जयपुर, 18 सितंबर। सेंट्रल पार्क की पार्किंग से चार्टर्ड अकाउंटेंट के अपहरण की कोशिश का जयपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अशोक नगर थाना पुलिस ने करीब 1,000 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर वारदात में शामिल 4 दोस्तों की पूरी कड़ी जोड़ी और इनमें से 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार चौथा आरोपी अभी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल 2 बाइक, इलेक्ट्रिक स्कूटी, नकली पिस्टल और चाकू बरामद किए गए हैं। मामला 10 सितंबर का है। 50 वर्षीय CA राजीव गुप्ता सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए सेंट्रल पार्क पहुंचे थे। पार्किंग के पास दो बदमाशों ने हथियार के दम पर उन्हें उनकी ही मर्सिडीज में बैठाकर अगवा करने की कोशिश की। राजीव गुप्ता ने विरोध करते हुए चलती कार का गेट खोलकर दोनों पैर बाहर निकाल दिए। इसी दौरान बदमाशों से संघर्ष हुआ और कार आमेर थाना क्षेत्र में दो वाहनों से टकराने के बाद कच्चे रास्ते पर नाले में पलट गई। हादसे के बाद दोनों बदमाश कार छोड़कर भाग निकले। आमेर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर CA को सुरक्षित बाहर निकाला और मर्सिडीज बरामद कर ली। इसके बाद अशोक नगर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू हुई। फर्जी नंबर प्लेट से शुरू हुई पुलिस की जांच DCP साउथ राजर्षिराज वर्मा के अनुसार जांच की सबसे अहम कड़ी CCTV फुटेज बनी। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों के करीब 1,000 फुटेज खंगालते हुए संदिग्ध बाइक की आवाजाही का रूट निकाला। जांच में पता चला कि एक आरोपी बाइक से सेंट्रल पार्क के पास आया था और अपने दो साथियों को वहां छोड़कर चला गया था। बाइक पर लगी नंबर प्लेट की जांच हुई तो वह फर्जी निकली। वारदात के बाद दोनों आरोपी पैदल आमेर की पहाड़ियों की तरफ निकल गए। वहां से बाहर आने के लिए उन्होंने अपने तीसरे साथी से संपर्क किया। साथी ने उनके लिए कैब बाइक बुक कर भेजी। पुलिस CCTV के सहारे फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक को ट्रैक करते हुए आगरा रोड तक पहुंची, लेकिन वहां से तत्काल कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। पहले भी सेंट्रल पार्क की रेकी कर चुके थे जांच में सामने आया कि यह अचानक किया गया अपराध नहीं था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब 1 महीने पहले से सेंट्रल पार्क में आने वाले ऐसे लोगों पर नजर रखना शुरू कर दिया था, जो उन्हें अकेले और आर्थिक रूप से सक्षम दिखाई देते थे। चेतन शर्मा ने इलेक्ट्रिक स्कूटी से पार्क की रेकी भी की थी। पुलिस के मुताबिक CA के अपहरण से करीब 10 दिन पहले भी आरोपी सेंट्रल पार्क पहुंचे थे। उस दिन भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें मौका नहीं मिला। कई घंटे इंतजार करने के बाद वे वापस लौट गए। इसके बाद 10 सितंबर को उन्होंने दोबारा वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। प्लान था—कार में ही ले जाकर फिरौती मांगने का पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चारों दोस्तों ने CA को उसकी ही कार में अगवा कर नाई की थड़ी स्थित ठिकाने पर ले जाने की योजना बनाई थी। इसके बाद परिवार को फोन कर मोटी फिरौती मांगने और रकम मिलने पर CA को छोड़ने का प्लान था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कर्ज चुकाने और मौज-मस्ती के लिए पैसा जुटाने के उद्देश्य से अपहरण की साजिश रची गई थी। कौन-कौन पकड़ा गया? पुलिस ने बस्सी थाना क्षेत्र के पोतली गांव निवासी चेतन शर्मा उर्फ लाला (24), हनुमान प्रजापत (23) और खो नागोरियान थाना क्षेत्र के नूर नगर लुनियावास, गोनेर रोड निवासी जैनुल खान (23) को गिरफ्तार किया है। चौथे आरोपी की तलाश जारी है। जांच में यह भी सामने आया कि चेतन शर्मा पहले डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता था। उसके पिता लंबे समय से बीमार बताए गए हैं। हनुमान प्रजापत और जैनुल खान कपड़े की दुकान पर काम करते थे। पुलिस के अनुसार चारों की आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियां ठीक नहीं थीं। पुलिस ने चेतन शर्मा के बारे में यह भी बताया कि वह पहले खो नागोरियान इलाके के एक किडनैपिंग मामले में आरोपी रह चुका है। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। फरार आरोपी की तलाश के साथ पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि साजिश में और कौन लोग शामिल थे और आरोपियों ने संभावित शिकार की पहचान कैसे की थी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हाई सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत धनसिंह की सुरक्षा पर पत्नी ने उठाए सवाल