उदयपुर, 18 सितंबर। आज नाम वापसी के साथ ही निकायों के अध्यक्षों के चुनाव की पूरी तस्वीर साफ हो गई। नेताओं के इशारे पर पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ गई। कहीं पर रिसोर्ट खंगाले जा रहे हैं तो कहीं पर नोटिस दिए जा रहे हैं। सरकारी मशीनरी का जमकर सदुपयोग किया जा रहा है। इस बीच शाम को नाम वापसी के बाद तस्वीर एकदम साफ हो गई कि अब क्या होगा। मगर जहां पर मुकाबले बहुत ही नजदीकी हैं वहां पर अब भी मसल पावर की जगह व गुंजाइश बच गई है जिसका मुजाहिरा आने वाले एक दो दिन में देखने को मिली सकता है। नगरीय निकाय चुनाव 2026 में अध्यक्षीय पदों की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। नाम वापसी के बाद उदयपुर जिले के 6 निकायों और नगर निगम में कुल 12 प्रत्याशी अध्यक्ष/महापौर पद की दौड़ में रह गए हैं। खास बात यह है कि सभी 6 मुकाबले सीधे दो प्रत्याशियों के बीच हैं। यानी अब किसी निकाय में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला नहीं बचा है। शुरुआती तौर पर दाखिल हुए 21 नामांकन में से नाम वापसी और एक नामांकन खारिज होने के बाद मैदान सिमटकर 12 तक पहुंच गया है। 16 सितंबर तक जिले के 6 निकायों में 21 नामांकन दाखिल होने की आधिकारिक जानकारी सामने आई थी। सबसे ज्यादा हलचल भीण्डर में रही। यहां अध्यक्ष पद के लिए 6 नामांकन आए थे, जो जिले के सभी निकायों में सबसे ज्यादा थे। संवीक्षा के बाद सभी नामांकन वैध पाए गए, लेकिन नाम वापसी के अंतिम दिन भाजपा के सुरेशकुमार जैन और गणेशलाल, कांग्रेस के गोपाल तथा निर्दलीय चमनलाल ने पर्चे वापस ले लिए। अब यहां भाजपा की मीना और कांग्रेस के सुंदरलाल आमने-सामने हैं। यानी 6 से घटकर मुकाबला सीधे 2 पर आ गया। फतहनगर में 5 से सीधे 2, लेकिन मुकाबला दिलचस्प फतहनगर-सनवाड़ में भी अध्यक्ष पद के लिए शुरुआत में 5 नाम मैदान में थे। कांग्रेस की सोसर, भाजपा की सीमा और रम्भा देवी तथा निर्दलीय ममता और प्रियंका ने नामांकन किया था। संवीक्षा में रम्भा देवी का नामांकन निरस्त हुआ, जबकि कांग्रेस की सोसर और निर्दलीय प्रियंका ने नाम वापस ले लिया। अब मैदान में भाजपा की सीमा और निर्दलीय ममता हैं। यहां कांग्रेस के बाहर होने के बाद मुकाबले की राजनीतिक तस्वीर बदल गई है। फतहनगर-सनवाड़ में अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। वल्लभनगर में BJP के 3 दावेदार थे, अब कांग्रेस-BJP आमने-सामने वल्लभनगर में शुरुआती तौर पर कांग्रेस की रामी तथा भाजपा की सोवनी, लीला भील और भोलीबाई भील मैदान में थीं। नाम वापसी में लीला भील और भोलीबाई ने पर्चे वापस ले लिए। अब कांग्रेस की रामी और भाजपा की सोवनी के बीच मुकाबला है। वल्लभनगर का अध्यक्ष पद ST महिला के लिए आरक्षित है। मावली और कानोड़ में शुरुआत से ही दो-दो मावली और कानोड़ में मुकाबले में कोई बड़ी छंटनी नहीं हुई। मावली में कांग्रेस की पुष्पा कुमारी और भाजपा के राकेश कुमार मीणा आमने-सामने हैं। वहीं कानोड़ में कांग्रेस के रोनक स्वर्णकार और भाजपा के शिवकुमार सोनी अध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं। मावली का पद ST ओपन, जबकि कानोड़ का पद OBC ओपन है। उदयपुर नगर निगम में भी दो ही चेहरे सबसे बड़ा मुकाबला उदयपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए है। यहां नामांकन की शुरुआत से ही केवल दो प्रत्याशी थे—भाजपा के पारस सिंघवी और कांग्रेस की डॉ. पूनम कुंवर। इसलिए यहां नाम वापसी से मुकाबले की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ। उदयपुर का महापौर पद अनारक्षित है। एक नजर में अध्यक्ष पद की पूरी तस्वीर निकायशुरुआत में नामांकनअब मैदान मेंमुकाबलाउदयपुर नगर निगम22BJP vs कांग्रेसभीण्डर62BJP vs कांग्रेसफतहनगर-सनवाड़52BJP vs निर्दलीयवल्लभनगर42BJP vs कांग्रेसमावली22BJP vs कांग्रेसकानोड़22BJP vs कांग्रेसकुल21126 सीधे मुकाबले राजनीतिक तस्वीर का सबसे अहम पहलू यह है कि 6 निकायों में से 5 जगह भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं, जबकि फतहनगर-सनवाड़ में कांग्रेस प्रत्याशी के नाम वापस लेने के बाद भाजपा और निर्दलीय के बीच मुकाबला रह गया है। भीण्डर में सबसे ज्यादा 4 नाम वापस होने से वहां का मुकाबला सबसे ज्यादा सिमटा है। वहीं वल्लभनगर में भाजपा के तीन दावेदारों में से दो के हटने के बाद पार्टी का मुकाबला कांग्रेस के एक प्रत्याशी से रह गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जयसमंद में मछुआरों को मिला योजनाओं और आधुनिक मत्स्य कारोबार का मंत्र, 62 सदस्यों ने लिया ‘एक्वा रीच’ में हिस्सा