update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर के माण्डवी चौक स्थित चारभुजा मंदिर में कान्हडदास धाम बड़ा रामद्वारा रामस्नेही संप्रदाय के संत गोपालराम महाराज, कीर्ति राम महाराज, बालव्यास संत रविराम, गोविंदराम महाराज द्वारा पुरुषोत्तम मास में आयोजित सात दिवसीय भक्तमाल ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा के तीसरे दिन संत गोपालराम महाराज ने कहा कि जीवन में दु:ख अवश्य आएंगे, किन्तु भक्ति के प्रभाव से उनका अनुभव नहीं होता है।संत ने अत्यंत मार्मिक शब्दों में समझाया कि जिस प्रकार एनेस्थीसिया का प्रभाव होने पर शरीर को पीड़ा का अनुभव नहीं होता, उसी प्रकार जब भक्त पूर्ण रूप से भगवान की भक्ति में लीन हो जाता है, तब संसार के दुख और कष्ट उसे विचलित नहीं कर पाते। सच्चा भक्त हर परिस्थिति में प्रभु पर विश्वास बनाए रखता है। भगवान स्वयं अपने भक्तों के दुखों को हर लेते हैं और भक्त को यह अनुभव भी नहीं होता कि संकट कब आया और कब समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि भक्ति मनुष्य को मानसिक शांति, धैर्य और आत्मिक आनंद प्रदान करती है।प्रवचन में उन्होंने महान कृष्ण भक्त नरसी मेहता का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके जीवन में अनेक कठिनाइयाँ और अपमान आए, लेकिन उन्होंने कभी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति नहीं छोड़ी। बचपन में माता-पिता का निधन, परिवार की उपेक्षा, आर्थिक तंगी और समाज के ताने—इन सबके बावजूद वे सदैव हरि भजन में लीन रहे। संत ने ‘हुंडी प्रसंग’ का उल्लेख करते हुए बताया कि जब कुछ साधुओं ने उनकी गरीबी का उपहास करते हुए उनसे 700 रुपये की हुंडी लिखवा ली, तब नरसी मेहता जी ने पूर्ण विश्वास के साथ द्वारकाधीश के नाम पर हुंडी लिख दी। भगवान श्रीकृष्ण स्वयं ‘सांवल शाह’ सेठ के रूप में प्रकट हुए और संतों की आस्था की रक्षा की। उन्होंने ‘नानी बाई के मायरे’ की कथा सुनाते हुए कहा कि जब पुत्री के मायरे का समय आया और नरसी जी के पास कुछ भी नहीं था, तब उन्होंने चिंता छोड़कर प्रभु का कीर्तन किया। भक्त की लाज रखने के लिए स्वयं श्रीहरि ने आकर अद्भुत मायरा भरा। संत ने राजा मांडलिक के दरबार की घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें नरसी मेहता जी की भक्ति की परीक्षा ली गई। रातभर कारागार में बंद रहने के बाद भी वे प्रभु कीर्तन में लीन रहे और प्रात: विषैले हार के स्थान पर उनके गले में वैजयंती माला सुशोभित हो गई। संतों ने “रोज थोड़ा-थोड़ा हरि का भजन कर ले…”, “मेरी हुंडी स्वीकारो महाराज रे सांवरा गिरधारी…”, “कोई ना सहारा बिन तेरे घनश्याम सांवरिया मेरे…” सहित भजन प्रस्तुत किए। संत गोपालराम महाराज ने कहा कि भक्त शिरोमणि नरसी मेहता का जीवन यह संदेश देता है कि जो व्यक्ति भगवान की शरण में चला जाता है, उसके जीवन के बड़े से बड़े दुख भी प्रभु कृपा से हल्के हो जाते हैं।बालव्यास संत रवि राम महाराज ने कहा कि प्रभु भक्तों के जीवन में दुख अवश्य आते हैं, क्योंकि यह संसार सुख-दुख का संगम है। किन्तु भगवान की कृपा, सत्संग और भक्ति का प्रभाव ऐसा होता है कि भक्त स्वयं को शरीर और परिस्थितियों से अलग अनुभव करने लगता है। तब वह दुखों को केवल जीवन की एक घटना मानता है, अपना स्वरूप नहीं। उन्होंने कहा कि भक्ति मनुष्य की सोच को बदल देती है। सामान्य व्यक्ति दुख आने पर टूट जाता है, लेकिन भक्त समझता है कि “मैं आत्मा हूँ, यह संसार क्षणिक है और प्रभु जो करते हैं, कल्याण के लिए करते हैं।” यही भावना उसे भीतर से मजबूत बनाती है। सत्संग और नामस्मरण मन के लिए दिव्य औषधि हैं। जैसे गहरी नींद में व्यक्ति को बाहरी कष्टों का अनुभव कम होता है, वैसे ही जो भक्त प्रभु प्रेम में लीन रहता है, उसे सांसारिक पीड़ाएं अधिक विचलित नहीं कर पातीं। उसका मन भगवान के आनंद में स्थिर हो जाता है। कथा के प्रारंभ में अध्यक्ष सुधीर वाडेल, विष्णु दोसी, जयप्रकाश गुप्ता एवं अन्य भक्तों ने पोथी पूजन किया तथा कथा के पश्चात यजमान रमेश सोनी, बालकृष्ण भासरिया, बलदेव सोमपुरा, भरत मोड पटेल, विजय पंचाल, केशवलाल टेलर, भावना सुथार, प्रभा गुप्ता एवं मुख्य यजमान मनोहर पंचाल ने आरती उतारी। प्रवक्ता बलदेव सोमपुरा, सुधांशु दरजी, प्रीतेश दर्जी, यशवंत नीमा, लक्ष्मण दर्जी, मुकेश सेवक, मंगलेश वाडेल, हेमंत शुक्ला, मनोज शाह, जयंतीलाल मोची उपस्थित रहे। आज के संत प्रसाद में संगीता सेवक, नवनीत सोनी, कल्पेश शर्मा, नारायण बनोत, अशोक भट्ट, विनोद सोनी, रणछोड़ भाटिया, पुनीत पंचाल, मोहनलाल दर्जी सहित कई महिला एवं पुरुष भक्त उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation समाजसेवी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिनेश खोडनिया को राज्यसभा सांसद बनाने की मांग भीषण गर्मी से आमजन व यात्रियों को राहत देने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत प्याऊ प्रारंभ