° नागौर में 6 पिस्टल व 24 कारतूसों के साथ हथियार सप्लायर समेत 4 गिरफ्तार, टोंक में ₹2 करोड़ की ठगी करने वाले 11 साइबर ठग दबोचे° कोटपूतली में ₹500 के नकली नोट सप्लाई करने वाला मुख्य सरगना हरियाणा से गिरफ्तार; दौसा में ₹15,000 के इनामी हिस्ट्रीशीटर सहित ब्लाइंड मर्डर का खुलासा जयपुर, 28 अगस्त। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। अलग-अलग जिलों में पुलिस ने एक ही दिन में अवैध हथियारों की तस्करी, संगठित साइबर ठगी, जाली नोटों की सप्लाई और ब्लाइंड मर्डर जैसे गंभीर मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। नागौर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़ और दौसा पुलिस की इन कार्रवाइयों में जहां हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी गई, वहीं करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश, जाली नोटों के मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी और अज्ञात शव के सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया गया। नागौर में हथियार सप्लायर समेत 4 गिरफ्तार, 6 पिस्टल और 24 कारतूस बरामद नागौर जिले में निकाय चुनावों के मद्देनजर अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में थाना खाटूबड़ी पुलिस एवं डीएसटी नागौर ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार सप्लायर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 अवैध पिस्टल मय मैगजीन और 24 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।जिला पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक जतिन जैन एवं वृताधिकारी जायल संजीव चौहान के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। डीएसटी की सूचना पर पुलिस ने हथियार सप्लायर ओमप्रकाश देहड़ू को पकड़ा। पूछताछ में उसके द्वारा हथियार बेचने की जानकारी सामने आने पर पुलिस ने अलग-अलग टीमें भेजकर खरीदारों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों में ओमप्रकाश देहड़ू (38), सुरेश राहड़ (32), श्रवणराम (36) और ओमप्रकाश (34) निवासी खाटूबड़ी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग स्थानों पर कुल छह पिस्टल और 24 कारतूस बरामद किए गए। मामले में थाना खाटूबड़ी पर आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी है। टोंक में करीब 2 करोड़ की साइबर ठगी का नेटवर्क ध्वस्त, 11 अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार टोंक जिले में डीएसटी टीम और थाना दत्तवास की संयुक्त कार्रवाई में संगठित साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 11 अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। जिला पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी सिम कार्ड, फर्जी बैंक खातों और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी करते थे।प्रारंभिक जांच में इस गिरोह द्वारा करीब 2 करोड़ रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। साइबर अपराध में 399 सिम कार्ड के इस्तेमाल का पता चला है और एनसीआरपी पोर्टल पर आरोपियों के खिलाफ 81 शिकायतें दर्ज होना सामने आया है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 37,210 रुपये की साइबर ठगी की राशि, दो बोलेरो, एक स्विफ्ट कार और 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा आईफोन-17 प्रो, सैमसंग अल्ट्रा सहित एंड्रॉयड मोबाइल, लैपटॉप और चार एटीएम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश एवं अनुसंधान जारी है। कोटपूतली में जाली नोटों की गैंग का मुख्य सरगना हरियाणा से गिरफ्तार कोटपूतली पुलिस ने जाली नोटों की सप्लाई करने वाली गैंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके मुख्य सरगना संजीव अहलावत को झज्जर, हरियाणा से गिरफ्तार किया है।जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के निर्देश पर 23 अगस्त को कोटपूतली से बरामद हुई 500-500 रुपये के कुल 67,500 रुपये के जाली नोटों के मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने पहले निशीकान्त गुप्ता और राहुल सैनी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 24 अगस्त को जाली नोट सप्लाई करने वाले चिराग भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया।अनुसंधान में सामने आए तथ्यों और आसूचना के आधार पर पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना संजीव अहलावत को 28 अगस्त को झज्जर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे जाली नोटों के निर्माण करने वालों तथा गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के संबंध में पूछताछ कर रही है। दौसा में अज्ञात शव के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, 800 किमी की पड़ताल के बाद आरोपी गिरफ्तार दौसा जिले के थाना मण्डावर पुलिस ने 15 अगस्त को खेडली कला के जंगल में मिले राहुल उर्फ भानू मीना के शव के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल और पुलिस उप अधीक्षक महवा अनूप सिंह के सुपरविजन में थाना मण्डावर की टीम ने लगातार जांच की। अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने करीब 800 किलोमीटर का सफर तय किया तथा तकनीकी संसाधनों और साइबर विश्लेषण का सहारा लिया।जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को मुख्य घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर बाजरे के खेत में डाल दिया था। आरोपियों ने मृतक का शव ऐसे स्थान पर रखा, जिससे उसका शक पूर्व में मृतक से विवाद करने वाले व्यक्ति और उसके परिवार पर जा सके।पुलिस ने सुरेश उर्फ सुर्रा मीना (56) और शेरसिंह उर्फ शेरू मीना (19) निवासी खोखर थाना खेड़ली जिला अलवर को गिरफ्तार किया है। सुरेश उर्फ सुर्रा थाना खेडली, अलवर का हिस्ट्रीशीटर है। मामले में एक महिला के विरुद्ध भी विधि अनुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस अब हत्या के कारणों और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on 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