24 News Update उदयपुर। राजस्थान सरकार की राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) योजना में किए गए हालिया बदलावों का राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ ने विरोध किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं प्रदेश महामंत्री इंजीनियर अरविंद कौशल ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि नए प्रावधानों से कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को सरल, सहज और कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि RGHS जैसी जनकल्याणकारी योजना को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने के बजाय इसमें आधार बायोमेट्रिक अनिवार्यता, अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया और अन्य तकनीकी जटिलताएं जोड़ने से आम कर्मचारी एवं वरिष्ठ पेंशनर्स के लिए इलाज की प्रक्रिया कठिन हो रही है। उन्होंने कहा कि RGHS को बीमा आधारित व्यवस्था के अधीन लाने और पूर्व की सरल व्यवस्था में बदलाव करने से योजना के मूल उद्देश्य पर असर पड़ेगा।महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार भटनागर, डॉ. अरुण कुमार शर्मा, डॉ. आर.एस. चावड़ा, मनफूल मांगलिया एवं मूलचंद जाट ने कहा कि वृद्ध पेंशनर्स, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों और दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लाभार्थियों के लिए आधार बायोमेट्रिक जैसी अनिवार्यताओं से व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न होंगी।उन्होंने बताया कि कई बार तकनीकी खराबी, नेटवर्क समस्या, फिंगरप्रिंट सत्यापन में असफलता या अस्पताल स्तर की प्रक्रिया में देरी के कारण मरीजों को समय पर उपचार मिलने में परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवा में ऐसी जटिल व्यवस्थाएं वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।महासंघ के प्रदेश सचिव डॉ. भारत सिंह भीमावत, नेमाराम जाट, मोहनलाल चांगवाल, डॉ. भूपेंद्र उपाध्याय, महावीर शर्मा एवं प्रदेश संगठन मंत्री एस.बी. सहाय ने कहा कि RGHS का उद्देश्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को सम्मानजनक, पारदर्शी और समय पर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करवाना था, लेकिन हाल के बदलावों से लाभार्थियों के सामने अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएं खड़ी हो रही हैं।उन्होंने कहा कि कैशलेस सुविधा के लिए बार-बार सत्यापन, तकनीकी प्रक्रियाओं और नई व्यवस्थाओं के कारण मरीजों एवं उनके परिजनों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को स्वास्थ्य सुविधा को आसान बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उसे और जटिल बनाना चाहिए।महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों एवं पेंशनर्स ने अपने सेवाकाल में राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सम्मानजनक और बाधारहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी बदलाव से पहले कर्मचारी संगठनों एवं पेंशनर्स प्रतिनिधियों से चर्चा की जानी चाहिए थी।महासंघ ने राजस्थान सरकार से मांग की है कि RGHS में किए गए हालिया आदेशों पर पुनर्विचार कर उन्हें वापस लिया जाए, बीमा कंपनी आधारित जटिलताओं को समाप्त किया जाए और कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को पूर्व की तरह सरल, पारदर्शी एवं वास्तविक कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation MLSU में बीए फर्स्ट सेमेस्टर की ड्राफ्ट मेरिट लिस्ट जारी, 23 जून तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति प्रतापनगर पुलिस की कार्रवाई: MLSU के आसपास घूमने वाले तीन मनचले गिरफ्तार, कार जब्त