24 News Update उदयपुर, भगवत समर्पण सेवा संस्थान, वृन्दावन एंव श्री श्याम सेवा ट्रस्ट उदयपुर के तत्वावधान मे माहेश्वरी सेवा सदन, पुष्कर मे आयोजित आठ दिवसीय अष्टोत्तरशत श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तृतीय दिवस को 125 यजमान जोडों ने 125 वृन्दावन के विद्वान पण्डितों के समक्ष विराजकर अपने पितृ देवो के निमित्त भागवत भगवान की पुजा अर्चना की।वृन्दावन के सुप्रसिद्ध भागवत उपासक आचार्य श्री ब्रजेश जी महाराज के सानिध्य मे,श्री श्याम सेवा ट्रस्ट उदयपुर के अध्यक्ष शशिकांत खेतान के नेतृत्व मे प्रातःकाल छ से बारह बजे तक आयोजित इस महामहोत्सव मे वृन्दावन के 125 विद्वान पण्डितों ने भागवत का मूल पाठ किया। इसी के साथ दुसरी ओर उपस्थित पण्डितों व भक्तो ने श्रावण मास मे आठो दिन गगांजल चिकनी मिट्टी से सवा लाख पार्थिव शिवलिंग के निर्माण,(कुल सवा पांच लाख )सेवा कार्य कर रहे है।। दोपहर दो बजे से सायंकाल छ बजे तक वाटर प्रूफ डोन पाण्डाल के मुख्य मंच पर व्यास पीठ से ब्रजेश महाराज ने भागवत भगवान की पूजा अर्चना कर अध्यक्ष शशिकांत बबीता खेतान, आई. पी. एस योगेश गोयल, श्रीमती लक्ष्मी ऐन.एल खेतान ने भागवत की आरती की।भागवत माहात्म्य को बहुत सुंदर और शास्त्रोक्त उद्धरणों से सरल भाषा मे बताया कि तीर्थराज ब्रह्म कुण्ड ब्रह्म सरोवर, जगत पिता ब्रह्मा जी की जन्म व कर्म स्थली सतयुग का प्रथम तीर्थ स्थल है। जहां से ब्रह्माजी ने मृत्युलोक की रचना की थी। पुष्कर मे वास, जपतप करना स्नान, पूजा-पाठ, दान करना स्वर्ग के देवताओ को भी दुर्लभ होते है। जो करोडों गुणा फलदायी है। पुष्कर राज तो अन्य समस्त तीर्थो को भी पवित्र कर देता है।जो तीर्थो के गुरु के रूप मे विख्यात है। जहां समस्त तीर्थों का फल मिलता है। भागवत श्रवण सभी पापों को मिटाते है। जो सम्पूर्ण जगत के लिए कल्याणकारी है। यह मन को पवित्र करने का तथा भगवान को प्राप्त करने का साधन है।” निर्मल मन जन मोहि पावा…” जिसके स्मरण श्रवण मात्र से मन आनंदित हो जाता है।कथा के बीच बीच मे वृन्दावन के ही गायकों ने संगतकार के साथ सन्दर्भित भजनों से आनंदित कर महिलाओं को नाचने को मजबूर कर दिया। नैमिषारण्य, राजा परीक्षित, ध्रुव चरित्र, जड भरत चरित्र, प्रहलाद तथा अजामिल चरित्र आदि की कथा का सुन्दर चित्रण किया।पुष्कर राज को 1800 मीटर पगड़ी पहनाई।:अगले दिन प्रात: ढोल नगाड़े शंख खरताल के उद्घोष के साथ तीर्थराज पुष्कर जी के 52 सरोवर घाटों की परिक्रमा करते हुए 1800 मीटर लम्बाई की लहरिया प्रिंट की कतारबद्ध खड़े होकर पगड़ी ओढाई, तो आस्था का सैलाब उमड पडा। इससे पूर्व तीर्थ पुरोहित संघ ने ब्रजेश महाराज और शशिकांत खेतान का अभिनन्दन किया।सायंकाल आरती पश्चात प्रतिदिन साढे छ बजे से आठ बजे तक विद्वान पण्डितों तथा भक्तों के हाथों से निर्मित किये गये सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक तथा रुद्राभिषेक किया जा रहा है। रात्रि मे सावन मास मे खाटूश्याम झूलोत्सव मे केमिता राठौड, अंजलि चिराग आचार्य एंव सरमेश राठौड ने झूलोत्सव के भजन गाये। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आबकारी विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारी सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त, आयुक्त नमित मेहता ने दी भावी जीवन की शुभकामनाएं वल्लभनगर में डबल मर्डर से दहशत, घर में मां-बेटी की धारदार हथियार से हत्या, लूट के एंगल पर जांच