अयोध्या, 25 जून। राम मंदिर में चढ़ावे और दानपात्रों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में आखिरकार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 18 दिन बाद औपचारिक एफआईआर दर्ज करा दी है। मामले में ट्रस्ट महासचिव के चालक सहित आठ लोगों को नामजद किया गया है। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि शेष पांच को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह मामला 7 जून को सार्वजनिक रूप से सामने आया था, जिसके बाद बढ़ते दबाव और आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। ये हैं नामजद आरोपी एफआईआर में जिन आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडेय शामिल हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद टिन्नू, लवकुश और अनुकल्प को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। एसआईटी जांच में सामने आए थे कई सवाल सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान एसआईटी को दानपात्रों की चाबियां आरोपी टिन्नू के कब्जे में मिली थीं। जांच एजेंसी ने ऐसे करीब 150 कर्मचारियों और सेवादारों को भी चिन्हित किया था, जिनकी आर्थिक स्थिति में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। हालांकि, एफआईआर में केवल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इससे पहले यह चर्चा थी कि एसआईटी की प्रारंभिक जांच में कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों और ट्रस्ट से जुड़े अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की गई है। लेकिन दर्ज मुकदमे में उनके नाम शामिल नहीं किए गए हैं। एफआईआर के बाद जांच के दायरे को लेकर उठे सवाल एफआईआर दर्ज होने के बाद विभिन्न धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कई पक्षों ने जांच का स्वागत किया है, वहीं कुछ नेताओं और संगठनों ने मांग की है कि जांच का दायरा व्यापक किया जाए और यदि किसी उच्च पदस्थ व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो। विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि एफआईआर दर्ज होना सकारात्मक कदम है, लेकिन जिन लोगों के नाम अभी मुकदमे में नहीं हैं, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को शीघ्रता से साक्ष्य जुटाकर आरोपपत्र दाखिल करना चाहिए ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके। राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज मामले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार और ट्रस्ट प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में बड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। वहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि एसआईटी जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उनका दावा है कि सरकार मामले की निगरानी कर रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। चंपत राय के इस्तीफे की अटकलों का खंडन दिनभर सोशल मीडिया पर ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर चर्चाएं चलती रहीं, लेकिन ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इन दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही सूचनाएं भ्रामक हैं। ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। आगे क्या? एफआईआर दर्ज होने और शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद अब नजर पुलिस और एसआईटी की अगली कार्रवाई पर टिकी है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, दानपात्रों की निगरानी व्यवस्था, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और दान से जुड़े किसी भी प्रकार के कथित घोटाले की जांच न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील मानी जा रही है। आने वाले दिनों में एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट और पुलिस जांच इस मामले की दिशा तय करेगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खबर: 7 करोड़ लोगों को मिलेगा 8.25% ब्याज, इसी महीने खाते में आएगा पैसा